Rajasthan

आहोर के चर्चित भूमि विवाद में नया मोड़, हाईकोर्ट ने बेचान-नामांतरण पर लगाई रोक, तहसीलदार-सरपंच तलब

Last Updated:August 20, 2026, 09:31 IST

Ahor Municipality Land Dispute: जालोर के आहोर नगर पालिका से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के भूमि विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से मामला गरमा गया है. हाईकोर्ट ने विवादित जमीन के बेचान और नामांतरण पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने पहले पारित आदेशों के अमल पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगाई है. मामले में तहसीलदार, सरकारी वकील और तत्कालीन आहोर सरपंच सहित कई लोगों को तलब किया गया है. कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कथित सरकारी भूमि को बिना सक्षम सहमति निजी व्यक्ति के पक्ष में रजिस्ट्री कैसे की गई और सरकारी पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी क्यों नहीं हुई. सार्वजनिक जमीन बचाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने के आरोपों को लेकर सरकारी अधिवक्ताओं के संबंध में बार काउंसिल को नोटिस जारी किया गया है. शिवसेना यूबीटी जिला प्रमुख रूप राजपुरोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाईकोर्ट की कार्रवाई की जानकारी दी. अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी.

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सरकारी जमीन की रजिस्ट्री पर हाईकोर्ट नाराज, तहसीलदार-सरपंच समेत कई तलबZoom जालोर के आहोर नगर पालिका से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के भूमि विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से मामला गरमाया

जालोर. आहोर नगर पालिका की विवादास्पद करीब 100 करोड़ रुपये की भूमि से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है. सरकारी जमीन को कथित तौर पर बिना सक्षम सहमति के निजी व्यक्ति के पक्ष में रजिस्ट्री किए जाने और सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में प्रभावी पैरवी नहीं किए जाने को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है. कोर्ट ने मामले में पहले पारित अपने आदेशों के अमल पर रोक लगाते हुए संबंधित भूमि के बेचान और नामांतरण पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, सरकारी पक्ष के अधिवक्ता और तत्कालीन आहोर सरपंच सहित कई जिम्मेदार लोगों को तलब किया है. वहीं, सार्वजनिक भूमि को बचाने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं करने के आरोपों को लेकर सरकारी पक्ष के अधिवक्ताओं के संबंध में बार काउंसिल और संबंधित अधिवक्ताओं को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद आहोर के चर्चित भूमि विवाद में नया मोड़ आ गया है. शिवसेना यूबीटी के जिला प्रमुख एवं सामाजिक कार्यकर्ता रूप राजपुरोहित की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष मामले से जुड़े दस्तावेज पेश किए गए थे. इन दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने भूमि विवाद को गंभीरता से लिया और मामले में संबंधित अधिकारियों तथा अन्य जिम्मेदार पक्षों को तलब करने के निर्देश दिए. आरोप है कि सरकारी जमीन को सक्षम स्तर से आवश्यक सहमति लिए बिना निजी व्यक्ति के पक्ष में रजिस्ट्री कर दी गई. इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में पैरवी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.

सरकारी भूमि के संरक्षण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, संबंधित पक्षों से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने सरकारी भूमि के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है. कोर्ट की कार्रवाई में तहसीलदार, सरकारी वकील और तत्कालीन आहोर सरपंच समेत कई लोगों को तलब किया गया है. साथ ही सार्वजनिक भूमि को बचाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सरकारी पक्ष के अधिवक्ताओं के संबंध में बार काउंसिल को भी नोटिस जारी किया गया है. मामले में 3 नवंबर 2025 को पारित आदेश को लेकर भी हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. उक्त आदेश के अमल पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही विवादित भूमि के बेचान और नामांतरण पर भी रोक रहेगी. इससे फिलहाल भूमि से जुड़े किसी भी तरह के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर विराम लग गया है.

सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी

शिवसेना यूबीटी के जिला प्रमुख रूप राजपुरोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है. ऐसे मामलों में यदि नियमों की अनदेखी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने हाईकोर्ट की कार्रवाई को सार्वजनिक भूमि के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. अब मामले की अगली सुनवाई में तलब किए गए अधिकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब पर सबकी नजर रहेगी. हाईकोर्ट के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होगा कि विवादित भूमि को लेकर आगे क्या कानूनी स्थिति बनती है. फिलहाल कोर्ट की रोक के चलते भूमि के बेचान और नामांतरण पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Jalor,Rajasthan

First Published :

August 20, 2026, 09:31 IST

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