अब कीचड़ की जरूरत खत्म! रविंद्र काबरा के इस जादुई ट्रिक से घर के गमले में खिलाइए खूबसूरत कमल

पाली. कौन कहता है कि कीचड़ में खिलने वाला कमल घर के गमले में नहीं खिल सकता? अक्सर जब भी हम घर में गार्डनिंग करते हैं, तो मन में यह सवाल जरूर आता है. हम गुलाब, गेंदा, चमेली जैसे हर तरह के पौधे तो लगा लेते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ की आती है… तो यह सोचकर मन मार लेते हैं कि कमल तो सिर्फ बड़े तालाबों या कीचड़ में ही उग सकता है. मगर अब आपको अपना मन मारने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि हर वक्त पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति की बात करने वाले, जाने-माने पर्यावरण प्रेमी रविंद्र काबरा ने लोगों को जादुई ट्रिक दी है.
इस ट्रिक की मदद से आपके घर की बालकनी या छत पर रखा गमला भी खूबसूरत कमल के फूलों से महक उठेगा. रविंद्र काबरा की यह आसान सी तरकीब आज सोशल मीडिया से लेकर बागवानी के शौकीनों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. रविंद्र काबरा स्वयं अपने जवाई स्थित गोकुल वेली में बहुत सारे कमल खिला चुके है और चाहते भी है कि लोग भी इसको अपनाकर अपना सपना पुरा कर सके. तो कैसे आप भी अपने घर के एक छोटे से गमले को कमल के तालाब में बदल सकते हैं और इसके पीछे की सही तकनीक क्या है? आइए जानते हैं हमारी इस विशेष रिपोर्ट में…
अब घर के गमले में खिलेगा राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल
घर की खूबसूरती बढ़ाने और प्रकृति से जुड़ाव रखने के लिए लोग तरह-तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन कमल का पौधा लगाने की हिम्मत कम ही लोग जुटा पाते हैं. पर्यावरण प्रेमी रविंद्र काबरा ने लोगों की इसी हिचक को दूर करते हुए घर पर ही गमले में कमल उगाने का एक बेहद सरल और अचूक तरीका साझा किया है. उनके अनुसार, सही तकनीक और थोड़ी सी देखभाल से कोई भी व्यक्ति अपने घर में कमल खिलाकर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के खूबसूरत रंग घोल सकता है.
कैसे तैयार करें कमल के लिए परफेक्ट सेटअप
रविंद्र काबरा ने बताया कि घर में कमल उगाने के लिए आपको एक विशेष ‘टू-पॉट’ तकनीक का इस्तेमाल करना होगा, जो बहुत आसान है. सबसे पहले आपको एक 12 इंच का बड़ा गमला या टब लेना है, जो पूरी तरह से वॉटर-प्रूफ हो और जिसमें पानी भरा जा सके. इसके बाद एक छोटा 8 इंच का गमला लें. इस छोटे गमले में 70 प्रतिशत काली चिकनी मिट्टी और 30 प्रतिशत जैविक खाद को अच्छी तरह मिक्स करके भर दें. अब इस मिट्टी के अंदर कमल की गांठ को सुरक्षित तरीके से रोप दें. इसके बाद, इस छोटे 8 इंच के गमले को उठाकर बड़े 12 इंच वाले गमले के ठीक बीच में रख दें और बड़े गमले को ऊपर तक पानी से पूरा भर दें.
कमल का सबसे बड़ा भोजन है ‘कड़क धूप’
काबरा के अनुसार, कमल को उगाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका धूप की होती है. कमल एक ऐसा पौधा है जो बिना धूप के सर्वाइव नहीं कर सकता. धूप से ही पौधे में फोटोसिंथेसिस होगा और कमल की कली खिलेगी. इसलिए इस गमले को घर के ऐसे कोने, छत या बालकनी में रखें जहां दिनभर अच्छी और सीधी धूप आती हो. इसके साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जैसे ही बड़े गमले का पानी धूप के कारण कम होने लगे, उसमें समय-समय पर ताजा पानी डालते रहें. काली मिट्टी, सही खाद और पर्याप्त पानी ही कमल के जीवन की संजीवनी है.
कमल का सही मौसम और यह गलतफहमी जो करे दूर
अक्सर लोग कमल का पौधा लगाते तो हैं, लेकिन मौसम के चक्र को न समझने के कारण उसे खराब मानकर फेंक देते हैं. रविंद्र काबरा ने इस संबंध में एक बहुत बड़ी गलतफहमी को दूर किया है. कमल का अनुकूल मौसम: जब सर्दियां खत्म होती हैं और गर्मी की शुरुआत होती है, यानी मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अक्टूबर महीने तक का समय कमल खिलने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है.
रखें सब्र, अप्रैल में दोबारा होगा चमत्कार
अक्टूबर के बाद जैसे ही ठंड बढ़ती है, कमल के पौधे के सारे पत्ते धीरे-धीरे गलकर खत्म हो जाते हैं. गमले में एक भी पत्ता नहीं बचता. ऐसे में अधिकांश लोग सोचते हैं कि उनका कमल का पौधा पूरी तरह मर चुका है और वे उसे उखाड़कर बाहर फेंक देते हैं. रविंद्र काबरा की सलाह है कि सर्दियों में पत्ते खत्म होने पर भी गमले को बिल्कुल न छुएं और उसे अप्रैल तक वैसे ही रहने दें. जैसे ही मौसम में दोबारा थोड़ी गर्मी आएगी, उस सूखी सी दिखने वाली मिट्टी से अपने आप नन्हे-नन्हे हरे पत्ते बाहर निकलने शुरू हो जाएंगे और आपका कमल का पौधा एक बार फिर नई जिंदगी के साथ मुस्कुराने लगेगा.



