ऑयली फूड मतलब बीमारी! रोज ज्यादा तेल वाला खाना खाने से क्या होता है? जानें सेहत को होने वाले 5 बड़े नुकसान

Last Updated:June 26, 2026, 19:18 IST
भारत में करीब 38 प्रतिशत लोग नियमित रूप से तले हुए स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जबकि केवल 28 प्रतिशत लोग ही संतुलित आहार लेते हैं. यदि आप भी रोजाना ऑयली फूड खाते हैं, तो यहां इससे होने वाले नुकसान के बारे में जान लीजिए.
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भारतीय खाने में तेल का इस्तेमाल लगभग हर डिश में होता है. तड़का लगाने से लेकर पूरी, पकौड़े और समोसे जैसे डीप फ्राई व्यंजन तक, तेल के बिना खाना अधूरा-सा लगता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा तला-भुना और ऑयली खाना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक अधिक तेल वाला भोजन खाने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में करीब 38 प्रतिशत लोग नियमित रूप से तले हुए स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जबकि केवल 28 प्रतिशत लोग ही संतुलित आहार लेते हैं, जिसमें फल, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शामिल होता है. पिछले कुछ वर्षों में हाई कैलोरी और ऑयली फूड खाने का चलन तेजी से बढ़ा है. यदि आप भी रोजाना ऑयली फूड खाते हैं, तो यहां इससे होने वाले नुकसान के बारे में जान लीजिए.
ऑयली फूड खाने के साइड इफेक्ट
पाचन में गड़बड़ीबहुत ज्यादा ऑयली खाना सबसे पहले पाचन तंत्र को प्रभावित करता है. इसे पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके कारण पेट भारी लगना, गैस, एसिडिटी, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
मूड पर भी पड़ सकता है असरज्यादा तला-भुना भोजन केवल पेट ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है. प्रोसेस्ड और फ्राई फूड में मौजूद अनहेल्दी ट्रांस फैट शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिससे दिमाग के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. कुछ शोधों में ऐसे लोगों में तनाव, चिंता और डिप्रेशन के लक्षण अधिक पाए गए हैं, जो नियमित रूप से फ्राइड फूड खाते हैं.
मोटापा और दिल की बीमारी का खतराऑयली फूड में कैलोरी अधिक होती है, लेकिन जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं. ऐसे भोजन का लगातार सेवन करने से वजन तेजी से बढ़ सकता है और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा ज्यादा तेल खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ सकता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है. इससे धमनियों में चर्बी जमा होने लगती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
फैटी लिवर- डायबिटीज का जोखिमलंबे समय तक अधिक तला-भुना भोजन खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकती है, जो टाइप-2 डायबिटीज का एक बड़ा कारण है. साथ ही, जरूरत से ज्यादा ऑयली डाइट फैटी लिवर जैसी समस्या को भी बढ़ावा दे सकती है.
कैसे करें बचाव?अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो रोजाना तला-भुना खाना खाने से बचें. डीप फ्राई की जगह बेक्ड, ग्रिल्ड या स्टीम्ड भोजन चुनें. साथ ही अपनी डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें और हेल्दी फैट्स शामिल करें. छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप अपनी सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकते हैं.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



