Okra Farming I 1 हजार बीघा से ज्यादा जमीन पर भिंडी की खेती, भरतपुर के किसानों की दूर-दूर तक पहचान

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20 साल से भिंडी उगा रहे भरतपुर के किसान, दिल्ली से यूपी तक बनी फसल की मांग
Last Updated:October 21, 2026, 12:39 IST
Agriculture News: भरतपुर के सुनारी, ठेई और बुरावई गांवों में 1 हजार बीघा से ज्यादा जमीन पर भिंडी की खेती हो रही है. करीब 20 साल से किसान इस फसल से कमाई कर रहे हैं, यहां की भिंडी की मांग दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक बनी हुई है.
भरतपुर. जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जियों की खेती से भी अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं. जिले के सुनारी, ठेई और बुरावई गांवों में भिंडी की खेती किसानों के लिए कमाई का एक प्रमुख जरिया बन रही है. इन गांवों में करीब एक हजार बीघा से अधिक जमीन पर भिंडी की खेती की जा रही है. यहां पैदा होने वाली भिंडी की मांग दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक बनी रहती है. यही वजह है कि इन गांवों को अब भिंडी उत्पादक गांवों के रूप में पहचान मिलने लगी है. भरतपुर के इन गांवों में पिछले करीब 20 वर्षों से किसान भिंडी की खेती कर रहे हैं. समय के साथ किसानों का रुझान इस फसल की ओर बढ़ा है, यहां बड़ी संख्या में किसान कई-कई बीघा जमीन पर भिंडी उगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं.
किसानों के अनुसार भिंडी की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा कमाने का अवसर मिलता है. यही कारण है.कि क्षेत्र में भिंडी की खेती का दायरा लगातार बढ़ा है, भिंडी की मांग आसपास के बाजारों तक ही सीमित नहीं है. बल्कि यहां से उत्पाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बाजारों तक पहुंचता है. दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंच होने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के अवसर मिलते हैं, हालांकि किसानों की आमदनी फसल के उत्पादन बाजार में मिलने वाले भाव और खेती पर होने वाले खर्च पर भी निर्भर करती है.
भिंडी की खेती करने वाले किसान रोहताश ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सुनारी, ठेई और बुरावई क्षेत्र में किसान बड़े स्तर पर भिंडी की खेती कर रहे हैं. यहां एक हजार बीघा से भी अधिक जमीन पर भिंडी उगाई जा रही है उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब 20 वर्षों से किसान इस फसल की खेती करते आ रहे हैं. इससे उन्हें अच्छा मुनाफा देखने को मिलता है. भरतपुर के इन गांवों में भिंडी की खेती अब किसानों की आर्थिक गतिविधियों का अहम हिस्सा बन चुकी है. स्थानीय स्तर पर खेती को मिली पहचान और दिल्ली-उत्तर प्रदेश तक पहुंचती उपज ने इन गांवों को खास पहचान दिलाई है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 21, 2026, 12:39 IST



