टीबी के खिलाफ जंग में पाली ने मारी बाजी, राजस्थान में मिला दूसरा स्थान; 183 ग्राम पंचायतें हुई संक्रमण मुक्त

Last Updated:April 18, 2026, 10:48 IST
Pali Ranks 2nd In Rajasthan TB Elimination: पाली जिले ने टीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्थान की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. जिले की 183 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में मरीजों की संख्या में 6 प्रतिशत की कमी आई है. डॉ. विकास मारवाल की देखरेख में एक्स-रे जांच में जिला दूसरे और पोषण किट वितरण में छठे स्थान पर रहा है. अब मरीजों को 18 की जगह केवल 6 महीने दवा लेनी पड़ती है, जिससे उपचार प्रक्रिया आसान हुई है. हालांकि शहरी क्षेत्रों में 948 सक्रिय केस अब भी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन बेहतर मॉनिटरिंग से जिला पूर्ण उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है. यह सफलता स्वास्थ्य विभाग की टीम और ग्रामीणों की जागरूकता का परिणाम है.
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पाली. स्वास्थ्य के क्षेत्र में पाली जिले के लिए एक बहुत ही सुखद और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है. टीबी जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ छेड़ी गई जंग में पाली ने राजस्थान के बड़े-बड़े जिलों को पीछे छोड़ते हुए प्रदेश की रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल किया है. यह उपलब्धि चिकित्सा विभाग की सक्रियता और आम जनता की जागरूकता का सुखद परिणाम है. जिले की 259 में से 183 ग्राम पंचायतें अब आधिकारिक तौर पर टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं. जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विकास मारवाल की बेहतर मॉनिटरिंग और उनकी टीम के अथक प्रयासों से पाली ने यह मुकाम पाया है. जहाँ पहले इस बीमारी का इलाज 18 महीने तक चलता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक और नई दवाओं के माध्यम से इसे घटाकर केवल 6 महीने कर दिया गया है, जिससे मरीजों को त्वरित राहत मिल रही है.
ग्राम पंचायतों का शानदार प्रदर्शन और घटते आंकड़ेचिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में पाली जिले की 183 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 124 थी. पिछले दो वर्षों में जिले में टीबी के रोगियों की कुल संख्या में 6 प्रतिशत तक की प्रभावी कमी दर्ज की गई है. टीबी कोऑर्डिनेटर वियांग शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023 में जहाँ 3118 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 2911 तक पहुँच गई है. हालांकि, विभाग के लिए शहरी इलाके अब भी एक चुनौती बने हुए हैं, क्योंकि सर्वाधिक 948 सक्रिय केस वर्तमान में शहर में ही मौजूद हैं, जिनका उपचार निरंतर जारी है.
जांच और पोषण में पाली का दबदबा
पाली जिले ने न केवल संक्रमण दर को कम किया है, बल्कि जांच सुविधाओं और मरीजों की देखभाल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है.
एक्स-रे जांच की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में पाली जिला दूसरे स्थान पर रहा है, जो स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती को दर्शाता है.
इसके अलावा टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध करवाने की श्रेणी में भी जिला प्रदेश में छठे स्थान पर काबिज है.
विभाग का मुख्य ध्यान अब उन क्षेत्रों पर है जहाँ केस ज्यादा हैं, ताकि उन्हें भी जल्द से जल्द टीबी मुक्त किया जा सके.
नई उपचार पद्धति ने मरीजों के लिए दवाइयों का बोझ कम किया है, जिससे इलाज बीच में छोड़ने वाले मामलों में भी भारी गिरावट आई है.
भविष्य की राह और जागरूकतासीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के अनुसार टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान और नियमित उपचार ही इस जंग को जीतने का एकमात्र तरीका है. यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए. पाली जिले की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि प्रशासनिक दृढ़ इच्छाशक्ति और सामुदायिक सहयोग हो, तो किसी भी गंभीर बीमारी को जड़ से मिटाया जा सकता है. जिला अब उस लक्ष्य की ओर अग्रसर है जहाँ प्रत्येक नागरिक स्वस्थ होगा और पाली पूरी तरह टीबी मुक्त जिला बनकर उभरेगा.
पाली जिले ने टीबी नियंत्रण में कौन-सा स्थान हासिल किया है?पाली जिला ने टीबी जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ चल रहे अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान हासिल किया है. यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की मेहनत, बेहतर मॉनिटरिंग और आम जनता की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है.
पाली में कितनी ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं?पाली जिले की कुल 259 ग्राम पंचायतों में से 183 ग्राम पंचायतों को पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है. यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है. यह दर्शाता है कि गांव स्तर पर जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज का बड़ा असर पड़ा है.
टीबी के इलाज में क्या बड़ा बदलाव आया है?ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी के इलाज में बड़ा बदलाव यह आया है कि पहले मरीज को लगभग 18 महीने तक लगातार दवाइयां लेनी पड़ती थीं. लेकिन अब आधुनिक तकनीक और नई दवाओं के कारण यह इलाज केवल 6 महीने में पूरा हो रहा है. इससे मरीजों को जल्दी राहत मिल रही है.
पाली जिले में टीबी मरीजों की संख्या में क्या बदलाव आया है?पाली जिले में टीबी मरीजों की संख्या में लगातार कमी दर्ज की गई है. वर्ष 2023 में जहां 3118 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई थी. वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 2911 रह गई है. यानी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का संकेत है.
अभी भी सबसे ज्यादा टीबी केस कहां पाए जा रहे हैं?हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के मामलों में काफी कमी आई है और कई पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं. लेकिन शहरी इलाकों में अब भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. वर्तमान में शहर में 948 एक्टिव टीबी केस मौजूद हैं. जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
April 18, 2026, 10:48 IST



