प्रफुल्ल हिंगे ने आखिरी ओवर में सीएसके के जबड़े से छीनी जीत… सनराइजर्स हैदराबाद को मिली तीसरी जीत

Last Updated:April 18, 2026, 23:38 IST
Praful hinge hero: प्रफुल्ल हिंगे ने आखिरी ओवर में 18 रन का बखूबी बचाव करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद को जीत दिला दी. सीएसके की टीम 195 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई और मुकाबला गंवा बैठी. हैदराबाद की छह मैचों में यह तीसरी जीत है जबकि चेन्नई की छह मैचों में यह चौथी हार है. 
हैदराबाद ने आखिरी ओवर में चेन्नई को 10 रन से हराया.
नई दिल्ली. सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जिसने दर्शकों की धड़कनें रोक दीं. जब अंतिम ओवर की शुरुआत हुई, तो चेन्नई को जीत के लिए 18 रनों की दरकार थी और गेंद थमी प्रफुल्ल हिंगे के हाथों में. प्रफुल्ल के लिए यह ओवर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था, क्योंकि इससे पहले वह अपने 3 ओवरों में काफी महंगे साबित हुए थे. पहली दो गेंदों पर 3 रन देने के बाद, तीसरी गेंद पर प्रफुल्ल ने एक नो-बॉल डाल दी. समीकरण अब 4 गेंदों में 14 रन और एक फ्री-हिट पर आ खड़ा हुआ. दबाव के उस पहाड़ के नीचे भी प्रफुल्ल ने संयम नहीं खोया. अगली गेंद एक सटीक यॉर्कर थी जिस पर केवल 1 रन आया.
असली रोमांच 19.4 ओवर में आया, जब प्रफुल्ल हिंगे (Praful Hinge) ने जेमी ओवरटन (16 रन) को लियाम लिविंगस्टोन के हाथों कैच आउट कराकर चेन्नई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. अंतिम दो गेंदों पर उन्होंने केवल 2 रन दिए और हैदराबाद को 10 रनों से एक यादगार जीत दिला दी. इस जीत के साथ हैदराबाद अब 6 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है. हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 194/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया था. जवाब में, चेन्नई की टीम 20 ओवरों में 184/8 रन ही बना सकी. प्रफुल्ल हिंगे ने अपने 4 ओवरों के कोटे में 60 रन देकर 1 महत्वपूर्ण विकेट लिया, लेकिन उनका आखिरी ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. इस हार के साथ ही चेन्नई का लगातार दो मैचों से चला आ रहा जीत का सिलसिला भी थम गया.
हैदराबाद ने आखिरी ओवर में चेन्नई को 10 रन से हराया.
सीएसके की ओर से मैथ्यू शॉर्ट ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए जबकि आयुष म्हात्रे 30 रन बनाकर आउट हुए. सरफराज खान ने 25 रन का योगदान दिया वहीं डेवाल्ड ब्रेविस का खाता भी नहीं खुला. संजू सैमसन एक छक्के की मदद से सात रन बनाकर आउट हुए. कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने 19 रन की पारी खेली.
इससे पहले, अभिषेक शर्मा (59 रन) की शानदार शुरुआत के बावजूद हैदराबाद की टीम सीएसके के तेज गेंदबाज जेमी ओवरटन और अंशुल कंबोज की धारदार गेंदबाजी के सामने 9 विकेट पर 194 रन ही बना सकी. अभिषेक और हेनरिक क्लासेन (59 रन) के अर्धशतकों को छोड़ दें तो सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी इकाई ने सीएसके के गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए. सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. अभिषेक (22 गेंद) ने 15 गेंद में अपना एक और अर्धशतक पूरा जिससे लग रहा था कि गायकवाड़ का फैसला उल्टा पड़ गया है.
लेकिन आमतौर पर थोड़े महंगे साबित होने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी (दो ओवर में 21 रन देकर दो विकेट) ने पावरप्ले की आखिरी दो गेंदों पर ट्रेविस हेड (20 गेंद में 23 रन) और कप्तान ईशान किशन (शून्य) को आउट कर करारे झटके दिए. सनराइजर्स हैदराबाद का स्कोर 5.4 ओवर में बिना किसी नुकसान के 75 रन से अचानक छह ओवर के बाद दो विकेट पर 75 रन हो गया. सीएसके को इसी मौके की तलाश थी। पावरप्ले के बाद के ओवर सनराइजर्स हैदराबाद के के बल्लेबाज़ों के लिए काफी मुश्किल भरे रहे जिसमें सिर्फ क्लासेन (39 गेंद) ने अपना एक और अर्धशतक पूरा कर टीम का स्कोर 200 के करीब पहुंचाने में मदद की.
ओवरटन (37 रन देकर तीन विकेट) और कंबोज (22 रन देकर तीन विकेट) ने बीच के और आखिरी ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मेजबान टीम पर पूरी तरह से नकेल कसकर रखी. सनराइजर्स हैदराबाद ने साढ़े चार ओवरों के अंदर अपने चार विकेट नहीं गंवाए होते तो वे आसानी से 225 से 230 रन बना सकते थे. दस ओवर के बाद टीम का स्कोर चार विकेट पर 112 रन हो गया. विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की क्रिकेट सूझबूझ भी टीम के काम आई. उन्होंने ओवरटन की एक शॉर्ट गेंद पर अभिषेक के खिलाफ रिव्यू की अपील की जो मैच का रुख बदलने वाले फैसलों से एक साबित हुआ.
सीएसके के लिए ओवरटन की लेंथ और नूर अहमद (चार ओवर में 33 रन देकर कोई विकेट नहीं) की गेंदबाजी ने क्लासेन और दूसरे बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. नीतीश रेड्डी (12) जैसे भारतीय बल्लेबाज तथा अनकैप्ड खिलाड़ी जैसे अनिकेत वर्मा और सलिल अरोड़ा रन गति नहीं बढ़ा पाए जिससे सारा दबाव क्लासेन पर आ गया. कंबोज की जितनी भी तारीफ की जाए कम है, वह अब ‘राउंड द विकेट’ से तेज वाइड यॉर्कर फेंकने में माहिर हो गए हैं और इसी तरह की एक गेंद पर क्लासेन बोल्ड हो गए. गुरजपनीत सिंह ने भी 12 डॉट गेंदें फेंकीं जिससे मेजबान टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं. आखिरी पांच ओवरों में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम सिर्फ 40 रन ही बना पाई.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 18, 2026, 23:38 IST



