Pawanmuktasana: पवनमुक्तासन कैसे किया जाता है? खाने के बाद होने लगती है गैस-ब्लोटिंग तो रोज करें, जानें फायदे

Last Updated:October 15, 2026, 13:25 IST
Pawanmuktasana Benefits: योग से शरीर से जुड़ी किसी भी परेशानी को शुरुआती स्टेज पर ही खत्म किया जा सकता है. यदि आप अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण कमजोर पाचन, गैस, ब्लोटिंग की समस्या से परेशान हैं, तो पवनमुक्तासन आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है. यहां जानें इसके फायदे और आसान को करने का सही तरीका.
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अनहेल्दी खानपान, कम फीजिकल एक्टिविटी और घंटों एक जगह बैठकर काम करना आज के समय में ज्यादातर लोगों की लाइफस्टाइल बन गयी है. यही चीजें पेट और पाचन से जड़ी परेशानियों की भी जड़ है. ऐसे में खाना खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना और भारीपन महसूस होना आम समस्याएं बन गयी हैं. लेकिन राहत की बात ये है कि आप इसे योग की मदद से ठीक कर सकते हैं. इसके लिए पवनमुक्तासन बेहतरीन पोज माना जाता है.
ये एक ऐसा योगासन है, जिसमें पीठ के बल लेटकर घुटनों को पेट की ओर लाया जाता है. इससे पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है. नियमित रूप से और सही तरीके से इसका अभ्यास करने से पेट और कमर की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं पवनमुक्तासन करने का सही तरीका, इसके फायदे और जरूरी सावधानियां.
पवनमुक्तासन क्या है?पवनमुक्तासन का नाम संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है. इसमें ‘पवन’ का अर्थ हवा, ‘मुक्त’ का अर्थ छोड़ना और ‘आसन’ का अर्थ योग की मुद्रा है. इसे अंग्रेजी में विंड-रिलीविंग पोज भी कहा जाता है. इस आसन में घुटनों को पेट के पास लाकर कुछ समय तक रोका जाता है. इससे पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है. योग में इसे पाचन संबंधी परेशानी और पेट में गैस के कारण होने वाले भारीपन से राहत पाने के लिए उपयोगी माना जाता है.
पवनमुक्तासन करने का सही तरीका
योग मैट बिछाकर उस पर सीधे लेट जाएं. दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के पास रखें.
फिर धीरे-धीरे दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं. अब दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ लें.
अब आराम से घुटनों को पेट की ओर दबाएं. अपनी क्षमता के अनुसार सिर को थोड़ा उठाकर ठोड़ी को घुटनों के पास लाने की कोशिश कर सकते हैं. अगर गर्दन में परेशानी हो, तो सिर जमीन पर ही रखें.
सामान्य रूप से सांस लेते हुए इस मुद्रा में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रुकें. इसके बाद सिर और पैरों को धीरे-धीरे वापस शुरुआती स्थिति में ले आएं.
शुरुआत में 2 से 3 बार इसका अभ्यास करें. शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें और दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं.
पवनमुक्तासन करने के फायदेपेट पर हल्का दबाव पड़ने से कुछ लोगों को गैस निकलने और पेट का भारीपन कम होने में मदद मिल सकती है. इस आसन से पेट और कोर की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद मिलती है. घुटनों और कूल्हों को मोड़ने से इन हिस्सों की गति और लचीलेपन को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है. धीरे-धीरे सांस लेते हुए योग करने से शरीर को आराम मिल सकता है.
ये सावधानियां बरतेंगर्भवती महिलाओं को यह आसन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. पेट, कमर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या हाल ही में सर्जरी होने पर इसका अभ्यास करने से बचें. हर्निया या उच्च रक्तचाप की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें. खाना खाने के तुरंत बाद यह आसन न करें. अगर गैस और ब्लोटिंग बार-बार होती है या इसके साथ तेज दर्द, उल्टी अथवा वजन कम होने जैसी परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 15, 2026, 13:25 IST



