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रेत पर हरी क्रांति! बाड़मेर में मल्चिंग का कमाल, कम पानी में लहलहाईं फसलें, किसान कमा रहे मोटा मुनाफा

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रेगिस्तान में पैसे छापने का राज! मल्चिंग से हर फसल दे रही बढ़िया मुनाफा

Last Updated:April 26, 2026, 12:52 IST

Agriculture News Hindi : बाड़मेर के किसान अब मल्चिंग तकनीक से खेती में नया बदलाव ला रहे हैं. कम पानी में बेहतर उत्पादन लेकर ककड़ी, टमाटर और तरबूज जैसी फसलों से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. यह तकनीक मिट्टी की नमी बनाए रखती है और फसल की गुणवत्ता बढ़ाती है, जिससे रेगिस्तान में भी हरियाली नजर आने लगी है.

बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी इलाके में खेती करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है लेकिन अब यहां के किसान तकनीक का सहारा लेकर खेती की तस्वीर बदल रहे हैं. यहां के किसानों ने मल्चिंग विधि ने इस सूखे क्षेत्र में हरियाली ला दी है. प्लास्टिक शीट से ढकी जमीन नमी को लंबे समय तक बनाए रखती है जिससे पानी की बचत होती है और फसल तेजी से बढ़ती है.

अब किसान पारंपरिक बाजरा और ग्वार से हटकर ककड़ी जैसी नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. ककड़ी की खेती 40–50 दिनों में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. कम लागत और तेज उत्पादन इसे किसानों के लिए फायदे का सौदा बना रहा है.

टमाटर की खेती में भी मल्चिंग विधि बेहद कारगर साबित हो रही है. इससे मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहता है जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है. साथ ही रोग और कीटों का खतरा भी कम हो जाता है जिससे उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है.

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बाड़मेर के मिठड़ी निवासी किसान उम्मेदाराम प्रजापत अब तरबूज जैसी फसलों से भी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग बढ़ जाती है जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं. मल्चिंग के कारण फल साफ-सुथरे और गुणवत्ता में बेहतर होते हैं.

बाड़मेर के कृषि वैज्ञानिक ड़ॉ बाबूलाल राणावत बताते है कि मल्चिंग एक ऐसी आधुनिक खेती तकनीक है जिसमें फसल की कतारों के बीच जमीन को प्लास्टिक शीट या जैविक पदार्थ (सूखी घास, पत्तियां) से ढक दिया जाता है… इसका मुख्य उद्देश्य मिट्टी की नमी को बनाए रखना और फसल की वृद्धि को तेज करना होता है. मल्चिंग शीट जमीन को सीधी धूप से बचाती है जिससे पानी जल्दी नहीं सूखता है.

इससे 40–60 फीसदी तक कम पानी में खेती होती है. इतना ही नही इससे खरपतवार से भी निजात मिलती है. चाहे ककड़ी हो, टमाटर, तरबूज या कोई भी फसल हो मल्चिंग पद्दति को अपनाकर किसान कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. खासकर बाड़मेर जैसे सूखे क्षेत्रों में यह खेती का भविष्य बनती जा रही है.

First Published :

April 26, 2026, 12:52 IST

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