कुर्मासन योग से कमर दर्द, कब्ज और तनाव में कैसे मिलेगी राहत

Last Updated:April 26, 2026, 23:52 IST
Turtle Pose Benefits: ज्यादा दवा खाना कुछ देर के लिए आपको समस्या से राहत दिला सकता है, लेकिन लंबे समय में शरीर को अंदर से खोखला करता है. ऐसे में योगासन बहुत कारगर साबित होते हैं. यदि आप तनाव,कब्ज, कमर दर्द से परेशान रहते हैं, तो कुर्मासन आपके लिए जादू का काम कर सकता है.
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को तनाव, चिंता, कमर दर्द, कब्ज और थकान जैसी समस्याएं तेजी से घेर रही हैं. लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत खानपान और कम शारीरिक गतिविधि इसका बड़ा कारण है. ऐसे में योग एक आसान और असरदार उपाय बनकर सामने आता है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है.
योग के कई आसनों में कुर्मासन एक खास आसन है, जिसे अंग्रेजी में टॉरटॉइज पोज या कछुआ मुद्रा कहा जाता है. ‘कुर्म’ का मतलब कछुआ और ‘आसन’ का मतलब मुद्रा होता है. इस आसन में शरीर की स्थिति कछुए जैसी दिखाई देती है और यह मन को शांत करने में मदद करता है.
कैसे करें कुर्मासनसबसे पहले जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाएं. अब पैरों को थोड़ा दूर करें और घुटनों को हल्का मोड़ लें. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे झुकाएं और हाथों को घुटनों के नीचे से बाहर निकालें. फिर शरीर को और नीचे ले जाएं और छाती व ठुड्डी को जमीन के करीब लाने की कोशिश करें. कुछ देर इसी स्थिति में रहें और सामान्य सांस लेते रहें. इसके बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं.
कुर्मासन के फायदेयह आसन पीठ और रीढ़ की हड्डी को खींचता है, जिससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है. जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह खासतौर पर फायदेमंद है क्योंकि यह कमर और पीठ की जकड़न को कम करता है. नियमित अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है.
यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है. पेट पर दबाव पड़ने से पाचन सुधरता है और गैस, कब्ज व अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. साथ ही यह पैंक्रियास को सक्रिय करता है, जिससे इंसुलिन संतुलन बेहतर हो सकता है और डायबिटीज के मरीजों को भी लाभ मिल सकता है.
मानसिक लाभकुर्मासन मन को शांत करता है और तनाव कम करने में मदद करता है. यह एकाग्रता बढ़ाता है और मानसिक दबाव को कम करता है, जिससे व्यक्ति अधिक शांत और संतुलित महसूस करता है.
सावधानियांअगर किसी को घुटनों, कमर, कंधे या रीढ़ में दर्द है, तो यह आसन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें. गर्भवती महिलाएं और गठिया या सायटिका के मरीज भी इसे करने से बचें. नियमित और सही तरीके से किया गया कुर्मासन शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 26, 2026, 23:52 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



