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Rajasthan News Update | Berojgari Bhatta Kab Milega | बेरोजगारी भत्ता | 7 महीने से 2 लाख युवाओं को नहीं मिला पैसा

जयपुर. राजस्थान में करीब 2 लाख युवाओं को पिछले सात महीनों से बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है. मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत मिलने वाली यह राशि कई जिलों में लंबे समय से अटकी हुई है. अब इस मुद्दे को सिर्फ बेरोजगार युवाओं की आर्थिक परेशानी के तौर पर नहीं, बल्कि आने वाले निकाय और पंचायत चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है. सितंबर में निकाय चुनाव होने हैं और इसके बाद पंचायत चुनाव की तैयारी भी शुरू हो जाएगी. ऐसे में बेरोजगार युवाओं की नाराजगी सरकार के लिए चुनावी चुनौती बन सकती है.

प्रदेश में हर महीने अधिकतम 2 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है और इस पर सरकार का करीब 60 करोड़ रुपए का खर्च आता है. लेकिन कई जिलों में युवाओं के खाते में महीनों से राशि नहीं पहुंची है. कुछ जिलों में पांच महीने से तो कई जगह सात महीने से भुगतान नहीं हुआ है. युवाओं का कहना है कि जब चुनाव नजदीक हैं तो सरकार को इस मामले को जल्द सुलझाना चाहिए, क्योंकि बेरोजगारों के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में है.

बेरोजगारी भत्ता बना चुनावी मुद्दाराजस्थान में सितंबर महीने में निकाय चुनाव होने हैं. इसके बाद पंचायत चुनाव भी होने हैं. ऐसे समय में करीब दो लाख बेरोजगार युवाओं से जुड़ा भत्ता अटकना सरकार के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है. युवाओं की संख्या केवल मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार भी इस परेशानी से जुड़े हुए हैं. बेरोजगार युवा लंबे समय से सरकार से भुगतान की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना आर्थिक सहारा देने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन जब कई महीनों तक भत्ता ही नहीं मिले तो योजना का लाभ अधूरा रह जाता है. चुनावी माहौल में विपक्ष भी इस मुद्दे को उठा सकता है और सरकार को युवाओं की नाराजगी का जवाब देना पड़ सकता है.

कई जिलों में मार्च के बाद नहीं पहुंची राशिदैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में मार्च महीने तक की ही राशि युवाओं को मिली है. अजमेर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झालावाड़, कोटा, पाली, सवाई माधोपुर, टोंक, उदयपुर, बाड़मेर, जैसलमेर-फलोदी और सलूंबर जैसे जिलों में मार्च तक की राशि पहुंचने की बात सामने आई है. वहीं नागौर, कुचामन-डीडवाना सहित कई जिलों में युवाओं को करीब सात महीने से भत्ता नहीं मिला है. रोजगार निदेशालय की ओर से बिल तैयार कर वित्त विभाग को भेजे जाने की बात कही गई है, लेकिन भुगतान में देरी से बेरोजगार युवाओं की परेशानी बढ़ रही है.

हर महीने 4 हजार से 4500 रुपए का प्रावधानमुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत पात्र बेरोजगार युवाओं को हर महीने 4 हजार रुपए भत्ता दिया जाता है. वहीं महिला, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को 4500 रुपए प्रति माह देने का प्रावधान है. योजना का लाभ अधिकतम दो साल या रोजगार मिलने तक दिया जा सकता है. हर महीने लाभार्थियों की संख्या भी अलग-अलग रहती है. कभी करीब 1.80 लाख तो कभी 1.90 लाख युवा पात्र घोषित होते हैं. सरकार की योजना अधिकतम दो लाख युवाओं को लाभ देने की है.

10 लाख युवाओं को योजना में शामिल करने की मांगयुवा संगठनों ने सरकार से जल्द भुगतान की मांग की है. राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष राधे मीणा ने कहा है कि कुछ जिलों में सात महीने और कुछ में पांच महीने से भत्ता नहीं मिला है. उन्होंने जल्द भुगतान करने और योजना के दायरे को 2 लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख बेरोजगारों तक करने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या करीब 40 लाख बताई जा रही है. अब निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सरकार के सामने युवाओं का यह मुद्दा खड़ा है. अगर लंबित भत्ते का भुगतान जल्द नहीं हुआ तो बेरोजगार युवाओं की नाराजगी चुनावी चर्चा का बड़ा हिस्सा बन सकती है. सरकार के लिए चुनौती सिर्फ भत्ता जारी करने की नहीं, बल्कि चुनाव से पहले युवाओं का भरोसा बनाए रखने की भी होगी.

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