‘सादिक ने पति को मारा, मुस्लिम बनने का देता था दबाव…’ गोदावरी में कूदा परिवार, सौजन्या ने खत में बताया दर्द

पीवी रमन्ना
आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा जिले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के मामले ने अब बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है. गोदावरी नदी में छलांग लगाने वाली 38 वर्षीय सौजन्या ने कथित तौर पर पांच पन्नों का एक नोट छोड़ा था, जिसमें सादिक नाम के शख्स पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग, धर्म परिवर्तन का दबाव और बेटे को अगवा करने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
इस नोट में इससे भी सनसनीखेज दावा किया गया है कि सौजन्या के पति जगदीश रेड्डी की मौत के पीछे भी सादिक का हाथ था.सौजन्य ने इसमें लिखा है, ‘उसने मेरे पति को मारा, मुझे लगातार परेशान और प्रताड़ित किया, मुझ पर धर्म बदलने का दबाव डाला और मेरे बेटे को अगवा करके आतंकवादियों को बेचने की धमकी दी. लगातार हो रही प्रताड़ना, उत्पीड़न और धमकियों को सहने में असमर्थ होकर, हमने अपनी जान देने का फ़ैसला किया है.’ हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच का हिस्सा हैं और पुलिस ने अभी इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं किया है.
‘भरोसे का ब्लैकमेलिंग से मिला जवाब’
सौजन्या ने इस नोट में अपनी जिंदगी के बारे में भी लिखा है. उसने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और अपने पिता को गर्व महसूस कराना चाहती थी. 2018 में भाई सतीश की मौत का जिक्र करते हुए उसने उसे अपने जीवन का मजबूत सहारा बताया.
उसका आरोप है कि सादिक उसके बेटे रियांश के जरिए परिवार के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उसके करीब आया. शुरुआत में सौजन्या ने उस पर भरोसा किया, लेकिन बाद में कथित तौर पर वही जानकारी उसके खिलाफ इस्तेमाल होने लगी.
सौजन्या के मुताबिक, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे ब्लैकमेल किया जाता था. हालात इतने खराब हो गए कि उसने जान देने तक के बारे में सोचा, लेकिन बेटे की वजह से वह पीछे हट गई.
बेटे को अगवा करने की धमकी का दावा
इस नोट में आरोप लगाया गया है कि जब सौजन्या ने अपने पति को सादिक के व्यवहार के बारे में बताया तो उसने कथित तौर पर जगदीश के साथ भी मारपीट की. सौजन्या का यह भी दावा है कि सादिक उसके बेटे रियांश के स्कूल में कोच बनकर आया और बच्चे को अगवा करने की धमकी देने लगा. नोट के मुताबिक, इन धमकियों के कारण परिवार लगातार डर के साये में रहने लगा था. उसने यह भी लिखा कि मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि वह अपने पास नींद की गोलियां तक रखने लगी थी.
पति की मौत को लेकर सबसे गंभीर आरोप
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू जगदीश रेड्डी की मौत से जुड़ा आरोप है. सौजन्या ने कथित तौर पर दावा किया कि सादिक ने कनाडा से मुंबई के रास्ते एक बेहद जहरीला केमिकल मंगवाया और उसे उसके पति को दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
उसने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद सादिक ने उस पर और ज्यादा कंट्रोल स्थापित कर लिया. घर की चाबियों से लेकर संपत्ति के दस्तावेजों तक पर उसका कंट्रोल हो गया था.
‘मुझे नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया’
सौजन्या ने कथित नोट में सादिक पर लगातार निगरानी रखने का भी आरोप लगाया. उसके मुताबिक, उसे हर समय वॉट्सऐप बिजनेस पर उपलब्ध रहने के लिए मजबूर किया जाता था और फोन कॉल से लेकर उसकी आवाजाही तक पर नजर रखी जाती थी. उसने दावा किया कि उसने सादिक के परिवार से भी मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उसे उससे दूर रहने की सलाह देकर मामला टाल दिया गया.
सौजन्या के मुताबिक, सादिक उसके पिता को नुकसान पहुंचाने और उसे एक फ्लैट में कैद रखने की धमकी भी देता था. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके बेटे को आतंकियों को बेच देने की धमकी दी गई और आरोपी अपने पुलिस संपर्कों का हवाला देकर परिवार को डराता था.
धर्म परिवर्तन के दबाव का भी आरोप
सुसाइड नोट में सौजन्या ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी दावा किया है. उसके मुताबिक, सादिक उस पर इस्लाम कबूल करने और इस्लामी किताबें पढ़कर रोजाना नोट्स तैयार करने का दबाव डालता था.
आरोप है कि इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी. उसने दावा किया कि परिवार की आत्महत्या से करीब 10 दिन पहले लगातार तीन दिनों तक उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई.
नोट में एक घटना का जिक्र करते हुए सौजन्या ने आरोप लगाया कि उसे उप्पाडा बीच ले जाकर समुद्र में धकेला गया और फिर बाहर खींच लिया गया. इसके बाद चट्टानों पर फेंकने की धमकी देने का भी दावा किया गया है.
कैसे सामने आया पूरा मामला?
16 अगस्त की रात काकीनाडा जिले में पंचायत राज विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर 61 वर्षीय नूकराजू, उनकी 58 वर्षीय पत्नी मीना, 38 वर्षीय बेटी सौजन्या और नाती रियांश ने कथित तौर पर राजामहेंद्रवरम रोड-कम-रेल ब्रिज से गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय मछुआरों ने तलाश शुरू की. करीब 20 मिनट तक पानी में रहने के बाद रियांश मदद के लिए पुकारता रहा और मछुआरों ने उसे बचा लिया. लेकिन नूकराजू, मीना और सौजन्या की जान नहीं बच सकी.
जांच के दौरान पुलिस को नूकराजू का एक सुसाइड नोट और सौजन्या की स्कूटर से एक अन्य नोट मिला. काकीनाडा के एसपी बिंदु माधव के मुताबिक, दोनों नोटों में सादिक खान का नाम सामने आया.
पांच राज्यों में तलाश, मेरठ से गिरफ्तारी
परिवार की मौत के बाद सादिक कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गया था. पुलिस ने उसकी तलाश के लिए 10 विशेष टीमें गठित कीं और पांच राज्यों में छापेमारी व तलाश अभियान चलाया.
आखिरकार पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया. ट्रांजिट वारंट पर उसे काकीनाडा लाया गया. मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किए जाने पर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इसके बाद पुलिस ने सरपावरम थाने में उससे पूछताछ की. पुलिस अब उससे मामले से जुड़े घटनाक्रम, परिवार से उसके संबंध और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
शूटिंग अकादमी भी जांच के घेरे में
पुलिस सादिक की शूटिंग अकादमी की गतिविधियों की भी जांच कर रही है. एसपी के मुताबिक, नूकराजू परिवार ने सादिक के खिलाफ पहले कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी.
पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दूसरे कथित पत्रों पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपों को ठोस सबूतों से साबित करने के बाद ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
‘लव जिहाद’ के आरोप से राजनीतिक विवाद भी तेज
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. वाईएसआर कांग्रेस की पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी ने इसे महज उत्पीड़न का मामला नहीं, बल्कि कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ की साजिश बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सादिक ने अन्य परिवारों को भी निशाना बनाया और संपत्ति पर कब्जा करना उसका मकसद था. हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की भी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है. वहीं, बीजेपी ने काकीनाड़ा में प्रदर्शन करते हुए आरोपी सादिक खान को कड़ी सजा देने और फांसी की मांग की है.
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