राज्यवर्धन सिंह राठौर की प्रेरणा का राज

Last Updated:April 26, 2026, 07:56 IST
Col Rajyavardhan Singh Rathore Mother Inspiration: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने एक भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि 1992 में कश्मीर में उनकी पहली तैनाती के दौरान उनकी माँ ने उन्हें कैसे प्रेरित किया. टावर से फोन करने पर माँ ने उनसे पूछा था कि कश्मीर सुंदर है या नहीं, और फिर कहा कि “इतनी सुंदर जगह लड़ने के काबिल है.” राठौर ने कहा कि माँ के इन शब्दों ने उन्हें सरहद पर लड़ने की ताकत दी. उन्होंने युवाओं को बताया कि परिवार और बड़ों की बातें कैसे जीवन में प्रेरणा और साहस का संचार करती हैं.
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राज्यवर्धन सिंह राठौर की प्रेरणा का राज
Col Rajyavardhan Singh Rathore Mother Inspiration: जयपुर के लाल और देश के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और सेना के मूल्यों को देते हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने जीवन का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया.
राठौर ने बताया कि एक सैनिक के तौर पर उनकी वीरता के पीछे उनकी माँ के उन शब्दों का हाथ है, जिन्होंने उन्हें राष्ट्र रक्षा के प्रति और अधिक अडिग बना दिया था. उन्होंने बताया कि किस तरह एक माँ ने अपने इकलौते बेटे को सरहद पर भेजने के बावजूद उसकी हिम्मत बढ़ाई.
राज्यवर्धन सिंह राठौर की प्रेरणा का राज
किस्सा साल 1992 का है, जब कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर की पहली बार कश्मीर में तैनाती हुई थी. उस दौर में आज की तरह संचार के साधन और मोबाइल फोन नहीं हुआ करते थे. राठौर ने बताया कि कश्मीर पहुँचते ही उन्होंने एक टावर पर चढ़कर घर पर अपनी माँ को फोन मिलाया.
उनके पिता भी सेना में रहे थे, इसलिए उनकी माँ कश्मीर की वादियों से परिचित थीं. फोन पर बात करते हुए उनकी माँ ने उनसे एक साधारण सा सवाल पूछा- “सुंदर है ना कश्मीर?” जब राज्यवर्धन ने जवाब दिया कि हाँ, यह बहुत सुंदर है, तो उनकी माँ ने जो कहा वह किसी भी सैनिक के लिए सर्वोच्च प्रेरणा हो सकती है.
“लड़ने लायक है ना” – राष्ट्रवाद का वो मंत्रउनकी माँ ने बिना किसी डर के अपने बेटे से कहा- “तो फिर यह लड़ने के काबिल है ना!” (If it’s beautiful, it’s worth fighting for!). राठौर के अनुसार, इन शब्दों ने उनके अंदर एक नई ऊर्जा भर दी. उन्होंने मंच से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपनी ताकत अक्सर अपने माता-पिता के शब्दों से हासिल करते हैं.
जब आपकी माँ आपसे कहती है कि जिस ज़मीन की रक्षा के लिए आप वहां खड़े हैं, वह इतनी खूबसूरत और कीमती है कि उसके लिए लड़ना एक गौरव की बात है, तो आप हर चुनौती का सामना करने को तैयार हो जाते हैं. राठौर ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे भी अपने जीवन में ऐसे ही ऊंचे आदर्शों और पारिवारिक प्रेरणा को अपनाएं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 26, 2026, 07:56 IST



