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RK स्टूडियो में क्यों बंद हो गया गणपति उत्सव? राज कपूर की परंपरा क्यों हुआ अंत! करिश्मा कपूर ने खोला राज

Last Updated:September 11, 2026, 16:06 IST

एक दौर था जब RK स्टूडियो सिर्फ फिल्मों की शूटिंग के लिए नहीं, बल्कि होली-दीवाली के साथ-साथ गणपति बप्पा की भक्ति के लिए भी जाना जाता था. गणेश चतुर्थी पर यहां का नजारा देखने लायक होता था और कपूर परिवार की इस परंपरा में हर कोई शामिल होता था. लेकिन आज उस जगह की तस्वीर बदल चुकी है.आखिर ऐसा क्या हुआ कि राज कपूर के जमाने की ये खास परंपरा धीरे-धीरे इतिहास बन गई? अब करिश्मा कपूर ने दादा के दौर से जुड़ी ऐसी याद शेयर की है.

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RK स्टूडियो में क्यों बंद हो गया गणपति उत्सव? करिश्मा कपूर ने खोला राजZoomकरिश्मा कपूर ने आरके स्टूडियो के गणपति उत्सव को याद किया.

नई दिल्ली. बॉलीवुड में कपूर परिवार की चमक सिर्फ फिल्मों और सितारों तक सीमित नहीं रही, उनकी कुछ परंपराएं भी इंडस्ट्री के इतिहास का हिस्सा बन गईं. इन्हीं में से एक थी आरके स्टूडियो की गणपति पूजा, जिसका नाम आते ही राज कपूर के दौर की कई यादें ताजा हो जाती हैं. कभी यहां बप्पा के स्वागत के लिए सितारों से लेकर स्टूडियो के कर्मचारियों और आसपास के लोगों तक का जमावड़ा लगता था. माहौल ऐसा होता था कि गणेश चतुर्थी किसी फिल्मी इवेंट से कम नहीं लगती थी. लेकिन फिर वक्त बदला और इस मशहूर परंपरा पर भी विराम लग गया. आखिर RK स्टूडियो में गणपति उत्सव क्यों बंद हुआ? क्या इसके पीछे राज कपूर से जुड़ी कोई वजह थी? करिश्मा कपूर ने अब इस पुराने किस्से से पर्दा उठाया है.

सवाल है कि आखिर RK स्टूडियो में गणपति उत्सव क्यों बंद हो गया? इसका जवाब खुद करिश्मा कपूर ने दिया है. उन्होंने हाल ही में डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ में अपने परिवार की इस पुरानी परंपरा को याद किया.

RK स्टूडियो में धूमधाम से मनाया जाता था गणपति उत्सव

करिश्मा ने बताया कि उनके दादा और दिग्गज फिल्ममेकर राज कपूर के समय RK स्टूडियो में गणेश चतुर्थी बेहद खास तरीके से मनाई जाती थी. उत्सव में स्टूडियो का पूरा स्टाफ और आस-पास के लोग भी शामिल होते थे. यह सिर्फ कपूर परिवार का निजी धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई थीं.

RK स्टूडियो में गणपति उत्सव क्यों बंद हुआ?

राज कपूर के निधन के बाद RK स्टूडियो में गणेश चतुर्थी का यह आयोजन बंद हो गया. करिश्मा ने बताया, स्टूडियो में भले ही अब वह पुरानी परंपरा नहीं रही, लेकिन कपूर परिवार ने गणपति उत्सव को अपने घरों में आज भी जिंदा रखा है. करिश्मा ने बताया कि कपूर परिवार के लिए गणेश चतुर्थी आज भी बेहद जरूरी है. परिवार के सदस्य चाहे अलग-अलग जगहों पर हों या अपने काम में व्यस्त हों, इन दस दिनों के दौरान बप्पा के दर्शन के लिए समय जरूर निकालते हैं. जगह भले बदल गईं, लेकिन बप्पा के प्रति कपूर परिवार की आस्था आज भी वैसी ही है.

बप्पा ही हैं, जिन्हें हम अपना दोस्त बुलाते हैं: अमृता खानविलकर

करिश्मा की बात सुनने के बाद शो में मौजूद एक्ट्रेस अमृता खानविलकर ने भी गणपति बप्पा के साथ भक्तों के खास रिश्ते पर अपनी बात रखी. अमृता ने कहा कि भगवान गणेश के साथ लोगों का रिश्ता बाकी देवी-देवताओं की तुलना में काफी अलग और ज्यादा अपनापन भरा हुआ है. अमृता ने कहा, ‘बप्पा ही एक ऐसे भगवान हैं, जिन्हें हम अपना दोस्त बुलाते हैं, भाई बुलाते हैं और ‘तू’ करके बुलाते हैं. आमतौर पर भारतीय परिवारों में बड़े भाई, माता-पिता या बड़ों से बात करते समय सम्मान के लिए ‘आप’ कहा जाता है, लेकिन गणपति बप्पा के साथ भक्तों का रिश्ता इतना सहज है कि उन्हें प्यार से अपना मानकर बुलाया जाता है. लोग प्यार से ‘बप्पा, हा माझा बप्पा आहे’ (बप्पा मेरे हैं) कहते है. यही अपनापन गणपति उत्सव को खास बनाता है. गणपति बप्पा मेरे दोस्त भी हैं, भाई भी हैं, भगवान भी हैं और परिवार का हिस्सा भी हैं.’

About the AuthorShikha Pandey

15 साल पहले पत्रकारिता से शुरू हुआ शिखा पाण्डेय का सफर आज भी उसी जुनून के साथ जारी है. दिसंबर 2019 में न्यूज18 हिंदी से जुड़ने के बाद वह चीफ सब एडिटर के रूप मे…

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Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

September 11, 2026, 16:06 IST

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