वोटिंग खत्म होते ही गायब हुए बीजेपी-कांग्रेस और जिताऊ निर्दलीय, होटल और रिसॉर्ट में ‘लॉक’

जयपुर. राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दोनों चरणों का मतदान खत्म होने के साथ ही अब राजनीतिक दलों ने बोर्ड बनाने की कवायद तेज कर दी है. चुनाव परिणाम 14 सितंबर को आएंगे, लेकिन उससे पहले ही बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी शुरू कर दी है. अजमेर से लेकर उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कोटपूतली तक प्रत्याशियों को होटल, रिसॉर्ट और दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया है.
दरअसल, नगर निकायों में बोर्ड बनाने के लिए बहुमत के साथ-साथ निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी अहम हो सकती है. ऐसे में राजनीतिक दल किसी भी तरह की टूट-फूट और जोड़-तोड़ की संभावना को रोकने में जुटे हैं. खास बात यह है कि कई जगह प्रत्याशियों को प्रशिक्षण, बैठक और फीडबैक के नाम पर एकत्रित किया जा रहा है, लेकिन उन्हें चुनाव परिणाम के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव तक अपने साथ रखने की रणनीति भी नजर आ रही है.
अजमेर में बीजेपी ने शुरू की बाड़ेबंदी
अजमेर में मतदान खत्म होने के बाद बीजेपी ने उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को लेकर गतिविधियां तेज कर दी है. शुक्रवार रात उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी प्रत्याशियों को विजयलक्ष्मी पार्क में करीब 11 बजे एकत्रित किया गया. उत्तर में बीजेपी के 41 प्रत्याशी मैदान में हैं. इन्हें बस के जरिए पुष्कर ले जाने की सूचना है. पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्याशियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया है. इस दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, बीजेपी नेता और वासुदेव देवनानी के बेटे महेश देवनानी समेत कई नेता मौजूद रहे. दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 37 बीजेपी प्रत्याशी भी अनीता भदेल के नेतृत्व में जुटे हैं. माना जा रहा है कि बोर्ड गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है. कांग्रेस भी जल्द अपने प्रत्याशियों को लेकर रणनीति बनाएगी.
उदयपुर में 80 प्रत्याशी होटल में जुटे
उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में मतदान के बाद बीजेपी ने सभी 80 प्रत्याशी एक होटल में जुटाए हैं. 100 फीट रोड स्थित होटल में एक-एक कर प्रत्याशियों के पहुंचने का सिलसिला चला. सभी प्रत्याशियों को प्रशिक्षण बैठक के नाम पर बुलाया गया और बताया गया कि मतदान के बाद वार्डवार फीडबैक लिया जाएगा. प्रत्याशी अपने साथ दो-दो बैग लेकर पहुंचे, जिसके बाद देर रात उन्हें बस से उदयपुर से बाहर ले जाने की तैयारी की गई. पार्टी ने प्रत्याशियों के लिए ग्रुप लीडर भी तय किए हैं. बीजेपी शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने दावा किया कि पार्टी 80 में से 60 से ज्यादा वार्ड जीतेगी और ऐतिहासिक बहुमत से बोर्ड बनाएगी.
कपासन में बीजेपी ने प्रत्याशियों को भेजा अज्ञातवास
चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन नगर निकाय में भी बीजेपी ने मतदान के बाद अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है. सभी प्रत्याशियों को पहले पार्टी कार्यालय में एकत्रित किया गया. विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने प्रत्याशियों को मांगलिक खिलाकर अज्ञातवास के लिए रवाना किया. इस दौरान विधायक ने सभी को जीत की अग्रिम बधाई दी और पार्टी के पक्ष में परिणाम आने की उम्मीद जताई. बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
कोटपूतली में कांग्रेस के 70 प्रत्याशी रिसॉर्ट में जुटे
कोटपूतली क्षेत्र की विराटनगर और पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका में कांग्रेस ने भी अपने 70 प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी है. सभी प्रत्याशियों को नीमराना इलाके के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है. यहां उन्हें अलग-अलग स्थानों और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी कराने की तैयारी है. कांग्रेस की रणनीति प्रत्याशियों को अध्यक्ष पद के चुनाव तक एकजुट रखने की है. बताया जा रहा है कि ये प्रत्याशी 14 सितंबर को मतगणना के बाद भी वापस नहीं लौटेंगे और 21 सितंबर को होने वाले नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के लिए वापस क्षेत्र में लाए जाएंगे.
नतीजों से पहले बढ़ी सियासी बेचैनी
नगर निकाय चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद अब असली सियासी मुकाबला बोर्ड बनाने को लेकर शुरू हो गया है. कई निकायों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकते हैं. यही वजह है कि दोनों दल अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने और चुनाव परिणाम के बाद संभावित जोड़-तोड़ से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. अब 14 सितंबर को आने वाले नतीजों के बाद तस्वीर साफ होगी कि किस दल को बहुमत मिलता है और किन निकायों में निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. वहीं 21 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव तक राजस्थान की निकाय राजनीति में बाड़ेबंदी, रणनीति और सियासी जोड़-तोड़ का दौर जारी रहने की संभावना है.



