Rajasthan

Sawaimadhopur News: रणथंभौर में बाघ संरक्षण का वैश्विक संगम, 5वें इंटरनेशनल टाइगर वीक का भव्य आगाज़

Last Updated:June 27, 2026, 23:53 IST

रणथंभौर में 5वें रॉयल इंटरनेशनल टाइगर वीक (ITW) का भव्य आगाज़ हुआ, जिसमें देश-विदेश के वन्यजीव विशेषज्ञों ने बाघ संरक्षण, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और सतत विकास पर गहन चर्चा की. “कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स” थीम के तहत आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में संरक्षण, पर्यटन और पर्यावरण के बीच संतुलन पर विशेष जोर दिया. विशेषज्ञों ने बेहतर मॉनिटरिंग, नियंत्रित सफारी और विकास परियोजनाओं में वन्यजीव सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया. बाघ संरक्षण को नई दिशा देने के लिए रणथंभौर में 5वें इंटरनेशनल टाइगर वीक शुरूZoom

सवाई माधोपुर. बाघ संरक्षण और संवर्धन को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से सवाई माधोपुर के रणथंभौर स्थित आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिज़ॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में 5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (ITW) का भव्य शुभारंभ हुआ. यह तीन दिवसीय कार्यक्रम कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम के पहले दिन उद्घाटन सत्र की शुरुआत दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के संबोधन से हुई. इसके बाद देशभर से आए वन्यजीव विशेषज्ञों, संरक्षण वैज्ञानिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सत्रों में भाग लिया.

कंजर्वेशन इकोलॉजिस्ट, लेखिका और फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ ने भारत के बाघों का भविष्य: संकट, पुनरुद्धार और दीर्घकालिक अस्तित्व विषय पर अपने विचार साझा किए. वहीं वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष और सीईओ डॉ. अनिश अंधेरिया ने मानव-प्रधान क्षेत्रों में बाघ विषय पर महत्वपूर्ण चर्चा की.

संरक्षण और विकास पर संतुलन की आवश्यकता

डॉ. लतिका नाथ ने कहा कि केवल कंजर्वेशन या वाइल्डलाइफ टूरिज्म की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने नेपाल, भूटान, अफ्रीकी देशों और दक्षिण अमेरिका से सीख लेने की आवश्यकता बताई. उन्होंने यह भी कहा कि सफारी में पर्यटकों की संख्या सीमित होनी चाहिए और पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाया जाना चाहिए.

विकास और वन्यजीव सुरक्षा पर विचार

डॉ. अनिश अंधेरिया ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जा सकती. उन्होंने बताया कि सड़क, रेलवे और पुल जैसी संरचनाएं वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को प्रभावित करती हैं. उन्होंने रेलवे लाइनों पर सुरक्षा उपाय और सायरन सिस्टम लगाने जैसे सुझाव दिए. उन्होंने यह भी कहा कि बाघ केवल जैव विविधता ही नहीं बल्कि जल संसाधनों (हाइड्रोलॉजी) के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स जैसे टाइगर रिजर्व ऑफ द ईयर, वाइल्डलाइफ लीडरशिप अवॉर्ड, एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड और जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर सहित कई श्रेणियों में सम्मान दिए जाएंगे. चयन प्रक्रिया एक जूरी द्वारा की जाएगी जिसकी अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनौर करेंगे.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Sawai Madhopur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj