Sikar Durga Idol: सीकर में दिन-रात गढ़ी जा रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाएं, बंगाल की मिट्टी से बन रही भव्य प्रतिमाएं

Last Updated:October 06, 2026, 10:28 IST
Sikar Durga Idol: सीकर में शारदीय नवरात्रि की तैयारियां तेज हो गई हैं, बंगाल से आए 11 कारीगर दिन-रात मेहनत कर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं. प्रतिमाओं की फाइनल फिनिशिंग में बंगाल से लाई गई खास चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस बार 100 से ज्यादा प्रतिमाएं तैयार करने का लक्ष्य है.
सीकर. शारदीय नवरात्र की आहट के साथ सीकर में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं को तैयार करने का काम तेज हो गया है. शहर के अलग-अलग हिस्सों में बंगाल से आए कारीगर दिन-रात प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. खास बात यह है कि इन प्रतिमाओं की खूबसूरती में सीकर की मिट्टी के साथ बंगाल की खास मिट्टी का भी अहम योगदान है. कारीगरों का कहना है कि फाइनल फिनिशिंग के लिए वे यह मिट्टी अपने साथ बंगाल से लेकर आते हैं.
मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करना आसान काम नहीं है, कारीगर कई दिनों तक लगातार मेहनत करते हैं. रोजाना करीब 18 से 20 घंटे तक काम कर प्रतिमाओं को आकार देने से लेकर रंग-रोगन और सजावट तक का काम किया जाता है. बंगाल से इस बार करीब 11 कारीगर सीकर पहुंचे हैं. इनका पूरा फोकस नवरात्र शुरू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा प्रतिमाओं को तैयार करने पर है.
पहले लकड़ी का ढांचा, फिर मिट्टी से आकार
मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने वाले राजू पाल ने बताया कि प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया लकड़ी के ढांचे से शुरू होती है. इसके बाद घास-फूस और सुतली की मदद से मां दुर्गा समेत अन्य प्रतिमाओं का मूल आकार तैयार किया जाता है. इस पर पहले स्थानीय मिट्टी की परत चढ़ाई जाती है. इसके बाद बंगाल से लाई गई विशेष मिट्टी से प्रतिमा की फाइनल फिनिशिंग की जाती है. कारीगरों के अनुसार बंगाल की यह मिट्टी चिकनी और चिपचिपी होती है. इससे प्रतिमा की सतह ज्यादा चिकनी बनती है और सूखने के बाद दरारें पड़ने की संभावना भी कम रहती है. यही वजह है कि भव्य प्रतिमाओं की अंतिम परत के लिए इस मिट्टी को खास माना जाता है.
एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार
उन्होंने बताया कि मिट्टी का काम पूरा होने के बाद प्रतिमाओं पर रंग किया जाता है. इसके बाद कपड़े, आभूषण, मुकुट और अलग-अलग तरह के शस्त्रों से मां दुर्गा को सजाया जाता है. अंतिम रूप मिलने के बाद प्रतिमाओं की खूबसूरती देखते ही बनती है. सीकर में हर साल दुर्गा प्रतिमाओं का कारोबार एक करोड़ रुपये से अधिक का बताया जाता है. इस बार 100 से ज्यादा प्रतिमाएं तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. सीकर के अलावा नागौर, झुंझुनूं, चूरू, फतेहपुर और जयपुर से भी प्रतिमाओं के ऑर्डर मिले हैं. शहर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर दुर्गा पूजा के आयोजन होते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Sikar,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 10:28 IST



