KhatuShyam Ji: खाटूश्यामजी पहुंचे वन मंत्री संजय शर्मा,लखदातार के दरबार में नवाया शीश,सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

Last Updated:October 06, 2026, 10:36 IST
Khatu Shyam Ji:राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे और बाबा श्याम के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर दर्शन किए. उन्होंने प्रदेश और आमजन की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिवार की ओर से उनका स्वागत कर श्याम दुपट्टा और प्रतीक चिह्न भेंट किया.
सीकर. विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के दर्शन के देश विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. आम हो या खास सभी यहां पहुंच कर लखदातार के आगे शीश नवाते हैं और अपनी मन्नत मांगते हैं. इसी कड़ी में अलवर विधायक एवं राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे, उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की. मंदिर में दर्शन के दौरान उन्होंने बाबा श्याम से प्रदेश और आमजन की सुख-समृद्धि की कामना की.
खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचने पर श्री श्याम मंदिर परिवार की ओर से मंत्री संजय शर्मा का स्वागत किया गया. मंदिर परिवार के नरेंद्र सिंह चौहान ने उनका अभिनंदन किया. इस दौरान उन्हें बाबा श्याम का पवित्र प्रतीक चिह्न भेंट किया गया और श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. इसके बाद संजय शर्मा बाबा श्याम के दरबार में पहुंचे और शीश के दानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया.
बाबा श्याम के दरबार में नेताओं का लगातार पहुंचना
खाटूश्यामजी देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, यहां आम श्रद्धालुओं के साथ राजनीति, खेल, फिल्म और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां भी बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचती रहती हैं. पिछले दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी खाटूश्यामजी पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए थे. लोकल 18 से बात करते हुए मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि खाटूश्याम जी की महिमा निराली है. इस दरबार को हारे का सहारा कहा जाता है, जो भी हारा हुआ व्यक्ति इस दरबार में पहुंचता है तो है निश्चित रूप से जिंदगी में जीतता है. मंत्री संजय शर्मा ने बाबा श्याम के दर्शन के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया. इस दौरान मंदिर परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया. धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में देशभर से श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
जानिए कौन है बाबा श्याम
बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की ओर से युद्ध में उतरने जा रहे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना झिझक भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया. इससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और वे हारे हुए लोगों के सहारा बनेंगे. तभी से बाबा श्याम भक्तों के बीच हारे के सहारे के नाम से पूजे जाते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Sikar,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 10:36 IST



