SIR: दफ्तरों के चक्कर काटने का खेल खत्म, सीधे आपके घर आकर वोटर कार्ड दुरुस्त करेगा बीएलओ; चुनाव आयोग का फैसला

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SIR: दफ्तरों के चक्कर काटने का खेल खत्म, सीधे घर आकर वोटर ID दुरुस्त करेगा BLO
Last Updated:September 26, 2026, 17:18 IST
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब नोटिस मिलने पर वोटरों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. बीएलओ खुद घर आकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स कलेक्ट करेंगे. दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियों की तारीखें बढ़ा दी गई हैं. बेघरों और मजदूरों के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे. छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने के लिए तुरंत नया अभियान शुरू हो रहा है.मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (बीच में), चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू (बाएं) और विवेक जोशी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान. (File Photo : PTI)
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बेहद आसान और पारदर्शी बना दिया है. अब किसी भी नागरिक को वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. आयोग ने साफ कर दिया है कि नोटिस मिलने वाले वोटरों के घर अब बीएलओ खुद पहुंचकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स जुटाएंगे. शनिवार को तीनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक के बाद मिलकर यह फैसला किया. दिल्ली और महाराष्ट्र के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए आवेदन की तारीखें आगे बढ़ा दी गई हैं. कमजोर तबके और बेघर लोगों को वोटिंग का अधिकार दिलाने के लिए विशेष हेल्प डेस्क खुलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने भी आयोग के इस पूरे रिवीजन प्रोसेस पर अपनी मुहर लगा दी है. ईसीआई का यह फैसला हर उस नागरिक के लिए वरदान साबित होगा, जिसका नाम तकनीकी वजहों से अटक जाता था.
क्या अब वोटर को सरकारी दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत जिन वोटरों को अनमैप्ड या तार्किक गड़बड़ियों के नोटिस मिले हैं, उन्हें अब ईआरओ दफ्तर जाने की कोई मजबूरी नहीं है. बीएलओ सीधे मतदाता के घर जाकर सभी जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ईसीआई नेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे. केवल दुर्लभ मामलों में ही सुनवाई की जाएगी, जिसे मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जाएगा. नागरिक अपनी जगह परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को भी सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं. इसके साथ ही रैन बसेरों में रहने वाले बेघर लोगों और गरीब मजदूरों के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाए जाएंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (बीच में), चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू (बाएं) और विवेक जोशी के साथ. (Photo : ECI)
दिल्ली और महाराष्ट्र के वोटरों के लिए क्या राहत मिली?
चुनाव आयोग ने दोनों बड़े राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ा दी है. दिल्ली में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जिनका निपटारा 30 नवंबर 2026 तक होगा. महाराष्ट्र में यह तारीख 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है, जहां 10 नवंबर 2026 तक निस्तारण किया जाएगा. बिहार और बंगाल समेत 20 राज्यों में रिवीजन का काम पूरा हो चुका है. छूटे हुए युवाओं और नए वोटरों के लिए तत्काल एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. गोवा में भी छूटे 97 मतदाताओं में से 81 लोग फॉर्म 6 पहले ही भर चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूरे सिस्टम में क्या बदला?
सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने ऐतिहासिक आदेश में रिवीजन प्रक्रिया और फॉर्म 6 के डिक्लेरेशन को पूरी तरह वैध ठहराया है. ईसीआई नेट सिस्टम को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त और आईआईटी विशेषज्ञों की कमेटी गठित की गई है. आयोग ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विवाद पर नहीं, केवल एक डेपुटेशन अधिकारी के कामकाज पर आधारित था. चुनाव आयोग ने अपनी आंतरिक बैठकों, अफसरों के विदेश दौरों और मूल्यांकन रिपोर्ट के लिए भी कड़े नियम लागू कर दिए हैं.About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
New Delhi,Delhi
First Published :
September 26, 2026, 17:01 IST



