Special Recipe: न प्याज, न लहसुन… कम सामग्री में बनाएं राजस्थानी काचरी की चटपटी सब्जी, नोट कर लें रेसिपी

Last Updated:September 24, 2026, 11:07 IST
Rajasthani Kachri Sabzi Recipe: राजस्थान के गांवों में लंबे समय से खाई जाने वाली सुखी काचरी की सब्जी आज भी अपने देसी स्वाद के लिए पसंद की जाती है. गृहणी निरमा देवी के अनुसार, इसे बनाने के लिए सूखी काचरी को पहले पानी में भिगोकर नरम किया जाता है. फिर कच्ची घानी सरसों के तेल में जीरा, राई, हींग और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. इसमें हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालकर काचरी को धीमी आंच पर पकाया जाता है. अंत में अमचूर या काचरी का खट्टा मिलाने से सब्जी का खट्टापन और स्वाद बढ़ जाता है. इसे गर्मागर्म बाजरे, मक्के या गेहूं की रोटी के साथ परोसा जा सकता है.
नागौर. राजस्थान का खान-पान अपने देसी स्वाद, मसालों और अनोखी पारंपरिक रेसिपीज के लिए देशभर में जाना जाता है. यहां कम सामग्री में भी ऐसी स्वादिष्ट सब्जियां तैयार की जाती हैं, जिनका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. ऐसी ही एक पारंपरिक सब्जी है सुखी काचरी की खट्टी-तीखी सब्जी. काचरी से तैयार होने वाली यह सब्जी स्वाद में हल्की खट्टी, तीखी और मसालेदार होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती.
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में काचरी का इस्तेमाल लंबे समय से खाने में किया जाता रहा है. सूखी कचरी को पानी में भिगोकर जब मसालों और सरसों के तेल में पकाया जाता है तो इसका स्वाद और खुशबू दोनों ही खास हो जाते हैं. इसे गर्मागर्म रोटी, बाजरे की रोटी या मक्के की रोटी के साथ परोसा जा सकता है. आज की रेसिपी स्पेशल इस खबर में राजस्थानी पारंपरिक काचरी की सब्जी बनाने के बारे में बताएंगे.
सबसे पहले काचरी को भिगोना जरूरी
गृहिणी निरमा देवी ने बताया कि इस सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले 1 कप सुखी कचरी लें और उसे साफ पानी में करीब 2 से 3 घंटे के लिए भिगो दें. अच्छी तरह फूलने के बाद काचरी को पानी से निकालकर धो लें. इससे काचरी नरम हो जाती है और पकाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता. अब कड़ाही में करीब 3 बड़े चम्मच कच्ची घानी सरसों का तेल डालकर गर्म करें. तेल गर्म होने पर इसमें आधा चम्मच राई, एक चम्मच जीरा और चुटकी भर हींग डालें. तड़का चटकने लगे तो इसमें 2 कटी हुई हरी मिर्च डाल दें. सरसों के तेल और मसालों का यह तड़का सब्जी के स्वाद को पूरी तरह बदल देता है.
धीमी आंच पर मसालों के साथ पकाएं काचरी
अब गैस की आंच धीमी कर इसमें आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच लाल मिर्च और एक चम्मच धनिया पाउडर डालें. मसाले जलें नहीं, इसलिए उन्हें धीमी आंच पर ही चलाएं. इसके बाद भीगी हुई काचरी और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. कड़ाही को ढककर कचरी को करीब 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. बीच-बीच में इसे चलाते रहें, ताकि मसाला अच्छी तरह काचरी में मिल जाए और सब्जी नीचे से चिपके नहीं.
अंत में खट्टापन बढ़ाएगा स्वाद
जब काचरी अच्छी तरह पक जाए तो इसमें स्वादानुसार अमचूर पाउडर या कचरी का खट्टा डालें. इसे अच्छी तरह मिलाकर 1 से 2 मिनट और पकाएं. बस तैयार है राजस्थान की चटपटी और खट्टी-तीखी कचरी की सब्जी. इसे गरमा-गरम बाजरे की रोटी, मक्के की रोटी या सामान्य रोटी के साथ परोस सकते हैं. अगर आपको कचरी का स्वाद ज्यादा पसंद है तो थोड़ी काचरी को कद्दूकस करके भी सब्जी में डाली जा सकती है. कच्ची घानी सरसों का तेल इस्तेमाल करने से इसमें पारंपरिक राजस्थानी स्वाद और खुशबू और भी अच्छी आती है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Nagaur,Rajasthan
First Published :
September 24, 2026, 11:07 IST



