Sugar Price Update : महंगी चीनी के लिए एथनॉल जिम्मेदार नहीं, फिर किसने बढ़ाए दाम-सरकार ने बता दिया नाम

Last Updated:August 21, 2026, 23:53 IST
Sugar Price Update : चीनी की बढ़ती कीमतों को सरकार ने आर्टिफिशियल बताया है. खाद्य सचिव ने कहा कि महज 15 दिन में कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ना संभव नहीं है. इसके लिए उद्योग जगत ही जिम्मेदार है. उन्होंने एथनॉल की वजह से चीनी के दाम बढ़ने के दावों को भी खारिज कर दिया और कहा कि सरकार ने इस पर काबू पाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं.महंगी चीनी के लिए एथनॉल जिम्मेदार नहीं, फिर किसने बढ़ाए दाम-सरकार ने बता दिया नाम
नई दिल्ली. देश में चीनी की ताबड़तोड़ बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने शुक्रवार को इस दावे को खारिज कर दिया कि एथनॉल उत्पादन के लिए चीनी के इस्तेमाल से इसकी कीमतों में तेज वृद्धि हो रही है. सरकार ने कहा कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त भंडार होने के बावजूद चीनी उद्योग ने कीमतें बढ़ाई हैं. इसके साथ ही सरकार ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ राज्यों को कार्रवाई करने और चीनी मिलों में इस साल 15 अक्टूबर के आसपास पेराई सत्र शुरू कराने की तैयारी करने को कहा है.
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों के बारे में बताया कि सरकार ने एहतियाती कदम के तौर पर 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है. इसके अलावा, कारोबारियों और कोल्ड ड्रिंक्स एवं आइसक्रीम बनाने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए भंडारण सीमा भी लागू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि विपणन सत्र 2025-26 में चीनी का उत्पादन पहले के 343 लाख टन के अनुमान से घटकर 306 लाख टन रह जाने का अनुमान है. इसके बावजूद देश में पर्याप्त भंडार है. घरेलू चीनी की सालाना मांग करीब 280-285 लाख टन है. इस उपलब्धता के बावजूद घरेलू बाजार में चीनी की आर्टिफिशियल कमी बनाई जा रही है.
गन्ने में रोग से कम रहा उत्पादनचोपड़ा ने कहा कि गन्ने की फसल में ‘रेड रॉट’ और ‘टॉप बोरर’ रोग लगने तथा अधिक बारिश से जलभराव के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है. अखिल भारतीय औसत खुदरा चीनी कीमत 20 जुलाई के 48 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. वहीं, चीनी की मिलों के स्तर पर कीमत करीब सात-दस दिन में 47-48 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. उन्होंने इस तीव्र मूल्य वृद्धि को ‘पूरी तरह अनुचित’ बताया.
15 दिन में दाम बढ़ना सही नहींचोपड़ा ने कहा है कि चीनी की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है. करीब 15 दिन पहले कीमत 48 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 56 रुपये हो गई है. यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस वृद्धि का कोई बुनियादी कारण नहीं है. चीनी के दाम में हाल की तेजी को एथनॉल उत्पादन के लिए चीनी के इस्तेमाल से जोड़ना सही नहीं है. चालू 2025-26 विपणन वर्ष में केवल 28 लाख टन चीनी का इस्तेमाल एथनॉल उत्पादन के लिए हुआ है. चोपड़ा ने कहा कि विविधीकरण की वजह से अब एथनॉल का केवल एक-चौथाई हिस्सा ही चीनी से बनता है, जबकि बाकी मुख्य रूप से मक्का जैसे अनाज से तैयार होता है.
सितंबर तक 35 लाख टन का भंडारउन्होंने कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है और किसी भी संबंधित पक्ष को इसका अनुचित फायदा उठाकर मुनाफाखोरी, जमाखोरी या सट्टेबाजी नहीं करनी चाहिए तथा यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि देश में चीनी की कमी है.खाद्य सचिव ने कहा कि सितंबर 2026 के अंत में देश में 33-35 लाख टन चीनी का भंडार रहने का अनुमान है. इस साल चीनी मिलों में 15 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू होने की उम्मीद है, जिससे अक्टूबर में करीब 10-12 लाख टन अतिरिक्त चीनी उपलब्ध होगी. सरकार ने प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों के साथ बैठक की है और उन्हें जमाखोरों, कालाबाजारियों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है.
कारोबारियों की भंडार सीमा और कम होगीसचिव ने कहा कि सरकार कारोबारियों की मौजूदा 400 टन की भंडार सीमा को और कम करने पर भी विचार कर रही है. एक सितंबर से थोक उपभोक्ताओं को भी 15 दिन की खपत से अधिक चीनी का भंडार रखने की अनुमति नहीं होगी. चोपड़ा ने उम्मीद जताई कि सरकार के इन कदमों से बाजार में चीनी की उपलब्धता सुधरेगी और त्योहारी मौसम और उसके बाद भी भंडार को लेकर कोई समस्या नहीं होगी.
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 21, 2026, 23:53 IST



