National

Surya Grahan 2026 Astro Prediction: सावन अमावस्या पर कर्क राशि में साल का अंतिम सूर्य ग्रहण, सियासत में हलचल से लेकर बाढ़ तक के संकेत तक

होमताजा खबरधर्म

सावन अमावस्या पर कर्क में सूर्य ग्रहण,सियासत में हलचल से लेकर बाढ़ तक के संकेत

Last Updated:August 09, 2026, 12:14 IST

Surya Grahan 2026 Astrology Prediction: सावन अमावस्या पर कर्क राशि में साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह ग्रहण देश और दुनिया में कई बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है. सियासत में हलचल से लेकर प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ तक की आशंका जताई जा रही है. इसके साथ ही, आर्थिक मोर्चे पर भी असर दिख सकता है, खासकर दूध के दामों में बढ़ोतरी की संभावना है.Amazon Prime DayTop Deals Insideसावन अमावस्या पर कर्क में सूर्य ग्रहण,सियासत में हलचल से लेकर बाढ़ तक के संकेतZoom

Surya Grahan 2026 Astro Prediction: 12 अगस्त दिन बुधवार को सावन मास की हरियाली अमावस्या के दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस बार सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में घटित होने जा रहा है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. लेकिन यूरोप के कई देशों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में देखा जाएगा, जहां कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा हो जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पृथ्वी पर ग्रहण कहीं भी दिखाई दे लेकिन उस समय बन रही ग्रहों की स्थिति का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है.

12 अगस्त की अमावस्या की कुंडलीज्योतिषीय गणना के अनुसार 12 अगस्त की अमावस्या की कुंडली में भारतीय समय के मुताबिक मेष लग्न का प्रभाव रहेगा. वहीं कर्क राशि में सूर्य ग्रहण के समय कई ग्रहों का प्रभाव मौसम और सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव के संकेत दे रहा है. आजाद भारत की कुंडली में चंद्रमा की राशि कर्क है और ग्रहण के समय इस राशि पर बनने वाला प्रभाव भारत देश के लिए विशेष महत्व रखता है.

मध्य भारत में भारी बारिश और बाढ़ के संकेतकर्क जल तत्व की राशि है और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला सूर्य ग्रहण वर्षा तथा जल से जुड़ी परिस्थितियों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है. ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार 12 अगस्त के बाद अगले कुछ सप्ताह में देश के मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत बताए जा रहे हैं. कूर्म चक्र के अनुसार अश्लेषा नक्षत्र का संबंध दक्षिण-पूर्व दिशा से माना जाता है. इसी वजह से ओडिशा में अगले करीब 30 दिनों के दौरान अत्यधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका ज्योतिषीय दृष्टि से जताई जा रही है.

दिल्ली-NCR को उमस से मिल सकती है राहतग्रहण के बाद मौसम में बदलाव का असर दिल्ली-NCR पर भी दिखाई देने के संकेत हैं. अगस्त के दूसरे पखवाड़े में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से लंबे समय से बनी उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि बारिश के साथ कुछ स्थानों पर जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.

दक्षिण भारत में भी अच्छी बारिश के संकेतग्रहण के समय मीन राशि में शनि के गोचर और उस पर शुक्र के प्रभाव को देखते हुए ज्योतिषीय गणना में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अच्छी बारिश के संकेत बताए जा रहे हैं. दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा सामान्य से अधिक रह सकती है. ऐसे में नदी, नाले और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी.

सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में बढ़ सकता है तनावसूर्य ग्रहण का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं माना जा रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण की कुंडली में कन्या राशि में स्थित शुक्र पर शनि की सातवीं और मंगल की चौथी दृष्टि पड़ रही है. इसे सामाजिक क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला योग माना जाता है. इसके चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में विवादित मामलों को लेकर हलचल बढ़ सकती है. महिला अपराध से जुड़े मुद्दे, छात्र आंदोलनों और सामाजिक विवादों को लेकर वातावरण गर्म रहने की संभावना ज्योतिषीय रूप से जताई जा रही है. सरकार और विपक्ष के बीच भी बयानबाजी और राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है. ग्रहण के बाद शुरुआती 15 दिनों को राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पशुपालकों और दूध कारोबार पर भी असरज्योतिष परंपरा में कर्क राशि को जल, पोषण और पालन-पोषण से भी जोड़ा जाता है. धार्मिक ग्रंथों की ज्योतिषीय परंपरा में सावन मास में कर्क राशि में होने वाले ग्रहण को पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण माना गया है. इसी ज्योतिषीय गणना के आधार पर आने वाले समय में पशुपालकों की समस्याएं सामने आ सकती हैं. दूध के दाम और पशुपालन से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ने के संकेत भी बताए जा रहे हैं, ऐसा ग्रहण की कुंडली संकेत दे रही है.

About the AuthorParag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…

और पढ़ेंFirst Published :

August 09, 2026, 12:14 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj