Japan Earthquake News: Japan Tsunami Alert| Japan Earthquake| जापान में 7.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप समंदर के हुई हलचल सुनामी का अलर्ट जारी

Last Updated:April 20, 2026, 15:31 IST
Japan Tusnami Alert: जापान के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.4 मैग्नीट्यूड मापी गई है. इसके साथ ही समुद्र के अंदर भी हलचल हुई है, जिसके बाद आसपास के इलाकों में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है. पिछले कुछ दिनों में कई बार जापान में भूकंप के हल्के झटके आए लेकिन इस बार ये झटके तेज थे.
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जापान में भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी. (सांकेतिक तस्वीर)
Japan Tsunami Alert after Earthquake: जापान में एक बड़ा भूकंप आने के बाद अफरा-तफरी मच गई है. जापान के उत्तरी हिस्से में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई. भूकंप के तुरंत बाद जापान के मौसम विभाग ने सुनामी की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी कर दिया. इसके बाद तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत इलाका खाली करने की अपील की गई है क्योंकि सुनामी की लहरे 3 मीटर तक उठ सकती हैं, जो पूरे कोस्टल एरिया को बहा ले जाएंगी. होकाइदो, आयोमोरी और इवाते में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं, जिसके बाद सभी घबराए हुए हैं.
जापान की पीएम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए एक आपातकालीन टास्क फोर्स का गठन किया है और लोगों से तटीय क्षेत्रों को छोड़कर सुरक्षित ऊंचाइयों पर जाने की अपील की है. भूकंप के कारण टोक्यो और ओमोरी के बीच बुलेट ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं और बिजली कंपनियां परमाणु संयंत्रों समेत अपनी सुविधाओं की जांच कर रही हैं. होक्काइडो और इवाते के लिए करीब 3 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी दी गई है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए मछली पकड़ने वाली नावें समुद्र से दूर सुरक्षित जगहों की ओर जा रही हैं.
जापान ने देखा है भूकंप का विनाश
जापान दुनिया के सबसे भूकंप-प्रभावित देशों में शुमार है. यहां पिछले 100 साल में कई विनाशकारी भूकंप आए हैं-
सबसे भयानक था 11 मार्च 2011 का तोहोकु भूकंप. इसकी तीव्रता 9.1 थी और सेंडाई के पास समुद्र तल में केंद्र था. इसके बाद 40 मीटर ऊंची सुनामी आई, जिसने 20,000 से ज्यादा लोगों की जान ली. फुकुशिमा परमाणु प्लांट में भी बड़ा हादसा हुआ.
इससे पहले 1 सितंबर 1923 का ग्रेट कांटो भूकंप (7.9) टोक्यो-योकोहामा को तबाह कर चुका था. आग और भूकंप ने मिलकर 1.4 लाख लोगों को मार डाला.
17 जनवरी 1995 का ग्रेट हांशिन भूकंप (6.9) भी भारी पड़ा. कोबे शहर में 6,400 लोग मारे गए, लाखों घर ध्वस्त हो गए.
हाल के वर्षों में भी 1 जनवरी 2024 का नोटो प्रायद्वीप (7.6) और दिसंबर 2025 का ऑफ आओमोरी (7.6) भूकंप भी अफरा-तफरी मचाने वाला था. हर बार जापान की इमारतें हिल जाती हैं, लेकिन सख्त बिल्डिंग कोड और ड्रिल्स ने नुकसान कम किया है.
जापान में भूकंप क्यों इतने आते हैं?
जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर बसा है. यहां चार प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेट्स – पैसिफिक प्लेट, फिलीपीन सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट हैं, जो एक-दूसरे से टकराती और घिसती रहती हैं. पैसिफिक प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है, इससे भारी तनाव बनता है. जब यह तनाव अचानक छूटता है तो भूकंप आता है. जापान में सालाना एक लाख से ज्यादा भूकंप दर्ज होते हैं, इनमें ज्यादातर छोटे होते हैं, लेकिन बड़े भूकंप अक्सर सुनामी और ज्वालामुखी भी लाते हैं. यही वजह है कि जापान दुनिया में आपातकाल के लिए रेडी रहता है. हर स्कूल, ऑफिस और घर में भूकंप ड्रिल अनिवार्य है.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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First Published :
April 20, 2026, 14:36 IST



