जयपुर में कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ बयान, मुस्लिम इलाके में क्यों बोली ये बात?

Last Updated:September 10, 2026, 17:53 IST
Amin Kagzi Batoge To Katoge Statement : जयपुर में कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का बयान “बंटोगे तो कटोगे” चर्चा में है. उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट रहने को कहा, बीजेपी की सेंधमारी रोकने के लिए. उन्होंने कहा कि उनका मकसद मुस्लिम मतदाताओं को यह समझाना था कि वे बंटें नहीं और एकजुट रहें. कागजी ने बीजेपी के टिकट वितरण को लेकर भी अपनी बात रखी. उनका कहना था कि बीजेपी आम तौर पर मुस्लिम लोगों को टिकट नहीं देती, लेकिन इस बार नगरीय निकाय चुनाव में मुस्लिम इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए गए हैं.अमीन कागजी का बयान: ‘बंटोगे तो कटोगे’ पर बवाल.
जयपुर. जयपुर में नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार के बीच कांग्रेस विधायक अमीन कागजी का एक बयान चर्चा में आ गया है. किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कागजी ने शहर के परकोटे में मुस्लिम बहुल इलाके में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लोगों से कहा कि अगर आप बंटोगे तो कटोगे. उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है.
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर प्रचार के दौरान अमीन कागजी मुस्लिम बहुल इलाके में पहुंचे थे. यहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि अगर आप बंटोगे तो कटोगे. कागजी के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा कि उन्होंने मुस्लिम इलाके में ‘बंटोगे तो कटोगे’ वाला नारा क्यों दिया और इसके पीछे उनका चुनावी संदेश क्या था. बयान को लेकर जब अमीन कागजी से सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कहते हैं कि ‘बंटोगे तो कटोगे’. यानी कागजी ने साफ तौर पर इसी नारे का हवाला देते हुए अपने बयान को सही ठहराने की कोशिश की.
कागजी ने बताया बयान देने की वजहअमीन कागजी के मुताबिक, नगरीय निकाय चुनाव में मुस्लिम वोटों में बीजेपी की सेंधमारी रोकने के लिए उन्होंने यह बात कही. उन्होंने कहा कि उनका मकसद मुस्लिम मतदाताओं को यह समझाना था कि वे बंटें नहीं और एकजुट रहें. कागजी ने बीजेपी के टिकट वितरण को लेकर भी अपनी बात रखी. उनका कहना था कि बीजेपी आम तौर पर मुस्लिम लोगों को टिकट नहीं देती, लेकिन इस बार नगरीय निकाय चुनाव में मुस्लिम इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए गए हैं. कागजी के मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को समझाने की कोशिश की कि वे अलग-अलग हिस्सों में न बंटें.
मुस्लिम वोटों पर दोनों दलों की नजर
जयपुर के परकोटे में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में मुस्लिम वोट एक अहम चुनावी फैक्टर माने जाते हैं. ऐसे में अमीन कागजी का यह बयान सीधे चुनावी गणित से जुड़ा हुआ दिखाई देता है. कांग्रेस विधायक खुद इसे बीजेपी की मुस्लिम वोटों में सेंधमारी रोकने की कोशिश से जोड़ रहे हैं. उनके बयान से यह भी साफ होता है कि चुनाव प्रचार अब सिर्फ उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है. राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं. ऐसे में मुस्लिम बहुल इलाकों में उम्मीदवारों का चयन और नेताओं के बयान दोनों ही चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं.
‘बंटोगे तो कटोगे’ पर पहले भी होती रही है राजनीति‘बंटोगे तो कटोगे’ नारे को लेकर पहले भी राजनीतिक बयानबाजी होती रही है. अमीन कागजी ने भी सवाल पूछे जाने पर इसी बात का हवाला दिया कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इस तरह की बात कहते हैं. हालांकि कागजी ने अपने बयान का चुनावी मतलब भी साफ कर दिया. उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट रहने की बात समझाने के लिए यह कह रहे थे.
इस बयान के क्या मायने और कितना होगा असरअब कागजी के बयान का असर चुनाव प्रचार में कितना दिखाई देता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा. फिलहाल उनके बयान ने जयपुर के नगरीय निकाय चुनाव में मुस्लिम वोटों को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान को जरूर सामने ला दिया है. खास तौर पर परकोटे के मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस और बीजेपी दोनों की चुनावी रणनीति पर इस बयान के बाद नजर रहेगी. कांग्रेस विधायक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब नगरीय निकाय चुनाव के लिए दोनों प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं. ऐसे में कागजी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ वाला बयान चुनावी माहौल में एक नई चर्चा का मुद्दा बन गया है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 10, 2026, 17:53 IST



