World

ईरान से यूक्रेन तक उलझी दुनिया में नॉर्थ कोरिया चुपचाप कर रहा खेल, किम जोंग उन का परमाणु मिशन प्लान क्या

दुनिया भर के देशों को लगातार धमकियां देने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA यानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अपनी एक ताजा और बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा किया है कि नॉर्थ कोरिया ने अपने अहम परमाणु ठिकाने पर चुपचाप एक नए यूरेनियम एनरिचमेंट फैसिलिटी का निर्माण कर लिया है. इस खुलासे के बाद से अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों की नींद उड़ गई है. आइए इसके मायने क्या हैं, इसके अंदर की एक-एक बड़ी बात को समझते हैं.

IAEA की रिपोर्ट में क्या है सबसे बड़ा खुलासा? 

इस बारे में IAEA की तरफ से 28 अगस्त को जारी और हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने अपने सबसे अहम योंगबयोन परमाणु कॉम्प्लेक्स में एक नया और आधुनिक यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट तैयार किया है. IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को दी गई अपनी रिपोर्ट में इसके बारे में जानकारी दी.

28 सेंट्रीफ्यूज कैस्केड की क्षमता: एजेंसी का कहना है कि इस नई-नवेली दो मंजिला इमारत में करीब 28 सेंट्रीफ्यूज कैस्केड (Centrifuge Cascades) फिट किए जा सकते हैं. अब ये सेंट्रीफ्यूज क्या है? तो जान लीजिए कि ये वे मशीनें होती हैं जिनका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम को समृद्ध यानी कि एनरिच करने में किया जाता है.

ऊपर और नीचे दोनों मंजिलों पर काम: जून महीने में जब उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने इस साइट का दौरा किया था, तब सरकारी मीडिया की तरफ से जारी तस्वीरों और सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों का मिलान करने पर यह सच्चाई सामने आई. इन तस्वीरों से साफ संकेत मिलता है कि इमारत की ऊपरी और निचली दोनों मंजिलों पर गैस सेंट्रीफ्यूज कैस्केड स्थापित किए गए हैं.

कांगसन प्लांट में भी तेज हुआ प्रोडक्शन   

सिर्फ योंगबायन ही नहीं, बल्कि प्योंगयांग के पास स्थित कांगसन यूरेनियम एनरिचमेंट साइट पर भी नॉर्थ कोरिया की ऐक्टिविटी काफी तेज हो गई हैं. IAEA की रिपोर्ट के अनुसार कांगसन में साल 2024 में एक नया एनेक्स बनाया गया था. इस नए वाले हिस्से में इसी साल जनवरी के महीने से ही ऑपरेशंस शुरू होने के पुख्ता संकेत मिले हैं.

इस बात का सीधा सा मतलब यह है कि उत्तर कोरिया एक साथ एक से अधिक ठिकानों पर वेपन ग्रेड परमाणु सामग्री का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ाने में जुटा हुआ है.

कैसे पकड़ी गई किम जोंग उन की चालबाजी? 

अब इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि साल 2009 के बाद से एक भी IAEA इंस्पेक्टर को उत्तर कोरिया के अंदर जाने की इजाजत नहीं है. ऐसे में एजेंसी ने इस पूरी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट इमेजरी और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस का सहारा लिया, जिसमें खुद उत्तर कोरियाई मीडिया की तरफ से पब्लिश की गई तस्वीरें भी शामिल थीं. किम जोंग उन का अपनी मीडिया से इन यूनिट्स की तस्वीरें छपवाना निगरानी एजेंसियों के लिए बड़ा सुराग बन गया.

IAEA ने बताया गंभीर चिंता वाली बात 

आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने इस स्थिति पर कड़ा रिएक्शन देते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया का यह कदम सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन है. ग्रॉसी ने कहा कि कांगसन और योंगबायन में एनरिचमेंट की सुविधाओं का लगातार ऑपरेशन और नॉर्थ कोरिया की तरफ से हथियारों के ग्रेड की परमाणु सामग्री के प्रोडक्शन का यह विस्तार हम सभी के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय है.

इस ग्लोबल कूटनीति के मायने क्या हैं?  

परमाणु हथियारों की होड़ तेज: जानकारों का मानना है कि इन नई सुविधाओं के शुरू होने से उत्तर कोरिया के पास कम समय में अधिक परमाणु हथियार बनाने की क्षमता आ जाएगी.
अमेरिका और एशियाई देशों की बढ़ती मुश्किलें: दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देश पहले से ही किम जोंग उन के मिसाइल टेस्ट से परेशान हैं. ऐसे में परमाणु एनरिचमेंट क्षमता का इस तरह से विस्तार होना दुनिया की शांति के लिए एक नया सिरदर्द बन गया है.
डिप्लोमेटिक प्रेशर: एक तरफ जहां रूस और उत्तर कोरिया के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ IAEA की यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्योंगयांग पर नकेल कसने के लिए नए सिरे से दबाव बनाने का काम कर सकती है.

अब देखना यह होगा कि दुनिया के महाशक्तियां इस नए परमाणु खुलासे के बाद क्या कड़े कदम उठाती हैं क्योंकि उत्तर कोरिया अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj