मैदान पर छक्कों की बौछार, बाहर स्पॉन्सर्स की कतार… जानिए कैसे 15 की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने ब्रांड्स के फेवरेट ‘पोस्टर बॉय’

Last Updated:August 14, 2026, 05:01 IST
Vaibhav Sooryavanshi 5 brands: भारतीय क्रिकेट में हर दशक में कोई न कोई ऐसा अनोखा खिलाड़ी आता है, जिसकी तुलना सीधे सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों से होने लगती है. वैभव सूर्यवंशी की यात्रा भी कुछ ऐसी ही सनसनीखेज रही है. इतनी कम उम्र में इंटरनेशनल दबाव का सामना करना और फिर अपने बल्ले की धमक से प्रतिद्वंद्वियों को पस्त करना उनकी मानसिक मजबूती का सबूत है. क्रिकेट मैदान पर उनके इस उल्कापिंड जैसी तेज़ी से हुए उभार ने सिर्फ खेल प्रेमियों का ध्यान ही नहीं खींचा, बल्कि कॉर्पोरेट जगत और दुनिया के बड़े ब्रांड्स को भी अपनी ओर आकर्षित किया है. आज वैभव मैदान के अंदर अपनी धमाकेदार पारियों और मैदान के बाहर अपनी बढ़ती ब्रांड वैल्यू के चलते चर्चा के केंद्र में हैं.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि महज 15 साल की उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण करना रहा. उन्होंने क्रिकेट के ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का वर्षों पुराना भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया. इस एक पल ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनके नाम को स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कर दिया और उन्हें रातों-रात वैश्विक स्तर पर पहचान दिला दी.
जिस तरह सचिन तेंदुलकर का नाम उनके प्रतिष्ठित एमआरएफ (MRF) के बल्ले के साथ अमर हो गया, उसी तरह वैभव ने अपने करियर की शुरुआत में ही बड़े स्पॉन्सर्स को आकर्षित करना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रसिद्ध खेल उपकरण निर्माता कंपनी सरीन स्पोर्ट्स (SS) ने उनके साथ लगभग पचास लाख रुपये सालाना का उपकरण अनुबंध किया है. कंपनी ने बाजार में विशेष ‘वैभव सूर्यवंशी एडिशन’ बल्ले भी उतारे हैं, जो युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं.
वर्ष 2026 की शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी मशहूर न्यूट्रिशन ब्रांड ‘कॉमप्लान’ के ‘थोड़ा प्लान, थोड़ा कॉमप्लान’ अभियान का मुख्य चेहरा बने. यह विज्ञापन अभियान एथलीट के तौर पर उनकी वास्तविक जीवन शैली, पोषण और समर्पण पर आधारित था. इस डील ने वैभव को खेल जगत से निकालकर हर भारतीय घर की टीवी स्क्रीन तक पहुंचा दिया, जहां वे आज के युवाओं के लिए एक फिटनेस आइकॉन बनकर उभरे.
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राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए आईपीएल 2026 में वैभव ने जिस निडरता के साथ विश्वस्तरीय गेंदबाजों का सामना किया, उसने उनकी ब्रांड वैल्यू को रातों-रात कई गुना बढ़ा दिया. इस शानदार सीजन के बाद वैभव और उनके प्रबंधन ने अपनी एंडोर्समेंट फीस में इजाफा किया. खबरों के अनुसार, आईपीएल के इस सफल सीजन के बाद अब उनकी प्रति कमर्शियल डील वैल्यू एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है.
वैभव की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गूगल पे ने अपने युवा-केंद्रित विज्ञापन अभियान का हिस्सा बनाया. इस अभियान में वैभव को अपने माता-पिता के बैंक खाते से जुड़े यूपीआई (UPI) का उपयोग करते हुए दिखाया गया है, जो किशोरों के बीच सुरक्षित, जिम्मेदार और समझदारी से पैसे के प्रबंधन को बढ़ावा देता है. यह विज्ञापन दिखाता है कि ब्रांड्स उन्हें एक जिम्मेदार और प्रेरणादायक यूथ आइकॉन के रूप में देख रहे हैं.
मैदान पर मिली सफलता और मैदान के बाहर बढ़ते विज्ञापनों ने वैभव सूर्यवंशी की वित्तीय स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती दी है. इतनी कम उम्र में उनकी अनुमानित कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग सात से दस करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुकी है. आईपीएल की मोटी सैलरी, मैच फीस, घरेलू क्रिकेट की कमाई और लगातार बढ़ता ब्रांड पोर्टफोलियो उनकी आय के मुख्य स्रोत बन चुके हैं.
आईपीएल 2026 के दौरान वैभव अपनी टीम के साथी ध्रुव जुरेल के साथ मशहूर एनर्जी ड्रिंक ब्रांड ‘रेड बुल’ के एक विशेष डिजिटल चैलेंज में नजर आए. इस रोमांचक चैलेंज में उन्हें तीस गेंदों में साठ रन बनाने का लक्ष्य दिया गया था. इस तरह के पेड कमर्शियल इंगेजमेंट और सोशल मीडिया अपीयरेंस यह दर्शाते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स ब्रांड्स भी उनके युवाओं पर प्रभाव को भुनाने के लिए उत्सुक हैं.
व्यावसायिक प्रस्तावों और ब्रांड्स की लंबी कतार के बावजूद, वैभव का परिवार उन्हें किसी भी तरह के मानसिक दबाव या ध्यान भटकाव से दूर रखना चाहता है. चूंकि वे अभी भी एक किशोर हैं, इसलिए उनके परिवार और सलाहकारों की कोशिश है कि उन पर विज्ञापनों का अत्यधिक बोझ न पड़े. उनकी प्राथमिकता हमेशा क्रिकेट पर केंद्रित रहना है, ताकि मैदान पर उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता रहे और ब्रांड्स का काम बैकग्राउंड में चलता रहे.
मई 2026 में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए वैभव सूर्यवंशी को राज्य का आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की. इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वस्थ, सक्रिय और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है. एक सरकारी पहल का चेहरा बनना यह साबित करता है कि वैभव का प्रभाव सिर्फ कमर्शियल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक बदलाव के भी प्रतीक बन रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी की यह कहानी सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ने या करोड़ों की नेट वर्थ हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उस अटूट लगन की दास्तान है जो एक छोटे शहर के लड़के को वैश्विक मंच पर ले आती है. सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पार करने से लेकर भारत के सबसे महंगे युवा एथलीटों में शामिल होने तक, वैभव का सफर यह बताता है कि सही प्रतिभा और मार्गदर्शन मिले तो सपने कितनी जल्दी हकीकत में बदल सकते हैं. क्रिकेट फैंस अब उम्मीद लगा रहे हैं कि यह तो बस एक महान करियर की शुरुआत है.
First Published :
August 14, 2026, 05:01 IST



