‘मुझे लगा कि मैं मर जाऊंगी’, मनीषा कोइराला ने याद की कैंसर के बाद की डरावनी रात, बयां किया तन्हाई का दर्द

Last Updated:August 14, 2026, 06:15 IST
मनीषा कोइराला को साल 2012 में कैंसर हो गया था और जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उनकी पूरी जिंदगी उथल-पुथल हो गई थी. अब उन्होंने कैंसर का पता चलने के बाद का अनुभव बताया. मनीषा ने कहा कि उस रात उन्हें लगा था कि वह अब नहीं बचेंगी. अब वह मरने वाली हैं. हालांकि, इस जानलेवा बीमारी से जंग जीतने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. मौत से सामना होने के बाद उन्होंने फिर से अपने काम पर वापसी की.
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कैंसर का पता चलने के बाद बहुत डर गई थीं मनीषा कोइराला.
नई दिल्ली. बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस मनीषा कोइराला कैंसर का शिकार हो गई थी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय इस खतरनाक बीमारी से लड़ने का फैसला किया था. अब मनीषा ने उस भयावह रात को याद किया, जब उन्हें पहली बार अपने कैंसर पता चला था. उन्हें जब साल 2012 में स्टेज 4 ओवेरियन कैंसर हुआ तो उनकी पूरी दुनिया बदल गई थी. वह खुद को अकेला महसूस करने लगी थीं.
सुशांत प्रधान के साथ बातचीत के दौरान मनीषा ने नेपाल के नॉरविक इंटरनेशनल हॉस्पिटल का वो किस्सा बताया, जब डॉक्टरों ने उन्हें कैंसर की पुष्टि की थी. उन्होंने खुलासा किया कि भले ही रिपोर्ट दिन में आई थी, लेकिन बीमारी का असली खौफ उन्हें रात में महसूस हुआ. मनीषा ने कहा, ‘अस्पताल में मुझे बताया गया कि मुझे कैंसर है. वो रात मेरी जिंदगी की सबसे तन्हा, डरावनी और लंबी रात थी. चारों तरफ सिर्फ अनिश्चितता और अंधेरा महसूस हो रहा था. मुझे लगा कि बस अब मैं मरने वाली हूं. वो पल बेहद खौफनाक और अकेला कर देने वाला था.’
मनीषा कोइराला का छलका दर्द
मनीषा के मुताबिक, गंभीर बीमारी इंसान को अंदर से इस कदर तोड़ देती है कि उसे दूसरों के बीच रहकर भी तन्हाई ही महसूस होती है. उन्होंने कहा, ‘कैंसर से लड़ाई के दौरान मुझे समझ आया कि एक मरीज खुद को कितना अकेला महसूस करता है. वो एक ऐसा खौफनाक दौर होता है, जिसे बयां कर पाना नामुमकिन है.’ एक्ट्रेस ने माना कि अकेलापन सिर्फ बीमारी तक सीमित नहीं होता, बल्कि कई बार इंसान लोगों से घिरे होने के बावजूद भी खुद को कटा हुआ महसूस करता है.
सोशल नहीं हैं मनीषा कोइराला
बॉलीवुड पार्टियों का जिक्र करते हुए मनीषा ने कहा, ‘सोशल होना मेरी फितरत में ज्यादा नहीं है. जब मैं कभी बॉलीवुड पार्टियों में जाती हूं, तो लोगों से घुलने-मिलने की कोशिश तो करती हूं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता. आप वहां मौजूद तो रहना चाहते हैं, लेकिन फिर भी अंदर से खुद को बिल्कुल अकेला पाते हैं.’
मनीषा कोइराला ने 2013 में कैंसर से जीती जंग
कैंसर के इलाज के लिए मनीषा कोइराला न्यूयॉर्क के मशहूर मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेंटर गईं, जहां उनकी सर्जरी और कीमोथेरेपी हुई. अप्रैल 2013 में अपना आखिरी कीमोथेरेपी सेशन पूरा करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह कैंसर-फ्री घोषित कर दिया.
मनीषा कोइराला ने एक्टिंग में किया कमबैक
कैंसर को मात देने के बाद मनीषा कोइराला ने एक बार फिर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और ‘डियर माया’, ‘संजू’ और ‘लस्ट स्टोरीज’ जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी. वहीं साल 2024 में उन्होंने फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की सीरीज ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ में मल्लिकाजान का बेहद दमदार किरदार निभाकर हर किसी को अपनी अदाकारी का कायल बना दिया.
About the AuthorKamta PrasadSenior Sub Editor
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
August 14, 2026, 06:15 IST



