Rajasthan

देसी सुपरफूड का धमाका! सर्दियों में बाजरे का मलीदा बना ग्रामीण राजस्थान की असली ताकत

Last Updated:December 20, 2025, 19:37 IST

Rajasthani special food : सर्दियों में राजस्थान के गांवों की ताकत और सेहत का असली राज बाजरे से जुड़ा है. बाजरे की रोटी, गुड़ और देसी घी से बनने वाला मलीदा सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की ऊर्जा है. ठंड में शरीर को गर्म रखने वाला यह देसी सुपरफूड स्वाद और सेहत का जबरदस्त मेल है.करौली

सर्दी के मौसम में राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों की सेहत और ताकत का अगर कोई सबसे बड़ा राज है, तो वह है बाजरा. ठंड बढ़ते ही गांव-ढाणियों में बाजरे की रोटी, गुड़ और देसी घी से बने पारंपरिक व्यंजन रोजमर्रा की थाली का हिस्सा बन जाते हैं. इन्हीं देसी व्यंजनों में एक खास नाम है बाजरे का मलीदा, जिसे ग्रामीण लोग सर्दी में सुपरफूड के रूप में खाते आ रहे हैं.

करौली

बाजरे की मोटी रोटी तो आपने खूब खाई होगी, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बाजरे से बनने वाला मलीदा भी स्वाद और सेहत का जबरदस्त मेल है.

करौली

बाजरे का मलीदा पूरी तरह देसी लड्डू है, लेकिन इसका स्वाद किसी भी आधुनिक स्वीट डिश से कम नहीं होता. खास बात यह है कि मलीदा सीधे बाजरे के आटे से नहीं, बल्कि बाजरे की मोटी रोटी से तैयार किया जाता है. यही वजह है कि इसका स्वाद बाकी लड्डुओं से बिल्कुल अलग और खास होता है.

Add as Preferred Source on Google

करौली

बाजरे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं. सर्दी के मौसम में यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और लंबे समय तक ऊर्जा देता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए यह बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें देसी गुड़ और देसी घी का कॉम्बिनेशन इसे और भी पौष्टिक बना देता है. यही कारण है कि ग्रामीण लोग कड़ाके की ठंड में भी बिना थके खेतों और मेहनत वाले कामों में जुटे रहते हैं.

करौली

मलीदा बनाने के लिए सबसे पहले बाजरे की मोटी रोटी तैयार की जाती है. इसे आधा पकाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लिया जाता है और हाथों से क्रश कर चूरा बनाया जाता है. इसके बाद इसमें देसी घी और क्रश किया हुआ गुड़ मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए काजू, किशमिश और बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लड्डू का शेप दिया जाता है.

करौली

सर्दी के मौसम में बाजरे की रोटी और गुड़ का यह देसी मलीदा न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी ग्रामीण राजस्थान की ताकत का असली राज माना जाता है.

First Published :

December 20, 2025, 19:37 IST

homerajasthan

सर्दी में बाजरे का मलीदा: राजस्थान का ग्रामीण सुपरफूड और फायदे

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj