अनार किसान सावधान! आपकी छोटी-सी गलती पूरे बाग को कर सकती है बर्बाद, तेजी से फैल रहा है यह फंगल वायरस

Last Updated:December 03, 2025, 14:49 IST
एग्रीकल्चर स्टोरी : जोधपुर, बाड़मेर और जालौर में अनार की फसल पर वायरस का खतरा बढ़ा है. काजरी के वैज्ञानिक धीरज सिंह और ओमप्रकाश मीणा समाधान के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रहे हैं.
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पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जोन, जो हाल के वर्षों में अनार उत्पादन में देश भर में तीसरे स्थान तक पहुंच चुके हैं, इन दिनों एक नई चुनौती से जूझ रहे हैं. क्षेत्र में अनार की फसलों पर एक अजीब तरह का वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे बड़ी संख्या में बागों को नुकसान पहुंचा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों द्वारा निर्धारित भूमि से कहीं अधिक – तीन से चार गुना – अनार की खेती किए जाने के कारण मिट्टी और पौधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है, जिससे विशेष प्रकार की यह बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है.
काजरी के कृषि वैज्ञानिक धीरज सिंह और ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि, हमारे निदेशक एस पी एस तंवर के निर्देशन मे किसानों को विभिन्न प्रकार की आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और अब जब अनार की खेती जिस रूप में प्रभावित हो रही है उसका समाधान ढूंढते हुए किसानों को नए तरीके से प्रशिक्षित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. लगातार बढ़ते संक्रमण और फसल बर्बादी से परेशान किसानों ने कई जगहों पर अनार के पौधों को उखाड़ना भी शुरू कर दिया है. इस हालात को गंभीरता से लेते हुए काजरी के वैज्ञानिक अब समाधान की दिशा में आगे आए हैं.
100 किसानों को किया ट्रेंड काजरी के कृषि वैज्ञानिक धीरज सिंह ने कहा कि मैं वैज्ञानिक बाद में मगर पहले किसान का बेटा हूं तो किसानों के दर्द को देखकर मुझे लगता है कि उनके लिए कुछ करें. कजारी ने मुझे यह जिम्मेदारी दी कि अनार में न्यूट्रिशियन पोषण तत्व कैसे डेवलप किए जाएं ताकि जो इंफेक्शन भी हो तो उसका इफेक्ट नहीं हो. एक्सपोर्ट क्वॉलिटी केसे अच्छी हो उसपर हमने शोध किया जिसपर किसानों को ट्रेनिंग देंगे. हम 100 किसानों से जुडकर उनको ट्रेनिंग भी दी है.
किसान इन कमियों को करें दूर किसान कम जमीन में ज्यादा प्लांट लगाने का काम कर रहे हैं यह उनकी पहली गलती है. स्पेस नहीं रहता तो इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है. वहां से लेकर न्यूट्रियन मैनेजमेंट तक काम सही होना चाहिए. किसान को लालच छोडना पडेगा कैपेसिटी 2 हजार प्लांट की है तो वहां पांच हजार प्लांट कर रहे हैं तो वह 3 हजार प्लांट का लालच छोडना पडेगा. बालोतरा में किसानों ने इस तकनीक को अपनाया है जिससे वहां यह डिजीज खत्म हो चुकी है.
किसान इस तरह कर सकते हैं बचावअनार में फंगल इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मुख्य हैं अल्टरनेरिया फ्रूट रॉट, एस्परगिलस फ्रूट रॉट और बोट्रीट्रिस. इन संक्रमणों के लक्षण फल पर काले या भूरे धब्बे, आंतरिक सड़न और पत्तियों का झड़ना है. इनके इलाज के लिए प्रभावित फलों और पत्तों को हटाना, उचित फफूंदनाशकों का छिड़काव करना और बगीचे की सफाई बनाए रखना जैसे उपाय किए जा सकते हैं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
First Published :
December 03, 2025, 14:49 IST
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अनार किसान सावधान! छोटी गलती से बाग बर्बाद, तेजी से फैल रहा फंगल वायरस



