बार-बार बारां क्यों लौट रही चीता ‘वीरा’? कूनो से तीसरी बार पहुंची शाहाबाद जंगल, वन विभाग अलर्ट

Last Updated:August 24, 2026, 08:43 IST
Kuno National Park Cheetah Veera Baran Movement: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर मादा चीता वीरा तीसरी बार राजस्थान के बारां जिले के जंगलों में पहुंच गई है. इस बार वीरा ने शाहाबाद क्षेत्र में कोटरा माताजी के आस-पास के जंगलों और खेतों में डेरा डाला है. चीता के बारां सीमा में पहुंचने की जानकारी के बाद बारां वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की स्पेशल ट्रैकिंग टीम अलर्ट हो गई है. जीपीएस कॉलर और ग्राउंड ट्रैकिंग के जरिए वीरा की लगातार निगरानी की जा रही है. वन विभाग ने आस-पास के ग्रामीणों को चीते के मूवमेंट वाले क्षेत्रों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. वीरा इससे पहले फरवरी 2024 और फिर 8 जून 2026 को बारां पहुंची थी. दूसरी बार वह 12 जून को खुद जंगल के रास्ते कूनो लौट गई थी. अब तीसरी बार उसके बारां आने के पीछे का कारण यहां का जंगल और प्राकृतिक वातावरण को अनुकूल माना जा रहा है.
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कूनो नेशनल पार्क से निकलकर मादा चीता वीरा तीसरी बार बारां जिले के जंगलों में पहुंची
बारां. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीतों के बारां जिले के जंगलों में पहुंचने का सिलसिला जारी है. मादा चीता वीरा एक बार फिर बारां की सीमा में पहुंच गई है. यह तीसरी बार है जब वीरा ने कूनो से निकलकर बारां के जंगलों का रुख किया है. इस बार उसने शाहाबाद क्षेत्र में कोटरा माताजी के आस-पास के जंगलों और खेतों में डेरा डाल रखा है. वीरा की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद बारां वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की स्पेशल ट्रैकिंग टीम सक्रिय हो गई है.
जीपीएस कॉलर और ग्राउंड ट्रैकिंग के जरिए चीता की लगातार निगरानी की जा रही है. वन विभाग की टीम वीरा की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है, ताकि उसके आबादी वाले इलाकों की ओर आने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें. वन विभाग ने आस-पास के ग्रामीणों को चीते की गतिविधियों वाले क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है. साथ ही लोगों से जंगल और खेतों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल वीरा की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है.
पहले भी दो बार बारां आ चुकी है वीरा
मादा चीता वीरा इससे पहले भी दो बार बारां के जंगलों में पहुंच चुकी है. जानकारी के अनुसार वीरा पहली बार फरवरी 2024 में कूनो से निकलकर बारां के जंगलों में आई थी. उस दौरान वह करीब दो दिन तक शाहाबाद क्षेत्र में रही और इसके बाद वापस कूनो लौट गई थी. इसके बाद 8 जून 2026 को वीरा दूसरी बार बारां पहुंची थी. वह करीब चार दिन तक बारां के जंगलों में रही और 12 जून को खुद जंगल के रास्ते कूनो नेशनल पार्क लौट गई थी. अब तीसरी बार वीरा ने बारां के शाहाबाद क्षेत्र का रुख किया है.
बार-बार बारां क्यों पहुंच रहे चीते?
चीतों का बार-बार बारां के जंगलों में पहुंचना वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट और वन विभाग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बारां का शाहाबाद क्षेत्र और आसपास का वन इलाका प्राकृतिक आवास, जंगल और शिकार की उपलब्धता के लिहाज से चीतों के लिए अनुकूल माना जाता है. कूनो से बारां की भौगोलिक निकटता भी चीतों के मूवमेंट का एक कारण हो सकती है. वीरा का बार-बार बारां आना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उसे यहां का जंगल और प्राकृतिक वातावरण अनुकूल लग रहा है. हालांकि वन विभाग की प्राथमिकता फिलहाल चीते की सुरक्षित निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अधिकारियों की टीम लगातार वीरा की लोकेशन पर नजर रख रही है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Baran,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 08:43 IST



