शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे-बहू ने वोटर बनने के लिए आवेदन पर लगाया अंगूठा, SDM ने किया रिजेक्ट

Last Updated:August 27, 2026, 11:30 IST
Jaipur News : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर चर्चा में है. इस बार चर्चा की वजह है उनका बेटा और बहू. उनके बेटे और बहू ने हाल ही में बारां जिले के अटरु नगरपालिका क्षेत्र में वोटर बनने के लिए आवेदन किया था. लेकिन एसडीएम ने उसे खारिज कर दिया है. इसका कारण है उनका आवेदन में साइन करने की जगह अंगूठे लगाना. एसडीएम ने जब पूरे मामले की जांच करवाई तो सामने आया के शिक्षा मंत्री के बेटे और बहू वहां रहते ही नहीं हैं. दिलावर का बेटा अटरु से पालिका अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल बताया जा रहा है. इसी के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है.शिक्षामंत्री मदन दिलावर का बेटा पवन दिलावर अटरु नगर पालिका से चेयरमैन की रेस में शामिल बताया जा रहा है.
जयपुर. राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता के बारां जिले के अटरु में वार्ड 21 में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने पर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि शिक्षा मंत्री के बेटे और बहू ने वोटर बनने के लिए एप्लीकेशन पर अंगूठा लगाया. लेकिन इस पर शंका होने के बाद उपखंड अधिकारी (SDM) की ओर से इसकी जांच कराई गई तो मामला खुल गया. इस पर एसडीएम ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया. अब यह मामला सियासी सुर्खिया बन गया. चुनावी माहौल में अब कांग्रेस इस मु्द्दे को लपक सकती है.
जानकारी के अनुसार बारां जिले की अटरू नगरपालिका के चैयरमेन का पद एससी के लिए रिजर्व हुआ है. पवन दिलावर अटरू से पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी में है. पवन दिलावर को चेयरमैन की रेस में शामिल बताया जा रहा है. पवन के पिता शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी नगरीय निकाय चुनाव के लिए एक सप्ताह से जयपुर छोड़ कोटा में डेरा जमाए हुए हैं. दिलावर इस बार कोटा जिले की रामगंगज मंडी से विधायक हैं. लेकिन वे पहले अटरु से भी विधायक रह चुके हैं.
दोनों ने शिक्षित होने के बावजूद अंगूठा क्यों लगाया?बताया जा रहा है कि पवन वहां नहीं रहते हैं लेकिन उन्होंने हाल ही में वहां वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया. लेकिन आवेदन में पवन और उनकी पत्नी के हस्ताक्षर की बजाय अंगूठे लगाए. बीएलओ ने उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की अभिशंषा करके आवेदन को आगे भेज दिया. लेकिन उच्च स्तर पर जांच कमेटी को इस पर शक हो गया तो मामला अधिकारियों के ध्यान में डाला गया. शक इस बात पर गहराया कि दोनों ने शिक्षित होने के बावजूद अंगूठा क्यों लगाया?
जमीनी स्तर पर जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो गयाइस पर एसडीएम अंजना सहरावत ने पूरे मामले की जमीनी स्तर पर जांच करवाई. लेकिन पवन और उनकी पत्नी के वहां रहने (निवास) के कोई प्रमाण नहीं मिले. इस पर एसडीएम ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया. नियमानुसार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए वहां छह महीने से रहने का प्रमाण होना जरूरी है. लेकिन दोनों ने ऐसा कोई प्रमाण पेश नहीं किया. अटरु से केवल शिक्षा मंत्री का बेटा पवन दिलावर ही चेयरमैन की दौड़ में नहीं है बल्कि उनका भाई भी इस रेस में शामिल है. शिक्षा मंत्री के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर और बेटे पवन ने अटरु के वार्ड संख्या पांच से बीजेपी से टिकट के लिए आवेदन कर रखा है.
मदन दिलावर का बेटे को चैयरमेन बनाने का सपना टूट सकता है
अब बेटे का मतदाता बनने का आवेदन ही खारिज होने से पिता मदन दिलावर का उसे चैयरमेन बनाने का सपना टूट सकता है. हालांकि अभी उनके पास एसडीएम के इस फैसले के खिलाफ जिला कलेक्टर के पास अपील का करने मौका है. लेकिन इस मसले पर सियासत गरमाने से बवाल बढ़ सकता है. राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालात और अपने बेबाक बयानों को लेकर मदन दिलावर पहले से ही विपक्ष के निशाने पर हैं.About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 11:28 IST



