‘लोग समझ नहीं पा रहे कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा’, CJI सूर्यकांत बोले, संजय राउत को SC का नोटिस

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लोग समझ नहीं पा रहे कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा: संजय राउत को SC का नोटिस
Last Updated:October 16, 2026, 13:26 IST
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई सूर्यकांत और न्यायपालिका के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने दोनों से पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं और उन्हें लगता है कि इससे अदालत पर दबाव नहीं पड़ेगा. फिलहाल कोर्ट ने दोनों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दी है.‘लोग समझ नहीं पा रहे कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा है’, संजय राउत और निखिल वागले को SC का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई सूर्यकांत और न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर उद्धव गुट वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई पर टिप्पणी मामले में संजय राउत से स्पष्टीकरण मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत से पूछा कि आखिर आपके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर पत्रकार निखिल वागले को भी नोटिस जारी किया.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर आज सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए? इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि लोग समझ नहीं पा रहे कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा है.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एसजी यानी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं, उन्हें लगता है कि इससे कोर्ट पर दबाव नहीं बनेगा.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अहम बातें:
वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से वरिष्ठ वकील प्रदीप राय ने कहा कि इस तरह की याचिका दायर करना उनके लिए पीड़ादायक है. उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार पत्रकार हैं और दूसरे संसद के सदस्य हैं.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने निखिल वागले और संजय राउत को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए. फिलहाल दोनों की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है.
वहीं, दीप राय ने कहा कि दोनों की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी होनी चाहिए. इसे लेकर उन्होंने दलील दी कि अगर इस मामले को अभी नजरअंदाज किया गया, तो दूसरे लोग भी इससे प्रोत्साहित हो सकते हैं. इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें जाल में फंसाया जा रहा है.’
संजय राउत ने सीजेआई पर क्या बयान दिया था?संजय राउत ने चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने से सीजेआई के इनकार करने को लेकर आलोचना की थी. उन्होंने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 80 जजों को लंदन में राजनीतिक नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था.
About the Authorशंकर पंडित
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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October 16, 2026, 13:12 IST



