Rajasthan

30 लाख में पेपर खरीदने वाले कौन हैं दिनेश और मांगीलाल, परिवार के 4 बच्चे पिछले साल भी हुए थे सलेक्ट

Last Updated:May 13, 2026, 10:31 IST

NEET-UG Paper Leak Case Update: नीट पेपर लीक केस ने पूरे देश को हिला दिया है. लाखों स्टूडेंट्स के सपनों पर पानी फेर देने वाले इस पेपर लीक केस ने परीक्षा एजेंसी और सुरक्षा एजेंसियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस पेपर लीक केस का कनेक्शन एक दो नहीं बल्कि सात राज्यों में सामने आया है. राजस्थान में जयपुर के जमवारामगढ़ के दो भाइयों ने सबसे पहले पेपर का खरीदा था. इसके लिए उन्होंने पेपर लीक माफिया गैंग को 30 लाख रुपये दिए थे. इन भाइयों के परिवार से बीते साल भी चार बच्चे नीट में सलेक्ट हुए थे. पढ़ें ताजा अपडेट. नीट पेपर लीक केस: राजस्थान में दिनेश और मांगीलाल ने 30 लाख में खरीदा था पेपरZoomमांगीलाल और दिनेश जयपुर के जमवारामगढ़ के रहने वाले हैं.

जयपुर. मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक केस में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. देश के सात राज्यों में लीक हुए इस पेपर को जयपुर के जमवारामगढ़ के मांगीलाल और दिनेश ने 26 अप्रेल को ही 30 लाख में खरीद लिया था. ये दोनों भाई हैं. बाद में इन्होंने 29 अप्रेल को सीकर में छात्रों को बेचा था. इन दोनों भाइयो की तस्वीर भी सामन आ गई है. नीट का ये पेपर नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर गुरुग्राम की गैंग के पास पहुंचा था. उसके बाद यह एक के बाद एक राज्य में फैल गया. नतीजा यह हुआ है कि पूरे मामले का खुलासा होने के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार राजस्थान में सबसे पहले जमवारामगढ़ में दो भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने यह पेपर खरीदा था. इसके बदले पेपर लीक माफिया गैंग को 30 लाख रुपये दिए थे. इन दोनों भाइयों ने सीकर में तैयारी कर रहे अपने बेटे को यह पेपर दिया. उसके बाद दोनों भाई सीकर पहुंचे और वहां 29 अप्रेल कई लोगों को सीकर में बेचा. दोनों भाई में से एक राजनीति से जुड़ा है. इस परिवार से पिछले साल ही चार बच्चे नीट में सलेक्ट हुए थे.

पीजी संचालक ने तीन मई को पुलिस को सूचना दी थी
सीकर में कुछ कॉलेज संचालकों के साथ छात्रों ने व्हाट्सऐप ग्रुप और चैनल बना रखे थे. दिनेश और मांगीलाल ने कुछ ग्रुप को भी पेपर बेचा. देहरादून से पकड़े गए राकेश कुमार को भी बेचा था. राकेश कुमार के चैनल से करीब 100 बच्चे जुड़े थे. फिर यह चैनल में वायरल हुआ. पेपर की पीडीएफ का प्रिंट भी बेचा गया था. इसी प्रिंट को केरल में एमबीबीएस कर रहे छात्र को भेजा गया. उससे लेकर दूसरे छात्र ने सीकर में पीजी चला रहे अपने पिता को भेजा. पीजी संचालक ने ही तीन मई को पुलिस को सूचना दी थी‌. पुलिस ने नहीं सुनी तो एनपीए को शिकायत की.

आशंका है गैंग में कुछ डाक्टर भी शामिल हैं
अब तक की जांच में सामने आया है कि नासिक के शुभम ने पुणे में एक शख्स से पेपर खरीदा था. ये पेपर गुरुग्राम गैंग ने राजस्थान, जम्मू कश्मीर, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और केरल में बेचा था. नासिक से पकड़ा गया शुभम मध्यप्रदेश से एमबीबीएस कर रहा है. सीकर में पकड़े गए बच्चों के मोबाइल पर एक महीने पहले ही मैसेज आ गए थे कि पेपर मिल जाएगा. जमवारामगढ़ के एक छात्र ने कुछ छात्रों को बताया गया था कि पेपर मिल जाएगा. आशंका है इस गैंग में कुछ डाक्टर भी शामिल हैं. नासिक से पकड़ा गया शुभम मध्यप्रदेश से एमबीबीएस कर रहा है.

दो दर्जन आरोपियों को सीबीआई के सुपुर्द किया
मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक मामले में मंगलवार शाम दिल्ली से सीबीआई की टीमें जयपुर स्थित SOG मुख्यालय पहुंची. इस केस में कई राज्यों का इनपुट होने के चलते केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को यह केस सौंपा गया है. एसओजी ने भी अपनी जांच से जुड़े दस्तावेज और दो दर्जन आरोपियों को सीबीआई के सुपुर्द किया है. एसओजी के IG अजयपाल लांबा ने मंगलवार मीडिया से बात करते हुए कहा कि अलवर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, झुंझुनूं और सीकर पुलिस के साथ SOG जांच में जुटी हुई है. जिन-जिन लोगों तक पेपर पहुंचने की संभावना जताई गई है उनमें करीब 150 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं.

राजस्थान पहुंचने से पहले ही पेपर आउट हो चुका थापूछताछ में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले हरियाणा के एक व्यक्ति ने भी महाराष्ट्र से पेपर प्राप्त कर उसे आगे शेयर किया था. इस पूरे मामले को CBI ने टेकओवर कर लिया है. इस मामले में प्रदेश में कई संदिग्ध लोगों और गिरोहों से पूछताछ जारी है. अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों को CBI को सौंपा गया है. SOG के IG अजय पाल लांबा ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक का राजस्थान से सीधा संबंध सामने नहीं आया है. आरोपियों ने इसे ओरिजिनल पेपर बताकर बेचा था और राजस्थान पहुंचने से पहले ही पेपर आउट हो चुका था.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj