शक्ति पर सियासी संग्राम, जयपुर में सीएम भजनलाल का वार -‘महिलाओं का हक रोक रही विपक्ष की राजनीति’

जयपुर : जयपुर स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग की. इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देने में सबसे बड़ी बाधा विपक्ष की राजनीति रही है. प्रेस ब्रीफिंग से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे, जहां उनके लिए हाल ही में बनाए गए विशेष कक्ष में वे पहली बार बैठे. यह कक्ष पांच नंबर कक्ष के रूप में निर्धारित किया गया है. यहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की.
इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बयान को भी सुना. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लेकर आए. उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक 2029 के चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला था, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण इसे पारित नहीं होने दिया गया. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्षों बाद भी महिलाओं को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल पाया, जबकि देश में सबसे अधिक समय तक कांग्रेस की सरकार रही.
आधी आबादी का हक रोका, विपक्ष पर CM का वारमुख्यमंत्री ने कहा, “देश की आधी आबादी को उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इसे रोकने का काम किया है.” भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर राजनीति की गई और महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी नहीं बख्शा गया. उन्होंने इसे विपक्ष की “स्वार्थ की राजनीति” करार देते हुए कहा कि इस रवैये ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं.
‘नारी शक्ति बिल’ पर CM बोले – सशक्तिकरण का बड़ा कदममुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक बिल नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान दिया गया है, लेकिन विपक्ष ने उन्हें पीछे धकेलने का काम किया. उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों की शुरुआत हुई. इसके साथ ही उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी, सोलर दीदी, बैंक सखी और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया गया है.
महिला आरक्षण अधिनियम पर सियासी संग्राम
कांग्रेस पर निशाना, ‘नारेबाजी तक सीमित सशक्तिकरण’मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वह महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के बजाय केवल नारेबाजी तक सीमित रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग महिला सम्मान की बात तो करते हैं, लेकिन उनका आचरण इसके विपरीत है. इस दौरान बीजेपी की नेता सावित्री ठाकुर ने भी मीडिया से बातचीत की और कहा कि भारतीय परंपरा में नारी शक्ति को हमेशा पूजनीय माना गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार मिलने की बात कही और विपक्ष पर महिलाओं की आकांक्षाओं को बाधित करने का आरोप लगाया.
चुनाव में महिलाएं देंगी जवाब, CM का बड़ा दावासावित्री ठाकुर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे ऐसे क्षेत्र से आती हैं जहां कभी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को देश के विकास में भागीदारी की उम्मीद थी, लेकिन विपक्ष ने उसमें भी बाधा डालने का काम किया. प्रेस ब्रीफिंग के अंत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास जताया कि जो काम विपक्ष ने रोका है, उसे जनता के सहयोग से पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में महिलाएं विपक्ष को इसका जवाब देंगी. कुल मिलाकर, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस महिला आरक्षण और सशक्तिकरण के मुद्दे पर सियासी घमासान का संकेत देती है, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते नजर आ रहे हैं.
सीएम भजनलाल शर्मा ने नारी शक्ति विधेयक पर विपक्ष को लेकर क्या आरोप लगाए?मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर भी राजनीति की. उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण यह संभव नहीं हो पाया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री ने इसकी क्या अहमियत बताई है?मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने बताया कि इससे महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा. साथ ही यह सामाजिक और राजनीतिक रूप से महिलाओं को मजबूत बनाने का माध्यम भी साबित होगा.
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए किन सरकारी योजनाओं का जिक्र किया?मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी, सोलर दीदी और बैंक सखी जैसी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया जा रहा है और सरकार लगातार महिलाओं के विकास के लिए काम कर रही है.
कांग्रेस पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ नारेबाजी करती रही है और असल में कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने परिवारवाद का भी आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं को उनका अधिकार देने में विफल रही है और विपक्ष का रवैया महिलाओं के हितों के खिलाफ रहा है.
सावित्री ठाकुर और मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भूमिका पर क्या कहा है?सावित्री ठाकुर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को हमेशा पूजनीय माना गया है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार मिल रहा है. वहीं मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में महिलाएं विपक्ष को जवाब देंगी और देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएंगी.



