जयपुर एयरपोर्ट पर देर रात मचा हड़कंप! आंधी ने रोकी विमानों की रफ्तार, हवा में लटके रहे यात्री, फ्लाइट डायवर्ट

जयपुर: राजधानी जयपुर में बीती रात मौसम के अचानक बदले मिजाज ने हवाई यातायात को पूरी तरह पटरी से उतार दिया. शहर में आई तेज आंधी के कारण विजीबिलटी इतनी कम हो गई कि जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग असंभव हो गई. इस नेचुरल व्यवधान के चलते तीन उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा, जबकि कई अन्य विमान घंटों तक आसमान में चक्कर काटते रहे.
रात के समय आई आंधी के कारण पायलटों को रनवे देखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एटीसी ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी, जिसके परिणामस्वरूप तीन प्रमुख उड़ानों को डायवर्ट किया:
इंडिगो (6E-7745): इंदौर से जयपुर आ रही यह फ्लाइट जब जयपुर के आसमान में पहुंची, तो मौसम खराब हो चुका था. लैंडिंग संभव न होने पर इसे वापस इंदौर के लिए ही डायवर्ट कर दिया गया.
एयर इंडिया एक्सप्रेस (IX-1219): मुंबई से जयपुर आ रही इस उड़ान को सुरक्षा कारणों से दिल्ली एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया.
इंडिगो (6E-7131): अहमदाबाद से जयपुर आ रही फ्लाइट को भी जयपुर में उतरने की जगह नहीं मिली और इसे भी दिल्ली डायवर्ट किया गया.
यात्रियों की अटकी रही सांसेंडायवर्ट की गई उड़ानों के अलावा, कई विमान ऐसे भी थे जिन्हें जयपुर के आसमान में ही होल्ड पर रखा गया. जब तक मौसम साफ नहीं हुआ, पायलट विमानों को हवा में ही घुमाते रहे:
एयर इंडिया (AI-413): मुंबई से जयपुर आई यह फ्लाइट करीब एक घंटे तक जयपुर के आसमान में चक्कर काटती रही (Hold). यात्री नीचे उतरने का इंतजार करते रहे, लेकिन कम दृश्यता बाधा बनी रही.
इंडिगो (6E-749): गुवाहाटी से जयपुर आ रही यह उड़ान भी करीब पौने घंटे तक होल्ड पर रही. ईंधन और सुरक्षा मानकों को देखते हुए पायलट लगातार एटीसी के संपर्क में रहे.
घंटों परेशान रहे यात्रीइस पूरे घटनाक्रम के दौरान जयपुर आने वाले यात्रियों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी. जो फ्लाइट्स डायवर्ट हुईं, उनके यात्री दूसरे शहरों में फंस गए, वहीं जो आसमान में होल्ड पर थे, वे अनिश्चितता के डर में रहे. यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में 3 से 5 घंटे की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ा. एयरपोर्ट परिसर में भी परिजनों का इंतजार लंबा होता गया, जिससे तनाव की स्थिति बनी रही.
तेज हवाओं ने बिगाड़ा खेलमौसम विभाग के अनुसार, अचानक आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई थी. धूल के गुबार ने रनवे पर ‘विजिबिलिटी’ को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया. एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए लैंडिंग के बजाय डायवर्जन का विकल्प चुना गया.
इस घटना ने एक बार फिर प्री-मानसून सीजन में हवाई यात्रा की चुनौतियों को उजागर कर दिया है. फिलहाल जयपुर एयरपोर्ट पर संचालन सामान्य है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करके ही घर से निकलें.



