Rajasthan

अलवर की सिलीसेढ़ झील बनी अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट

Last Updated:December 15, 2025, 15:35 IST

अलवर की ऐतिहासिक सिलीसेढ़ झील को अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि कन्वेंशन द्वारा रामसर साइट घोषित किया गया. यह झील अब राजस्थान की पांचवीं और भारत की 95वीं रामसर साइट बन गई है. पक्षियों की विविधता और पर्यटन संभावनाओं के कारण यह झील पर्यावरण और पर्यटन दोनों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है.

ख़बरें फटाफट

अलवर की सिलीसेढ़ झील बनी अंतरराष्ट्रीय रामसर साइटसिलीसेढ़ झील

अलवर. जिले में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सिलीसेढ़ झील को आर्द्रभूमि पर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन द्वारा रामसर साइट के रूप में घोषित किया जाना जिले और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है. यह दर्जा मिलने के साथ ही सिलीसेढ़ झील अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल हो गई है, जो इसके पर्यावरणीय महत्व को दर्शाता है. इस उपलब्धि के साथ राजस्थान में रामसर साइट्स की संख्या 5 और भारत में 95 हो गई है.

आकर्षक सारसों से लेकर रंग-बिरंगे किंगफिशर्स तक यह झील पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है, जहां आकाश पंखों की अद्भुत दुनिया से जीवंत हो उठता है. यहां 100 से अधिक पक्षी प्रजातियों को देखने का अवसर मिलता है, और सरिस्का टाइगर रिज़र्व का प्रवेश द्वार होने के कारण यह झील एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी बन गई है. बड़ी संख्या में दिल्ली एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों से पर्यटक यहाँ घूमने आते हैं और झील में बोटिंग का आनंद उठाते हैं.

इस उपलब्धि पर अलवर सांसद और केंद्रीय पर्यावरण ने दी बधाई

इस उपलब्धि पर अलवर सांसद और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “मैं अलवर के लोगों, विशेषकर सिलीसेढ़ झील के आसपास रहने वाले सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं कि अलवर की इस झील को वैश्विक पहचान मिली है. यह हमारी साझा उपलब्धि है, हम इस रामसर साइट के सम्मान के साथ सिलीसेढ़ झील के आसपास पर्यटन, जैव विविधता और जल संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन, साथ ही जलवायु सुरक्षा और सतत आजीविका सुनिश्चित करने के काम को और मजबूती दे पाएंगे. ”

1845 में बनी थी सिलीसेढ़ झील1845 में महाराजा विनय सिंह द्वारा निर्मित यह ऐतिहासिक झील अलवर को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई थी, जिसका प्रमाण झील के चारों ओर बने जल-वाहिकाओं (एक्वाडक्ट्स) में मिलता है.

About the AuthorMonali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

December 15, 2025, 15:35 IST

homerajasthan

अलवर की सिलीसेढ़ झील बनी अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj