Health

तांबे के बर्तन में पानी पीते समय न करें ये 3 गलतियां, फायदे की जगह शरीर को होगा नुकसान

Last Updated:June 21, 2026, 23:26 IST

Copper Water Benefits and Risks: तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके इस्तेमाल में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है. पानी को लंबे समय तक स्टोर करना, खट्टे पदार्थ रखना और बर्तन की नियमित सफाई न करने से शरीर को नुकसान हो सकता है. तांबे के बर्तन का इस्तेमाल सावधानी के साथ करना चाहिए.तांबे के बर्तन में पानी पीते समय न करें ये 3 गलतियां, फायदे की जगह होगा नुकसानZoomतांबे के बर्तन में खट्टी चीजें नहीं रखनी चाहिए, वरना सेहत को नुकसान हो सकता है.

Copper Water Common Mistakes: सदियों से लोग तांबे के बर्तन में पानी पीते आ रहे हैं. आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखकर पानी पीना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. एक्सपर्ट्स की मानें तो तांबे के बर्तन में कुछ घंटों तक रखा पानी कॉपर आयन ग्रहण कर लेता है, जो शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों में से एक है. हर अच्छी चीज की तरह इसका भी सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है. अगर तांबे के बर्तन का उपयोग गलत तरीके से किया जाए, तो फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है. सभी लोगों को ऐसी 3 गलतियों के बारे में जान लेना चाहिए, जिनसे तांबे का बर्तन नुकसानदायक हो सकता है.

यूपी के हाथरस स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सरोज गौतम ने को बताया कई लोग एक बार पानी भरकर उसे पूरे दिन या कई दिनों तक तांबे के बर्तन में ही छोड़ देते हैं. पानी को तांबे के बर्तन में सीमित समय तक ही रखना बेहतर माना जाता है. आमतौर पर 6 से 8 घंटे तक रखा पानी पर्याप्त माना जाता है. बहुत लंबे समय तक रखा पानी अधिक मात्रा में कॉपर ग्रहण कर सकता है, जो कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए तांबे के बर्तन में ताजा पानी भरना और नियमित रूप से बदलना जरूरी होता है. अगर कई दिनों तक तांबे के बर्तन में रखा पानी पिएंगे, तो नुकसान हो सकता है.

आयुर्वेद एक्सपर्ट का साफ कहना है कि तांबे के बर्तन में नींबू पानी, इमली का पानी, सिरका, जूस या अन्य एसिडिक पदार्थ रखने से बचना चाहिए. खट्टे पदार्थ तांबे के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिससे ऐसे यौगिक बन सकते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यही कारण है कि तांबे के बर्तनों का उपयोग मुख्य रूप से पानी रखने के लिए ही किया जाता है. तांबे के बर्तनों में खट्टी चीजें बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए. आयुर्वेद में इसे शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक माना गया है.

डॉक्टर की मानें तो तांबे के बर्तन समय के साथ अपनी सतह पर एक परत जमा कर सकते हैं, जिससे उनकी चमक कम हो जाती है. अगर बर्तन की नियमित सफाई नहीं की जाए, तो उसकी स्वच्छता प्रभावित हो सकती है. तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए नींबू और नमक या बाजार में उपलब्ध कॉपर क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. साफ बर्तन न केवल देखने में अच्छे लगते हैं, बल्कि उनका उपयोग भी अधिक सुरक्षित माना जाता है.

आयुर्वेद एक्सपर्ट की मानें तो तांबे के बर्तन का पानी सीमित मात्रा में ही पीना बेहतर माना जाता है. पूरे दिन केवल तांबे के बर्तन से पानी पीने के बजाय इसे संतुलित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को पहले से लिवर, किडनी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही तांबे वाला पानी पिएं. तांबे के बर्तन में पानी पीना एक अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन इसका सही तरीके से उपयोग करना बेहद जरूरी है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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