20 हजार करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में मोड़, महेश जोशी समेत कई आरोपियों की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

Last Updated:August 05, 2026, 19:41 IST
Jal Jeevan Mission Scam Rajasthan: राजस्थान हाई कोर्ट में जल जीवन मिशन से जुड़े कथित 20 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में अहम सुनवाई हुई. पूर्व मंत्री महेश जोशी, पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल, संजय बड़ाया सहित अन्य आरोपियों और आरोपी मुकेश पाठक की जमानत याचिकाओं पर जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा, जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांधू सहित अन्य वकीलों ने पैरवी की. अब हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है.
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राजस्थान हाई कोर्ट में जल जीवन मिशन घोटाले की सुनवाई पूरी
जयपुर. राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) में 20 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और घोटाले से जुड़े मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय से बड़ी खबर सामने आई है. हाईकोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत जल्द ही अपना निर्णय सुनाएगी.
जमानत याचिकाओं पर यह महत्वपूर्ण सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ में हुई. मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल, निजी व्यक्ति संजय बड़ाया, मुकेश पाठक, महेंद्र प्रकाश सोनी, कृष्णदीप गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता और दिलीप कुमार गौड़ सहित अन्य आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की गई. अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख है.
दोनों पक्षों की ओर से हुई तीखी बहसअदालत में राज्य सरकार और याचिकाकर्ताओं की ओर से दिग्गज अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष रखे. राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) राजेश चौधरी, एडवोकेट विनोद कुमार शर्मा और अमन अग्रवाल ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए घोटाले की गंभीरता और जांच के पहलुओं का हवाला दिया. दूसरी तरफ, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांधू सहित कई अनुभवी वकीलों ने पैरवी की. उन्होंने आरोपियों को राहत देने के पक्ष में अपनी कानूनी दलीलें पेश कीं.
क्या है जल जीवन मिशन घोटाला?राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे. हालांकि, इस योजना के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े, फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर टेंडर जारी करने और घटिया गुणवत्ता के पाइप तथा सामग्री का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे थे. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों (ईडी) और राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की जा रही है.
फैसले पर टिकी सबकी निगाहेंहाईकोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सभी की निगाहें अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हैं. इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी और पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल जैसे हाई-प्रोफाइल नाम शामिल होने के कारण हाईकोर्ट का यह फैसला प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 05, 2026, 19:41 IST



