कोटा के इस प्रसिद्ध बालाजी मंदिर की बदलेगी तस्वीर, 1.58 करोड़ रुपए से होंगे विकास कार्य

Last Updated:August 10, 2026, 12:00 IST
Chandmari Balaji Temple Kota: कोटा के चांदमारी बालाजी मंदिर की तस्वीर अब बदलने वाली है. चंबल नदी के किनारे स्थित मंदिर के विकास के लिए 1.58 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया. उन्होंने मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ परिसर में पौधारोपण भी किया. विकास कार्यों में मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग सहित कई आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा. बिरला ने कहा कि कामों की योजना अगले करीब 50 साल की जरूरतों और बढ़ते आवागमन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
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कोटा के चांदमारी बालाजी मंदिर की तस्वीर अब बदलने वाली है.
कोटा. राजस्थान के कोटा स्टेशन क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध चांदमारी बालाजी मंदिर की तस्वीर बदलने वाली है. चंबल नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध चांदमारी बालाजी मंदिर के विकास के लिए 1.58 करोड़ रुपए के कार्यों की शुरुआत की गई है. विकास कार्य पूरे होने के बाद मंदिर परिसर और यहां तक पहुंचने वाले मार्ग की तस्वीर बदलने की उम्मीद है. चांदमारी बालाजी परिसर में लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यो का शिलान्यास किया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चांदमारी बालाजी मंदिर में दर्शन किए. उन्होंने भगवान के समक्ष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और आमजन की खुशहाली की कामना की. इसके बाद मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया.
ओम बिरला ने कहा कि चांदमारी बालाजी मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते और परिसर में अन्य विकास कार्यों को आने वाले करीब 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर करवाया जा रहा है. मंदिर चंबल नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है. विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शहर के विकास को नई गति देना है.
चांदमारी बालाजी मंदिर में होंगे कई विकास कार्य
चांदमारी बालाजी मंदिर परिसर में करीब 1.58 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे. इनमें मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग समेत परिसर से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं. विकास के बाद श्रद्धालुओं को यहां आने-जाने में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. चंबल नदी के किनारे स्थित होने के कारण मंदिर का प्राकृतिक परिवेश भी आकर्षण का केंद्र है. विकास कार्यों से मंदिर की सुविधाओं के साथ इसके आसपास के क्षेत्र को भी बेहतर स्वरूप मिलने की उम्मीद है.
शहर की जरूरतों के हिसाब से योजनाएं की जा रही है तैयार
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि शहर के विकास की योजनाओं को लंबे समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी और आवागमन के दबाव को देखते हुए लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. चांदमारी बालाजी मंदिर के विकास को भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा बताया गया.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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August 10, 2026, 12:00 IST



