Rajasthan

घर की चौखट से बाजार तक पहुंचा हुनर! महिलाओं के हाथों बने मिट्टी के बर्तनों की जबरदस्त डिमांड, बढ़ रही आय

Last Updated:June 25, 2026, 14:47 IST

Pottery Business Bharatpur: भरतपुर में महिलाओं का पारंपरिक हुनर आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभर रहा है. यहां की महिलाएं चीनी मिट्टी और मिट्टी के आकर्षक बर्तन तैयार कर न केवल अपनी कला को जीवित रख रही हैं, बल्कि इससे अच्छी आय भी अर्जित कर रही हैं. सड़कों के किनारे लगाए गए उनके स्टॉल स्थानीय लोगों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं. सुंदर डिजाइन, पारंपरिक कारीगरी और उपयोगी उत्पादों के कारण इन बर्तनों की बाजार में जबरदस्त मांग है. इस काम ने कई महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है और उन्हें स्वरोजगार का मजबूत माध्यम दिया है. महिलाओं का यह प्रयास स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है.

भरतपुर जिले में महिलाए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है. जहां महिलाएं चीनी मिट्टी के बर्तन बनाकर न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं. बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं. पारंपरिक कौशल और आधुनिक सोच के मेल से ये महिलाएं आज अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी उदाहरण बन रही हैं.

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं अब घर पर ही चीनी मिट्टी के बर्तन तैयार कर रही हैं. इन बर्तनों में कुल्हड़, गिलास, कटोरी, प्लेट और सजावटी सामान शामिल हैं. खास बात यह है कि ये सभी उत्पाद पूरी तरह से चीनी मिट्टी के होते हैं. जिससे इनकी गुणवत्ता और आकर्षण दोनों बढ़ जाते हैं. स्थानीय बाजारों में इन बर्तनों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.

इन महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने काम को संगठित रूप दिया है. समूह के माध्यम से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलता है. बल्कि प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच भी आसान होती है. एक महिला के साथ जुड़कर कई अन्य महिलाएं भी इस काम में शामिल हो रही हैं. जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. इसके अलावा मये महिलाए मेले में भी जाती हैं.

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भरतपुर की सड़कों के किनारे इन महिलाओं के स्टॉल आसानी से देखे जा सकते हैं. जहां वे अपने बनाए बर्तनों को बेचती नजर आती हैं. राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच इन उत्पादों की अच्छी मांग है. खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर इन बर्तनों की बिक्री में और अधिक वृद्धि देखी जाती है.

अगर कीमत की बात करें तो इन चीनी मिट्टी के बर्तनों की कीमत उनके आकार और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग होती है. छोटे बर्तन कम कीमत में उपलब्ध होते हैं. जबकि बड़े और सजावटी बर्तन थोड़े महंगे होते हैं. बावजूद इसके इनकी किफायती दर और आकर्षक डिजाइन ग्राहकों को अपनी ओर खींचते हैं.

महिलाओं की यह पहल न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है. बल्कि स्थानीय स्तर पर एक मजबूत आर्थिक तंत्र भी तैयार कर रही है. सरकार और प्रशासन द्वारा भी ऐसे स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. जिससे आने वाले समय में और अधिक महिलाएं इस दिशा में आगे बढ़ सकेंगी. भरतपुर की ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर भारत की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं.

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