फीका पड़ चुका था वैभव, अब फिर चमकेगा जूनागढ़ किला! स्टोन कलर से होगा भव्य मेकओवर, पर्यटकों की उमड़ेगी भीड़

Last Updated:April 24, 2026, 15:32 IST
किले के असिस्टेंट इंचार्ज रिटायर्ड सूबेदार माधोसिंह ने बताया कि वह पिछले 22 सालों से यहां सेवा दे रहे हैं, लेकिन इस दौरान किले का रंग-रोगन नहीं हुआ था. अब इस दिशा में पहल करते हुएBikaner Hindi News: जूनागढ़ किले के ऐतिहासिक स्वरूप को नया जीवन देने के लिए इसके रंग-रूप में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. सौंदर्यीकरण के तहत किले की दीवारों और कोनों को पत्थर के रंग से निखारा जाएगा, जिससे इसकी पुरानी भव्यता फिर से उभर सके. समय और मौसम के प्रभाव से फीके पड़े हिस्सों को संरक्षित करते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मूल वास्तुकला की पहचान निरंतर रहे. यह पहल न केवल किले की बढ़ोतरी बढ़ाएगी बल्कि इसे और आकर्षक भी बनाएगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. विशेष “स्टोन कलर” से किले को सजाने का कार्य शुरू किया गया है. इसके लिए मुंबई की आर्किटेक्ट निशा को बुलाया गया, जिन्होंने किले की मूल संरचना और पत्थर की बनावट को ध्यान में
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बीकानेर. बीकानेर की ऐतिहासिक पहचान जूनागढ़ किला अब नए रंग-रूप में नजर आने वाला है. कई वर्षों बाद किले में रंग-रोगन का काम शुरू हुआ है, जिससे इसकी भव्यता और आकर्षण में और इजाफा होने की उम्मीद है. अब रंग-रोगन के इस कार्य से उम्मीद की जा रही है कि यह ऐतिहासिक धरोहर और भी आकर्षक बनेगी तथा पर्यटन को नई गति मिलेगी.
किले के असिस्टेंट इंचार्ज रिटायर्ड सूबेदार माधोसिंह ने बताया कि वह पिछले 22 सालों से यहां सेवा दे रहे हैं, लेकिन इस दौरान किले का रंग-रोगन नहीं हुआ था. अब इस दिशा में पहल करते हुए विशेष “स्टोन कलर” से किले को सजाने का कार्य शुरू किया गया है. इसके लिए मुंबई की आर्किटेक्ट निशा को बुलाया गया, जिन्होंने किले की मूल संरचना और पत्थर की बनावट को ध्यान में रखते हुए रंग का चयन किया.
अन्य हिस्सों में भी यह कार्य जारी रहेगाउन्होंने बताया कि चुने गए रंग को सीधे कंपनी से तैयार करवाया गया है, ताकि किले की ऐतिहासिकता के अनुरूप सटीक शेड मिल सके. फिलहाल पहले चरण में किले के मुख्य द्वार और सामने वाले हिस्से पर लगभग 10 लाख रुपये के बजट से रंग-रोगन किया जा रहा है. इसके बाद बजट मिलने के साथ उत्तर दिशा सहित अन्य हिस्सों में भी यह कार्य जारी रहेगा.
लोग गलतफहमी में गुलाबी बता रहेमाधोसिंह के अनुसार, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और आने वाले वित्तीय वर्षों में पूरे किले को एक समान रंग में ढाला जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो रंग किया जा रहा है, उसे कुछ लोग गलतफहमी में गुलाबी बता रहे हैं, जबकि यह वास्तव में स्टोन कलर है. समय के साथ और धूप के प्रभाव से यह रंग और अधिक प्राकृतिक लगेगा तथा पहले की तरह चमक भी देगा.
बड़ी संख्या में देशी और विदेशी सैलानी पहुंचेइतिहास के नजरिए से यह किला बेहद खास है. 16वीं सदी में वर्ष 1594 में बीकानेर के छठे शासक राजा राय सिंह द्वारा निर्मित यह किला अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. लाल बलुआ पत्थर की बारीक नक्काशी, भव्य महल, मंदिर और संग्रहालय इसे विशेष बनाते हैं. समतल भूमि पर बने इस किले की संरचना अन्य किलों से अलग है और इसकी मजबूत दीवारें व सुरक्षात्मक खाई इसे “जमीन का जेवर” बनाती हैं. किले के भीतर स्थित फूल महल, करण महल और अनूप महल पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण हैं. यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं.
“जूनागढ़” यानी पुराना किलाइस किले का संचालन महाराजा राय सिंह जी ट्रस्ट द्वारा किया जाता है और वर्तमान में इसकी देखरेख पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी कर रही हैं. उनके नेतृत्व में किले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के प्रयास लगातार जारी हैं. उल्लेखनीय है कि 20वीं शताब्दी में जब राजपरिवार लालगढ़ महल में स्थानांतरित हो गया, तब इस किले को “जूनागढ़” यानी पुराना किला कहा जाने लगा.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
April 24, 2026, 15:32 IST



