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जिस हसीना के चक्कर में मैक्रों ने बीवी से खाया थप्पड़, बड़ी दर्दनाक है उस ईरानी एक्ट्रेस की कहानी! PHOTOS

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जिसके चक्कर में मैक्रों ने बीवी से खाया थप्पड़, दर्दनाक है उस हसीना की कहानी

Last Updated:May 14, 2026, 23:38 IST

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उनकी पत्नी द्वारा थप्पड़ मारे जाने की कथित घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था. लेकिन शायद ही किसी को पता था कि मैंक्रों को आखिर किस वजह से पत्नी से थप्पड़ पड़ी थी. दरअसल, इस गॉसिप के केंद्र में थीं ईरानी मूल की मशहूर एक्ट्रेस गोलशिफ्तेह फराहानी. एक किताब में दावा किया गया है कि ईरानी एक्ट्रेस गोलशिफ्तेह फराहानी के साथ कुछ मैसेज के कारण थप्पड़ मारा था. हालांकि, गोलशिफ्तेह फराहानी की कहानी सिर्फ इस राजनीतिक गॉसिप तक सीमित नहीं है. उनकी जिंदगी दर्द, संघर्ष और बगावत की एक खौफनाक दास्तान है. हॉलीवुड फिल्म के प्रीमियर पर बिना हिजाब जाने की वजह से उन्हें ईरान से निकाल दिया गया था. कट्टरपंथियों ने उनके अंग काटने की धमकियां दीं. आइए जानते हैं उस एक्ट्रेस की दर्दभरी कहानी.

मई 2025 में हनोई एयरपोर्ट पर फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट ने कथित तौर पर राष्ट्रपति मैक्रों को थप्पड़ जड़ दिया था. एक फ्रांसीसी पत्रकार की किताब के अनुसार, ब्रिगिट को मैक्रों के फोन में गोलशिफ्तेह फराहानी के साथ किए गए कुछ ‘आपत्तिजनक’ मैसेज मिले थे. हालांकि, फराहानी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन ने इन अफवाहों का पूरी तरह से खंडन किया है. फिर भी, इस घटना ने फराहानी के उस दर्दनाक इतिहास को दुनिया के सामने ला दिया है, जिसे भुला दिया गया था.

हॉलीवुड की चकाचौंध और यूरोपीय विवादों में उलझने से पहले गोलशिफ्तेह फराहानी ईरान की सबसे चहेती सुपरस्टार थीं. महज 14 साल की उम्र में 1998 की फिल्म ‘द पीयर ट्री’ से डेब्यू करने वाली इस एक्ट्रेस ने कई बड़े अवार्ड अपने नाम किए थे. ईरान के लोग उन्हें इतना प्यार करते थे कि उन्हें ‘ईरान की मां’ तक कहा जाने लगा था. उनका करियर बुलंदी पर था और वह अपने देश की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार हो चुकी थीं.

उनकी जिंदगी में भूचाल तब आया जब उन्होंने 2008 में लियोनार्डो डिकैप्रियो के साथ हॉलीवुड फिल्म ‘बॉडी ऑफ लाइज’ में काम किया. वह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हॉलीवुड में काम करने वाली पहली ईरानी अभिनेत्री थीं. लेकिन सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ, जब वह इस फिल्म के न्यूयॉर्क प्रीमियर में बिना ‘हिजाब’ के रेड कार्पेट पर पहुंच गईं. उनका यह कदम ईरानी सत्ता को खुली चुनौती लगा, जिसके बाद उनका जीवन हमेशा के लिए एक बुरे सपने में बदल गया.

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बिना हिजाब रेड कार्पेट पर जाने की इस एक ‘भूल’ या बगावत की उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी. ईरानी सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया और उन्हें रातों-रात देश निकाला दे दिया गया. उन्हें अपने ही मुल्क में ‘अवांछित व्यक्ति’ (Persona non grata) घोषित कर दिया गया. इतना ही नहीं, ‘शालीनता भंग’ करने के आरोप में उन पर ईरान सरकार द्वारा 2 मिलियन यूरो (लगभग 17 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया गया.

अपने देश से निकाले जाने का दर्द फराहानी के लिए असहनीय था. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने दर्द को बयां करते हुए कहा था कि ‘निर्वासन मौत की तरह है. आप इसे तब तक नहीं समझ सकते जब तक यह आपके साथ न घटे.’ उन्हें पूछताछ और धमकियों का सामना करना पड़ा. उनका परिवार ईरान में ही छूट गया और उन्हें मजबूरन अमेरिका और फिर फ्रांस में एक शरणार्थी की तरह अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करनी पड़ी.

फ्रांस में बसने के बाद भी उनके खिलाफ ईरानी कट्टरपंथियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. साल 2012 में फ्रांस के सीज़र अवार्ड्स को प्रमोट करने के लिए बनाए गए एक ब्लैक-एंड-व्हाइट वीडियो में फराहानी ने अपना एक स्तन दिखाया. फराहानी के मुताबिक, उन्हें नहीं पता था कि वीडियो में इस हिस्से को दिखाया जाएगा. लेकिन इस वीडियो के सामने आते ही ईरान में भूचाल आ गया और वहां की मीडिया ने उन्हें सिनेमा का ‘घिनौना चेहरा’ करार दे दिया.

इस वीडियो विवाद के बाद फराहानी और उनके परिवार को बेहद खौफनाक धमकियां मिलने लगीं. तेहरान में उनके माता-पिता को एक व्यक्ति ने फोन किया, जिसने खुद को ईरानी अदालत का अधिकारी बताया. उस अधिकारी ने धमकी दी कि वह गोलशिफ्तेह के स्तन काटकर उनके माता-पिता के सामने एक प्लेट में परोस देगा. इस अमानवीय और खौफनाक मानसिक उत्पीड़न ने उनके पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया और फराहानी के लिए अपनी जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया.

तमाम धमकियों के बावजूद फराहानी टूटी नहीं, बल्कि और ज्यादा मजबूत होकर उभरीं. 2015 में उन्होंने ‘ईगोइस्ट’ मैगजीन के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया. यह सिर्फ एक शूट नहीं, बल्कि ईरान के ‘फासीवादी शासन’ के मुंह पर तमाचा था. उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ यह पूछना चाहती थी कि आपको औरतों के शरीर से इतना डर क्यों लगता है? आखिर महिलाओं को हर समय पर्दे (हिजाब) में रखने की इतनी सनक क्यों है?” इस तरह उन्होंने अपने शरीर को ही विरोध का हथियार बना लिया.

आज फराहानी फ्रांस की राजनीति से मोहभंग होने के बाद इबीसा और पुर्तगाल में रहती हैं. दो बार तलाक ले चुकीं फराहानी आज भी अपने मुल्क के हालात से गहराई से जुड़ी हुई हैं. हाल ही में जब ईरान में सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए, तो उन्होंने बेखौफ होकर आंदोलनकारियों का समर्थन किया. मैक्रों के थप्पड़ विवाद की अफवाहों से परे, फराहानी की असली पहचान एक ऐसी निडर महिला की है जिसने अपनी आजादी और अभिव्यक्ति के लिए अपनी पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी.

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