सीएम भजनलाल के खिलाफ जब बोलने लगे हनुमान बेनीवाल, बीजेपी विधायकों ने जताया ऐतराज, छोड़ा मंच

Last Updated:June 22, 2026, 20:44 IST
Jat Reservation Hunkar Sabha: भरतपुर में आयोजित जाट आरक्षण हुंकार सभा के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पर टिप्पणी कर रहे थे. कार्यक्रम में मौजूद भाजपा विधायक जगत सिंह ने हाथ जोड़कर उनसे मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलने से मना करने का प्रयास किया, लेकिन बेनीवाल अपना भाषण जारी रखते रहे. इस घटनाक्रम के दौरान मंच पर मौजूद भाजपा विधायक जगत सिंह और शैलेश सिंह बीच कार्यक्रम से उठकर चले गए. सभा में एक और दिलचस्प स्थिति तब बनी जब आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से भाजपा विधायक से हनुमान बेनीवाल को साफा पहनाकर स्वागत करने का आग्रह किया गया. हालांकि बेनीवाल ने भाजपा विधायक से साफा पहनने से इनकार कर दिया. इसके बाद उनका स्वागत नेम सिंह फौजदार ने साफा पहनाकर किया.
ख़बरें फटाफट
केंद्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित की गई ‘जाट आरक्षण हुंकार सभा’
भरतपुर: भरतपुर से की एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है. केंद्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित की गई ‘जाट आरक्षण हुंकार सभा’ उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई, जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच से सूबे के मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए. बेनीवाल के इस आक्रामक अंदाज के चलते मंच पर मौजूद भाजपा के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और सभा के बीच में ही मंच छोड़कर चले गए.
हुंकार सभा के दौरान जब हनुमान बेनीवाल मंच पर भाषण देने आए, तो उन्होंने हमेशा की तरह अपने परिचित अंदाज में सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए. भाषण के दौरान ही बेनीवाल जैसे ही मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलने लगे, तो मंच पर मौजूद भाजपा विधायक जगत सिंह असहज हो गए. जगत सिंह ने तुरंत खड़े होकर और हाथ जोड़कर हनुमान बेनीवाल को मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने से मना किया.
आरक्षण हुंकार सभा में हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयानजाट आरक्षण हुंकार सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता हनुमान बेनीवाल ने किसानों, जवानों, दलितों, पीड़ितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की रक्षा को लेकर मजबूत संदेश दिया. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक उनके शरीर में रक्त की एक बूंद भी शेष है, तब तक वे इन वर्गों के हकों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं होने देंगे. उन्होंने सामाजिक न्याय, आरक्षण और आमजन के अधिकारों की लड़ाई को अपनी प्राथमिकता बताते हुए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया. बेनीवाल ने कहा कि उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों की आवाज बुलंद करने के लिए है. उनके संबोधन के दौरान सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन जताया.
जब तक मेरे शरीर में रक्त की एक बूंद भी शेष है , मैं किसी भी किसान , जवान, पीड़ित , दलित और शोषित के हकों पर कुठाराघात नहीं होने दूंगा |@RLPINDIAorg pic.twitter.com/bc1T8DHLnT



