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देश के सबसे बड़े हार्ट के डॉक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक का पहला टेस्ट किस उम्र में हो, जवानी शुरू होते ही जरूर जानें ये बात

Last Updated:July 10, 2026, 17:45 IST

First Heart Test: पहली बार हार्ट टेस्ट कब कराना चाहिए. आमतौर पर हम भारतीयों में यह आदत होती है कि जब तक कोई तकलीफ न हो तब तक हम डॉक्टर के पास जाते भी नहीं है. इसका खामियाजा 20-22 साल के युवाओं में देखने को मिलता है जब डांस करते या खेलते हुए या जिम करते हुए हार्ट अटैक से मौत हो जाती है. इसलिए देश के सबसे प्रतिष्ठित हार्ट सर्जन डॉ. देवी सेट्टी ने बताया कि आज हर भारतीय को 17 साल की उम्र में ही पहली बार हार्ट टेस्ट करा लेना चाहिए. यह साधारण ब्लड टेस्ट से हो जाता है. इससे हार्ट अटैक या हार्ट संबंधित आने वाली बीमारियों के जोखिम से बचा जा सकता है.
देश के सबसे बड़े हार्ट के डॉक्टर ने बताया कि हार्ट अटैक का पहला टेस्ट किस उम्रZoomडॉ. देवी शेट्टी.

First Heart Test: देश में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर साल दिल की बीमारियों के कारण लगभग 28.6 लाख लोगों की मौत हो जाती है. चिंता की बात भारत में होने वाले कुल हार्ट अटैक के मामलों में से 50% मामले 50 वर्ष से कम उम्र के पुरुषों में देखे जा रहे हैं. इन चिंताओं के मद्देनजर देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठिक हार्ट के डॉक्टर डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा है कि देश के हर व्यक्ति को 17 साल की उम्र में एक बार ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए. यह अब कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइन है. अगर आप ऐसा करते हैं तो हार्ट अटैक के जोखिम को कम किया जा सकता है और इससे होने वाली मौतों में कमी आ सकती है.

17 साल की उम्र में कोलेस्ट्रॉल जांच क्यों जरूरी डॉ. देवी शेट्टी ने एएनआई न्यूज एजेंसी से बातचीत में बताया कि हार्ट अटैक के लिए सबसे ज्यादा हाई कोलेस्ट्रॉल जिम्मेदार है. खून टेस्ट से पता लगाया जा सकता है कि किसी का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या नहीं. यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम उम्र में ही पता चल जाए, तो लोग समय रहते अपनी खान-पान की आदतों और जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं. इससे आगे चलकर गंभीर हार्ट डिजीज का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए हर भारतीय को 17 साल की उम्र में एक बार ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए. उन्होंने बताया कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है. यदि इसका इलाज न किया जाए, तो समय के साथ यह धमनियों में प्लाक (चर्बी की परत) जमा होता रहता है. यही आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन जाता है.

हार्ट का पहला टेस्ट.

किसे और कब करानी चाहिए हार्ट की जांचडॉ. शेट्टी ने उम्र के आधार पर हार्ट की जांच के लिए बताया है कि हर व्यक्ति को 17 साल की उम्र में एक बार कोलेस्ट्रॉल की ब्लड जांच जरूर करानी चाहिए.वहीं 35 से 40 वर्ष के पुरुषों को नियमित रूप से हार्ट की जांच करानी चाहिए. अगर दिक्कत हो तो इसमें सीटी स्कैन को भी शामिल करें. जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, उन्हें 30 साल की उम्र से ही हार्ट की जांच शुरू कर देनी चाहिए. इसके साथ ही जो लोग लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित उन्हें भी रेगुलर हार्ट टेस्ट कराना चाहिए.

#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Dr Devi Shetty, Founder and Chairman, Naryana Health says, “Every Indian, at the age of 17 must get the blood test done. This is the guideline now issued by the Cardiology Society of India because if the cholesterol level is high, they can… pic.twitter.com/NV3StCmhgE

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