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कोर्ट के बाहर 6000 पुलिसकर्मी और एंटी-रॉयट स्क्वाड तैनात, फिलिपिन्स में एक मामले पर इतना बवाल क्यों?

Last Updated:July 10, 2026, 16:04 IST

फिलीपींस की राजनीति में इस समय एक बड़ा मुकाबला शुरू हुआ है. वहां की उप-राष्ट्रपति सारा दुतर्ते के खिलाफ सोमवार से इंपीचमेंट का ट्रायल शुरू हो चुका है. यह सिर्फ एक अदालती केस नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि सारा साल 2028 में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव लड़ पाएँगी या नहीं. 6000 पुलिसकर्मी और एंटी-रॉयट स्क्वाड तैनात, फिलिपिन्स में क्यों मचा है बवाल?Zoom

फिलीपींस की राजनीति में इस समय एक बड़ा और हाई-वोल्टेज ड्रामा चल रहा है. वाइस प्रेसिडेंट सारा दुतर्ते के खिलाफ इंपीचमेंट का ट्रायल शुरू हो चुका है. उन पर राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और उनके परिवार को गंभीर धमकियां देने के आरोप हैं. इस मामले में कोर्ट के बाहर 6000 पुलिसकर्मी तैनात हैं.

तीन दिनों तक चली इस शुरुआती अदालती कार्रवाई में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई. इस दौरान आपत्तियों और गवाहों के बयानों को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिला. हालांकि, कोर्ट रूम में हुए इस घमासान के बावजूद आरोपों को साबित करने में जुटे सरकारी वकीलों की टीम इस हफ्ते की शुरुआत से काफी खुश है. उनका मानना है कि इस मुकदमे की जीत हार वकीलों की आपसी बहस से नहीं, बल्कि सबूतों की मजबूती से तय होगी.

क्यों इतनी चर्चा में सारा दुतर्ते?

सारा दुतर्ते कोई आम नेता नहीं हैं. वह फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतर्ते की बेटी हैं. उन पर खुद अंतरराष्ट्रीय अदालत में मानवता के खिलाफ अपराधों का मुकदमा चल रहा है. अब उनकी बेटी सारा पर देश के मौजूदा राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. इसके अलावा सरकारी पैसों के गलत इस्तेमाल, बेहिसाब संपत्ति बनाने और अधिकारियों को रिश्वत देने बड़े आरोपों का सामना कर रही हैं. सही मायने में देखें तो ये सिर्फ एक अदालती केस नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि सारा साल 2028 में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव लड़ पाएँगी या नहीं. सारा ने पिछले साल भी तकनीकी कारणों से खुद को बचा लिया था. लेकिन इस बार संसद ने उन्हें दोबारा घेर लिया है.

कोर्ट के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा

इस केस को लेकर कोर्ट के अंदर ही नहीं बाहर भी माहौल काफी गर्म है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोर्ट की सुरक्षा के लिए एंटी-रॉयट स्क्वाड के साथ 6000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. दरअसल सारा दुतर्ते को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है. अगर इस मुकदमे में उन्हें दोषी पाया जाता है, तो उन पर हमेशा के लिए चुनाव लड़ने की रोक लग जाएगी. इससे उनका राष्ट्रपति बनने का सपना हमेशा के लिए टूट जाएगा.

दो बड़े राजनीतिक घरानों की आर-पार की जंग

इस पूरे मामले को दो बड़े राजनीतिक परिवारों दुतर्ते और मार्कोस की आपसी दुश्मनी के तौर पर देखा जा रहा है. साल 2022 के चुनाव में इन दोनों परिवारों ने हाथ मिलाया था. शानदार जीत हासिल की थी, लेकिन अब दोनों के रास्ते पूरी तरह अलग हो चुके हैं. सारा के समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रपति मार्कोस उन्हें रास्ते से हटाने के लिए राजनीतिक साजिश रच रहे हैं. वहीं आम जनता भी इस वीआईपी जंग और भ्रष्टाचार से तंग आकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है.

यह ऐतिहासिक महाभियोग ट्रायल 6 जुलाई को शुरू हुआ था. पहले 11 दिनों की सुनवाई सिर्फ उन आरोपों पर हो रही है, जिनमें उप-राष्ट्रपति सारा दुतर्ते पर राष्ट्रपति और उनके करीबियों को खुलेआम धमकी देने के आरोप लगे हैं. इस हफ्ते नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के एक सीनियर एजेंट की गवाही पूरी हो चुकी है. अब अगले हफ्ते सोमवार से बुधवार तक कई अन्य बड़े अधिकारियों और गवाहों को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. इससे यह राजनीतिक कानूनी जंग आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प होने वाली है.

सीनेट के पाले में गेंद

अब गेंद वहां की सीनेट के पाले में है. जहाँ सारा को दोषी साबित करने के लिए दो-तिहाई वोटों की जरूरत होगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल मामला 50-50 का है और सारा के बचने या फंसने की बराबर उम्मीद है. फिलीपींस के इतिहास में आज तक महाभियोग के जरिए किसी बड़े नेता को सजा नहीं हुई है. ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या सारा दुतर्ते इस कानूनी चक्रव्यूह से बच निकलती हैं या फिर उनका राजनीतिक करियर यहीं खत्म हो जाता है.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें

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