aaj ka panchang 11 August 2026 | sawan shivratri and mangla gauri vrat sawan krishna chaturdashi tithi 2026 | आज का पंचांग, 11 अगस्त 2026

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 11 August 2026: आज सावन शिवरात्रि व्रत के साथ दूसरा मंगला गौरी व्रत भी है. पंचांग के अनुसार मंगलवार के दिन सावन शिवरात्रि का व्रत, मंगला गौरी व्रत और हनुमानजी की पूजा का विशेष संयोग माना जा रहा है. पंचांग के अनुसार, आज सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, विष्टि करण, सिद्धि योग, उत्तर का दिशाशूल है. सावन शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित है, जबकि मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने से साहस, आत्मविश्वास और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की मान्यता है. वहीं सावन के मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत माता गौरी को समर्पित होता है। सुहागिन महिलाएं सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन व्रत रखने से आपको भगवान शिव के साथ हनुमानजी और माता गौरी का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा और उनकी कृपा से ग्रह-नक्षत्र के अशुभ प्रभाव से मुक्ति भी मिलेगी. मंगलवार को सुबह 6:05 बजे सूर्योदय और शाम 6:58 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 4:10 बजे चंद्रोदय और शाम 6:07 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, आज सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा सुबह 10:09 बजे तक पुनर्वासु नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
आज मंगलवार व्रत के साथ सावन शिवरात्रि व्रत और दूसरा मंगला गौरी का व्रत किया जाएगा. सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद फूल अर्पित करें। इसके बाद चंदन, अक्षत और नैवेद्य चढ़ाकर शिव मंत्रों का जाप करें। शाम के समय प्रदोष काल में भी भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है। रात में शिवरात्रि की पूजा और शिव चालीसा या शिव मंत्र का पाठ किया जा सकता है। वहीं मंगला गौरी व्रत में माता गौरी की पूजा कर उन्हें सुहाग की सामग्री, फूल, फल और मिठाई अर्पित की जाती है। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और पति की लंबी आयु की कामना पूरी होती है। मंगलवार को हनुमानजी की पूजा में सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से मनोबल बढ़ता है और भय दूर होने की मान्यता है। इस तरह सावन शिवरात्रि, मंगला गौरी व्रत और हनुमानजी की आराधना भक्तों के लिए श्रद्धा और आस्था का विशेष अवसर बन जाती है। पंचांग से जानें आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त…
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 11 अगस्त 2026आज की तिथि- चतुर्दशी – 01:52 ए एम, 12 अगस्त तक, अमावस्या तिथिआज का नक्षत्र- पुनर्वसु – 10:09 ए एम तक, पुष्य नक्षत्रआज का करण- विष्टि – 03:22 पी एम तक, शकुनि – 01:52 ए एम, 12 अगस्त तकआज का योग- सिद्धि – 06:51 पी एम तक, व्यतीपात योगआज का पक्ष- कृष्ण पक्षआज का दिन- मंगलवारचंद्र राशि- कर्क राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समयसूर्योदय- 05:49 ए एमसूर्यास्त- 07:05 पी एमचन्द्रोदय- 05:09 ए एम, 12 अगस्तचन्द्रास्त- 06:09 पी एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त 11 अगस्त 2026ब्रह्म मुहूर्त: 04:23 ए एम से 05:06 ए एमअभिजीत मुहूर्त: 12:00 पी एम से 12:53 पी एमविजय मुहूर्त: 02:40 पी एम से 03:33 पी एमगोधूलि मुहूर्त: 07:05 पी एम से 07:26 पी एमअमृत काल: 07:59 ए एम से 09:25 ए एमनिशिता मुहूर्त: 12:06 ए एम से 12:49 ए एम, 12 अगस्त
शिववास: श्मशान में – 01:52 ए एम, 12 अगस्त तक, गौरी के साथ
आज के अशुभ मुहूर्त 11 अगस्त 2026राहुकाल: 03:46 पी एम से 05:25 पी एमयमगण्ड: 09:08 ए एम से 10:47 ए एमगुलिक काल: 12:27 पी एम से 02:06 पी एमआडल योग: 10:09 ए एम से 05:50 ए एम, 12 अगस्तविडाल योग: 05:49 ए एम से 10:09 ए एमदुर्मुहूर्त: 08:28 ए एम से 09:21 ए एमवर्ज्य: 05:26 पी एम से 06:53 पी एमभद्रा: 05:49 ए एम से 03:22 पी एमदिशाशूल: उत्तर



