Tonk News I टोंक में खाद की बिक्री अब ऑनलाइन, संदेड़ा से शुरू हुई नई व्यवस्था

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खाद की कालाबाजारी पर लगाम की तैयारी, एफएफएस ऐप से होगी हर बिक्री दर्ज
Last Updated:August 28, 2026, 18:08 IST
Tonk News: टोंक जिले में खाद की किल्लत से किसानों को राहत देने के लिए उर्वरक वितरण व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है. पीपलू तहसील के जीएसएस संदेड़ा में कृषि अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार जाट ने किसानों को एफएफएस ऐप का प्रशिक्षण देकर ऑनलाइन खाद वितरण की शुरुआत की. इस दौरान किसानों ने ऐप के माध्यम से अनुदानित खाद की खरीद भी की. नई व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है.
टोंक. जिले में उर्वरक खाद की किल्लत और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों को राहत देने की दिशा में ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था शुरू कर दी गई है. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उर्वरक वितरण प्रणाली को ऑनलाइन किए जाने के बाद कृषि आयुक्तालय के निर्देश पर प्रदेश के 12 जिलों में अनुदानित उर्वरकों का ऑनलाइन वितरण शुरू किया है. इसी क्रम में टोंक जिले की पीपलू तहसील स्थित जीएसएस संदेड़ा में एफएफएस (फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर्स सेल) ऐप के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हुई.
जीएसएस संदेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार जाट ने किसानों को एफएफएस ऐप के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया. उन्होंने किसानों को बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से अनुदानित उर्वरकों की बिक्री और वितरण को पारदर्शी बनाया जा सकेगा. किसानों को ऐप के उपयोग, ऑनलाइन प्रक्रिया और खाद खरीदने के तरीके की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत उर्वरक खरीद की प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज होगी. इससे खाद के वितरण में पारदर्शिता आएगी और किसानों को उपलब्धता के अनुसार उर्वरक प्राप्त करने में सुविधा होगी. प्रशिक्षण के बाद किसानों ने स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से खाद की खरीद भी की.
खाद वितरण में पारदर्शिता लाने की कवायदकेंद्र और राज्य सरकार ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है. इसके तहत किसानों को अनुदानित दरों पर मिलने वाले उर्वरकों के वितरण की पूरी प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ा जा रहा है. कृषि आयुक्तालय के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के चयनित 12 जिलों में इस व्यवस्था को लागू किया है. टोंक जिले में पीपलू तहसील से इसकी शुरुआत की गई है. जीएसएस संदेड़ा में किसानों को एफएफएस ऐप के माध्यम से खाद का ऑनलाइन वितरण कर व्यवस्था को जमीन पर उतारा गया. अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से उर्वरक वितरण की निगरानी आसान होगी और किसानों को खाद उपलब्ध कराने में पारदर्शिता बनी रहेगी.
किसानों को मिलेगा सीधा लाभनई व्यवस्था से किसानों को खाद खरीदने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से मिलेगी. साथ ही उर्वरक वितरण का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा. इससे खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान किसानों ने नई ऑनलाइन व्यवस्था को समझा और एफएफएस ऐप के जरिए खाद खरीदने की प्रक्रिया में भाग लिया. कृषि विभाग की ओर से किसानों को ऑनलाइन प्रणाली के अधिक से अधिक उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि उर्वरक वितरण व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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August 28, 2026, 18:08 IST



