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टोंक पुनर्जन्म दावा कान्हाराम बैरवा राजा मानसिंह आमेर

Last Updated:April 17, 2026, 14:10 IST

Raja Man Singh Rebirth Claim News: टोंक जिले के जैकमाबाद गाँव के 10 वर्षीय कान्हाराम बैरवा ने खुद को आमेर के राजा मानसिंह का पुनर्जन्म बताया है. बालक का दावा है कि उसने हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा और आमेर में खजाना छिपाया है. परिवार के अनुसार वह बचपन से ही राजपूतों जैसा व्यवहार करता है और अलग बर्तनों में खाना खाता है. हालांकि, इतिहास से जुड़े कई सवालों के गलत जवाब देने के कारण विशेषज्ञ इसे बच्चे की कल्पना या सुनी-सुनाई बातों का प्रभाव मान रहे हैं. स्कूल स्टाफ ने बालक की पढ़ाई प्रभावित होने के कारण इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया है.

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टोंक का ये बच्चा है 'राजा मानसिंह' का अवतार? खुद को बताता है आमेर का शासकZoomटोंक का ये बच्चा है ‘राजा मानसिंह’ का अवतार?

टोंक. क्या पुनर्जन्म संभव है? यह एक ऐसा सवाल है जो सदियों से विज्ञान और आस्था के बीच उलझा हुआ है. इसी सवाल ने टोंक जिले के एक छोटे से गाँव जैकमाबाद को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है. यहाँ रहने वाले 10 वर्षीय बालक कान्हाराम बैरवा, जो एक सरकारी स्कूल में 5वीं कक्षा का छात्र है, का दावा है कि वह पिछले जन्म में आमेर के प्रसिद्ध शासक राजा मानसिंह प्रथम थे. बालक और उसका परिवार पूरी दृढ़ता के साथ यह बात कह रहे हैं कि कान्हाराम के रूप में राजा मानसिंह ने दोबारा जन्म लिया है. यह मामला उस समय और अधिक सुर्खियों में आ गया जब बच्चे ने आमेर महल में छिपाए हुए खजाने और शिलादेवी मंदिर के इतिहास से जुड़ी ऐसी बातें कहीं, जो आमतौर पर एक छोटे बच्चे की समझ से परे मानी जाती हैं.

कान्हाराम के परिजनों के अनुसार उसके व्यवहार में बदलाव मात्र ढाई साल की उम्र से ही दिखने लगा था. उसकी माँ ग्यारसी देवी का दावा है कि बच्चे ने पहला शब्द ही ‘राजा मानसिंह’ बोला था. इतना ही नहीं, कान्हाराम अपने ही घर में भेदभाव करता है और खुद को उच्च कुल का राजपूत मानकर साधारण बर्तनों में खाना खाने से इनकार कर देता है. वह घर में सिंहासन लगाकर बैठता है और युद्ध की क्रीड़ाएं करता है. उसकी माँ का मानना है कि बालक पर शिलादेवी की विशेष कृपा है और वह अष्टमी के दिन लोगों की समस्याओं का समाधान भी करता है. परिवार अब चाहता है कि यह बात आमेर के राजपरिवार तक पहुँचे ताकि बालक की जिज्ञासा शांत हो सके.

इतिहास के दावों और हकीकत के बीच विरोधाभासकान्हाराम दावा करता है कि उसने हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था और आमेर की शिलादेवी मंदिर में बंगाल से लाई गई मूर्ति की स्थापना की थी. वह शिलादेवी की मूर्ति की गर्दन टेढ़ी होने के पीछे नरबलि बंद होने की कहानी भी सुनाता है. हालांकि, जब हमारी टीम ने बालक से गहराई से सवाल किए, तो कई विरोधाभास सामने आए. राजा मानसिंह की मृत्यु के स्थान पर सवाल करने पर उसने ‘अनाज मंडी’ बताया, जबकि इतिहास के अनुसार उनकी मृत्यु दक्षिण भारत में हुई थी. वह यह तो कहता है कि उसकी दो रानियाँ थीं और जोधा उसकी बुआ थी, लेकिन वह आमेर महल या अन्य युद्धों का सही विवरण कैमरे पर नहीं दे सका. दिलचस्प बात यह भी है कि खुद को राजा बताने वाले कान्हा का पसंदीदा क्रिकेटर विराट कोहली है और वह भविष्य में पुलिस अधिकारी बनना चाहता है.

शिक्षण कार्य पर पड़ रहा असर, स्कूल स्टाफ ने साधी चुप्पीइस अनोखे दावे के बाद जैकमाबाद के सरकारी स्कूल में भी हलचल तेज है. स्कूल के अध्यापकों ने कैमरे पर बात करने से मना करते हुए बताया कि रोज कोई न कोई व्यक्ति या मीडियाकर्मी सच्चाई जानने स्कूल पहुँच जाते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है. शिक्षकों के अनुसार कान्हाराम स्कूल में अक्सर कहता है कि वह राजा मानसिंह था, लेकिन अन्य छात्रों के साथ उसका व्यवहार सामान्य है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्जन्म की घटना हो सकती है या फिर बच्चे की कोरी कल्पना और आसपास के परिवेश से सुनी गई कहानियों का असर. फिलहाल, यह मामला पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस ‘नन्हे राजा’ के सच को जानने के लिए उत्सुक हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Tonk,Tonk,Rajasthan

First Published :

April 17, 2026, 14:09 IST

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