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बीकानेर में पानी पर आया घोर संकट! 48 घंटे में एक बार होगी सप्लाई, नहरबंदी से बदली पूरी जल व्यवस्था

बीकानेर : इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 17 अप्रैल से 11 मई तक लागू पूर्ण नहरबंदी के चलते शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. जलदाय विभाग ने जलाशयों में उपलब्ध सीमित जल को ध्यान में रखते हुए अब बीकानेर शहर में एक दिन छोड़कर एक दिन, यानी 48 घंटे के अंतराल से पेयजल आपूर्ति करने का निर्णय लिया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य नहरबंदी की अवधि में सभी क्षेत्रों तक संतुलित रूप से पानी पहुंचाना है.

जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया ने बताया कि शहर को दो प्रमुख जोन में विभाजित कर जल वितरण किया जाएगा. प्रथम जोन में 17 अप्रैल से विषम तिथियों (17, 19, 21 आदि) को जलापूर्ति की जाएगी, जबकि द्वितीय जोन में 18 अप्रैल से विषम तिथियों (19, 21, 23 आदि) को पानी सप्लाई होगा. इस प्रणाली के जरिए हर क्षेत्र को नियमित अंतराल पर पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है.

शहर को दो जोन में बांटकर होगी जल आपूर्ति व्यवस्थाप्रथम जोन के अंतर्गत कोटगेट, फड़बाजार, जोशीवाड़ा, स्टेशन रोड, केईएम रोड, करणी नगर, गांधी नगर, नत्थूसर, नयाशहर, जवाहर नगर, बंगला नगर, लक्ष्मीनाथ मंदिर क्षेत्र सहित अनेक प्रमुख इलाके शामिल हैं. वहीं द्वितीय जोन में गिन्नाणी, सादूल कॉलोनी, जयनारायण व्यास कॉलोनी, रानी बाजार, भीनासर, गंगाशहर, रामपुरा बस्ती, पवनपुरी, शास्त्री नगर और औद्योगिक क्षेत्रों सहित शहर के अन्य हिस्सों को शामिल किया गया है.

नहरबंदी के बीच पानी बचाने की अपीलनहरबंदी के दौरान जल संकट की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विभाग ने नागरिकों से विशेष सहयोग की अपील की है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध पानी का उपयोग अत्यंत मितव्ययता से करें और किसी भी प्रकार की बर्बादी से बचें. विभाग द्वारा यह भी चेतावनी दी गई है कि जल वितरण को प्रभावित करने वाले अवैध बूस्टर पंपों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए उड़न दस्ते गठित किए गए हैं, जो नियमित निगरानी करेंगे.

जल सप्लाई के दौरान बिजली कटौती भी संभव बताया गयाइसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति के दौरान विद्युत आपूर्ति में भी लगभग आधे घंटे की कटौती की जा सकती है, ताकि जल वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके. विभाग का कहना है कि यह कदम तकनीकी आवश्यकता के तहत उठाया जाएगा. नहरबंदी के इस दौर में जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, लेकिन विभाग का दावा है कि उचित योजना और आमजन के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित रखा जा सकता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अस्थायी व्यवस्था को समझें और सहयोग करते हुए जल संरक्षण को प्राथमिकता दें, ताकि शहर के हर हिस्से तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.

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