UDF की शानदार बढ़त, सचिन पायलट ने फिर मारी शानदार बाजी, दिखाया जलवा

Last Updated:May 04, 2026, 15:25 IST
Kerala Election Results 2026 : 140 सीटों वाले केरल में कांग्रेस के अगुवाई वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को बढ़त मिलने के साथ ही पार्टी के दिग्गज नेता सचिन पायलट के खेमे में हलचल बढ़ गई है. केरल वह राज्य है जहां सचिन पायलट को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी सचिन पायलट की क्राउड पुलर छवि ने केरल में भी अपना असर दिखाया है. पायलट ने विधानसभा चुनाव के दौरान वहां कई दिनों तक डेरा डाले रखा था और 55 से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था.
सचिन पायलट को केरल विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
जयपुर. केरल विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को बढ़त मिलने के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान पीसीसी के पूर्व चीफ सचिन पायलट कैंप में उत्साह का माहौल हो गया है. रुझानों में कांग्रेस की अभूतपूर्व बढ़त दिखाई दे रही है. केरल चुनाव में सचिन पायलट को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में पायलट ने केरल 55 से अधिक उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था. पायलट ने राज्य में कैंप कर व्यापक चुनाव अभियान चलाया था. राजस्थान में भी सचिन पायलट के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस ने साल 2018 में सत्ता में शानदार वापसी की थी.
पायलट ने वहां जनसभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर कैंपेन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी. पायलट ने केरल के 14 में से 10 जिलों का दौरा किया था. पायलट एक दिन में 5-6 प्रचार कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं. वे लगातार ग्राउंड एक्टिविटी के जरिए संगठन को मजबूती देने की कोशिश करते रहे. आज मतगणना में केरल के आए रुझानों के बीच पायलट के दिल्ली कार्यालय पर शुभचिंतकों की आवाजाही बढ़ गई है. 140 सीटों वाले केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन करीब 100 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. आज केरल, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुदुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना चल रही है. इनमें पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी और असम में बीजेपी तथा तमिलनाडु में टीवीके बढ़त बनाए हुए है.
पायलट को ‘क्राउड पुलर’ वाला नेता माना जाता है
कांग्रेस के युवा नेता सचिन पायलट को ‘क्राउड पुलर’ वाला नेता माना जाता है. राजस्थान में कांग्रेस पूर्व सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों में बंटी हुई है. सचिन पायलट युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं. पायलट और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को राजस्थान में ‘क्राउट पुलर’ नेता माना जाता है. पायलट के सभी कार्यक्रमों में युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों की भी अच्छी खास भीड़ उमड़ती रही है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के साथ ही वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी का जिम्मा संभाल रहे पायलट राजस्थान के डिप्टी सीएम और केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. पायलट वर्तमान में राजस्थान के टोंक से विधायक हैं.
पायलट और गहलोत की राजनीतिक प्रतिद्वंदता देशभर में चर्चित हैराजस्थान में पायलट और गहलोत की राजनीतिक प्रतिद्वंदता लंबे समय से चली आ रही है. गहलोत के बीते कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी. डिप्टी सीएम के पद पर रहते हुए पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ ही मानेसर जा बैठे थे. उसके बाद गहलोत सरकार पर संकट आ गया था. पायलट के इस कदम को पार्टी ने उनकी बगावत मानते हुए उन्हें राजस्थान पीसीसी चीफ और डिप्टी सीएम पद से हटा दिया था. सीएम की कुर्सी को लेकर पायलट और गहलोत के बीच हुई यह रस्साकस्सी देशभर में खासा चर्चा में रही थी. लेकिन पार्टी ने बाद में पायलट को फिर से अहम पद की जिम्मेदार देकर सम्मान से नवाजा था.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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