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Banglay Anti-Incumbency Dekha Geche Ki : बंगाल में सत्ता विरोधी लहर दिखी क्या? जनता का गुस्सा पड़ा भारी, बीजेपी ने TMC को दी पटखनी

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बंगाल में सत्ता विरोधी लहर दिखी क्या? ममता को भारी पड़ा जनता का गुस्सा

Last Updated:May 04, 2026, 15:33 IST

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध ताजा रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 192 सीट पर आगे है जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 95 सीट पर बढ़त बनाए हुए है.बंगाल में सत्ता विरोधी लहर दिखी क्या? ममता को भारी पड़ा जनता का गुस्साZoomपश्चिम बंगाल में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही हैै. (पीटीआई

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में एंटी-इंकम्बेंसी (सत्ता-विरोधी लहर) के सवाल का जवाब सीधा “हां” या “नहीं” में देना मुश्किल है, क्योंकि तस्वीर काफी मिश्रित नजर आती है. राज्य में कुछ क्षेत्रों में निश्चित रूप से सरकार के खिलाफ नाराज़गी के संकेत दिखे हैं, लेकिन यह लहर अभी इतनी व्यापक या निर्णायक नहीं दिखती कि पूरे राजनीतिक संतुलन को बदल दे.

सबसे पहले, स्थानीय स्तर पर कई मुद्दों – जैसे भ्रष्टाचार के आरोप, पंचायत स्तर पर हिंसा, भर्ती घोटालों और कानून-व्यवस्था को लेकर असंतोष – ने एंटी-इंकम्बेंसी की भावना को जन्म दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों और कुछ शहरी जेबों में लोगों के बीच यह भावना देखी गई कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है. यही कारण है कि विपक्ष को कुछ जगहों पर बढ़त बनाने का मौका मिला.

हालांकि, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष का मजबूत संगठन, जमीनी पकड़ और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव इस नाराज़गी को पूरी तरह लहर बनने से रोकता नजर आता है. कई लाभार्थी वर्ग – जैसे महिलाओं और गरीब तबकों – में सरकार के प्रति समर्थन अब भी कायम है, जो एंटी-इंकम्बेंसी को संतुलित करता है.

राजनीतिक तौर पर भी विपक्ष अभी पूरी तरह एकजुट नहीं दिखता, जिससे सत्ता विरोधी वोट का बिखराव होता है. इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलता है और एंटी-इंकम्बेंसी का असर सीमित रह जाता है.

कुल मिलाकर, बंगाल में एंटी-इंकम्बेंसी के ‘पॉकेट्स’ जरूर हैं – यानी कुछ इलाकों में नाराज़गी स्पष्ट है – लेकिन राज्यव्यापी लहर बनने के लिए अभी कई कारकों का एक साथ आना बाकी है. आने वाले चुनावों में यह तय होगा कि यह असंतोष बढ़ता है या फिर संगठन और योजनाओं के दम पर सत्ता पक्ष इसे काबू में रखता है.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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